जज की यह टिप्पणी कि “पैसे नहीं दे सकते तो पत्नी को घर ले जाओ, कम से कम खाना तो बनाएगी”, ने बहस को और भी तल्ख बना दिया. अब मामला सिर्फ एक पति-पत्नी का नहीं रहा बल्कि उस कंपनी के गले की फांस बन गया है जिसे अब कोर्ट में हलफनामा देकर यह बताना होगा कि आखिर वह अपने कर्मचारियों का शोषण कर रही है या कोर्ट को गुमराह करने की यह कोई नई चाल है!
सवाल कमाई का या नीयत का?
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार जब वकील ने ₹325 प्रतिदिन की कमाई का हवाला दिया तो कोर्ट ने इसे सिरे से खारिज करते हुए कहा, “यह संभव ही नहीं है.” कोर्ट ने आदेश दिया कि पति को हर महीने ₹10,000 मेंटेनेंस के रूप में देने होंगे. वकील ने तुरंत सफाई देते हुए कहा, “हुजूर, वह इतना बोझ नहीं उठा सकता. मेरे साथी इस बात का हलफनामा देने को तैयार हैं कि उसे वाकई इतना ही भुगतान किया जा रहा है.”
इस पर कोर्ट ने एक व्यवहारिक लेकिन तीखी टिप्पणी की. जज ने कहा, “फिर आप अपनी पत्नी को अपने साथ ही रखिए. वह आपके लिए खाना बनाएगी, आपके बच्चों का ख्याल रखेगी”. जवाब में वकील ने पारिवारिक कड़वाहट का जिक्र करते हुए कहा कि पत्नी ने माता-पिता पर भी केस कर दिया है और अब रिश्ते का बचना मुश्किल है.
अंत में, जब मामला उस कंपनी तक पहुंचा जहां पति काम करता है तो कोर्ट ने कहा कि हम कंपनी को ही बुला लेते हैं और उनसे हलफनामा मांगते हैं कि वे इतनी कम सैलरी कैसे दे रहे हैं. वकील ने भी इस पर चुटकी लेते हुए कहा, “हां हुजूर, यह बाकी कर्मचारियों के लिए भी अच्छा होगा, शायद उनकी सैलरी बढ़ जाए.”
सवाल-जवाब
सुप्रीम कोर्ट में पति के वकील ने कितनी कमाई का दावा किया?
पति के वकील ने कोर्ट में दावा किया कि उनका मुवक्किल प्रतिदिन केवल ₹325 कमाता है.
जब वकील ने ₹10,000 देने में असमर्थता जताई, तो कोर्ट ने क्या विकल्प दिया?
कोर्ट ने कहा कि यदि वह मेंटेनेंस नहीं दे सकता, तो उसे अपनी पत्नी को साथ रखना चाहिए, जो उसके और बच्चों के लिए खाना बनाएगी और घर संभालेगी.
क्या कोर्ट ने इस मामले में अंतिम फैसला सुना दिया है?
नहीं, कोर्ट ने फिलहाल अपना आदेश सुरक्षित (Reserve) रख लिया है और कंपनी से जवाब मांगने के संकेत दिए हैं.
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



