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आजमगढ़: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार के द्वारा कई तरह की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है. शहर से लेकर गांव तक में स्थानीय पर्यटन के विकास के लिए हर गांव, हर जिले में जगह को चिन्हित करके उनका विकास किया जा रहा है. गांवों के पुराने और पौराणिक मंदिरों के जीर्णोद्धार से लेकर हर शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार के द्वारा कई तरीके की सुविधाएं विकसित की जा रही हैं. जरूरत के अनुसार हर जिलों में होमस्टे से लेकर टूरिस्टों को ट्रांसपोर्टेशन और उन्हें बेहतर अनुभव उपलब्ध कराने के लिए यह कार्य किया जा रहा है.

मेरा गांव मेरी धरोहर योजना का मकसद

इसी के तहत प्रदेश के गांव की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के उद्देश्य से मेरा गांव मेरी धरोहर योजना की शुरुआत भी की गई है, जिला पर्यटन विभाग की तरफ से अभी तक इसमें जनपद के 250 से अधिक मंदिर और पर्यटन स्थलों को इस पर अपलोड किया गया है, ताकि देश और दुनिया के हर कोने में बैठे लोग यूपी के गांव-गांव में उपलब्ध ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों की जानकारी प्राप्त कर सकें. इससे सात समुंदर पार से भी लोग अपने लोक संस्कृति, हर गांव के प्रसिद्ध मंदिर, मेला, तालाब प्राचीन स्थल एवं अन्य धरोहरों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे.

जिला प्रशासन के अनुसार इस योजना के तहत गांव के प्राचीन मंदिरों, लोक कला पारंपरिक खेती पद्धति और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े स्थलों का दस्तावेजीकरण किया जाएगा. इसके लिए राजस्व पर्यटन और पंचायती विभाग की संयुक्त टीम के द्वारा सर्वे भी किया जा रहा है. इस काम को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए सभी गांव के ग्राम सचिवों को भी निर्देशित किया गया है वह अपने-अपने गांव में मौजूद ऐसे स्थलों को चिन्हित करते हुए उनकी विस्तृत प्रोफाइल तैयार कर कर पोर्टल पर अपलोड करेंगे.

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

जिला पंचायती राज अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि मेरा गांव मेरी धरोहर योजना के अंतर्गत स्थानीय धरोहरों को ऑनलाइन माध्यम से जोड़ा जा रहा है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इसके बारे में एक जगह जानकारी एकत्रित कर सकें. इससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ साथ साथ स्थानीय उत्पादों को बाजार भी उपलब्ध कराया जा सकेगा. इससे युवाओं को गांव में ही रोजगार के नए अवसर मिल सकेंगे और ग्रामीण क्षेत्र के पर्यटन स्थल भी मानचित्र पर उभर सकेंगे. (मेरा गांव मेरी धरोहर) mgmd.gov.in के इस आधिकारिक पोर्टल पर देश-विदेश के पर्यटक हर स्थान की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे इससे प्रदेश के साथ-साथ देश के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलसकेगा.

आजमगढ़ में मौजूद हैं कई ऐतिहासिक, धार्मिक और पौराणिक स्थल

बता दें कि पर्यटन की दृष्टि से आजमगढ़ में कई ऐतिहासिक धार्मिक और पौराणिक स्थल मौजूद हैं, जिनमें जनपद के फूलपुर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत दुर्वासा ऋषि धाम, निजामाबाद तहसील क्षेत्र के अंतर्गत दत्तात्रेय धाम, चंद्रमा ऋषि आश्रम के साथ-साथ महाराजगंज में भैरव बाबा स्थान पलानी में पल्हना देवी मंदिर, रानी की सराय में अवंतिका पुरी धाम जैसे कई ऐतिहासिक,धार्मिक और पौराणिक क्षेत्र मौजूद है. जिन्हें पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा समय-समय पर कार्य किया जा रहा है.

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