अलीगढ़ न्यूजः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के एग्रीकल्चर माइक्रोबायोलॉजी शोधकर्ता शिरजील अहमद ने “फॉरएवर केमिकल्स” यानी पीएफएएस (Per- and Polyfluoroalkyl Substances) को लेकर गंभीर चेतावनी दी है. उन्होंने बताया कि इन केमिकल्स में कार्बन-फ्लोरीन का बेहद मजबूत बंधन होता है. जिससे ये पर्यावरण में लगभग कभी नष्ट नहीं होते. 1940 के दशक से इनका उपयोग नॉन-स्टिक बर्तनों, फूड पैकेजिंग और अग्निशमन फोम में हो रहा है. समस्या यह है कि ये पानी, मिट्टी और हवा के जरिए पूरी फूड चेन में फैल जाते है. पीएफएएस शरीर में जमा होकर इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकते है और कैंसर, लिवर व किडनी रोग का खतरा बढ़ा सकते है. विशेषज्ञों ने सख्त नियम और सुरक्षित विकल्प विकसित करने की जरूरत बताई है.
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



