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Agra News: .उत्तर प्रदेश के आगरा को प्राचीन और ऐतिहासिक शहरों में गिना जाता है. यहां कई ऐसे प्राचीन और अद्भुत मंदिर हैं, जिनकी अपनी अलग मान्यताएं और विशेष पहचान है. इन्हीं में से एक मंदिर कोठी मीना बाजार के पास स्थित मां चामुंडा देवी का मंदिर है. इस मंदिर को घंटेवाला मंदिर के नाम से भी जाना जाता है.

आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा स्‍थि‍त मीना बाजार में मौजूद मां चामुंडा देवी मंदिर का अपना इत‍िहास है. इस मंदिर को घंटेवाला मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. मंदिर में दर्शन करने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचते हैं और मां के दरबार में अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं. मंदिर में सेवा करने वाली सेविका ने बताया कि इस मंदिर को घंटेवाला मंदिर इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यहां भक्त मां चामुंडा देवी को घंटे अर्पित करते हैं.

उन्होंने बताया कि श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर मां के दरबार में आते हैं. जब उनकी इच्छा पूरी हो जाती है, तो वे दोबारा मंदिर पहुंचकर अपनी श्रद्धा के हिसाब से छोटे या बड़े घंटे चढ़ाते हैं. यही वजह है कि मंदिर में अलग-अलग आकार के घंटे देखने को मिलते हैं. भक्तों का मां चामुंडा देवी के प्रति गहरा विश्वास है. यहां आने वाले श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर मां से परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं.

अस्पताल में आने वाले तिमारदार मांगते है मन्नत

स्‍थानीय लोगों का कहना है कि‍ प्राचीन मां चामुंडा देवी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है. इस मंदिर को घंटेवाला मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. मंदिर में पुजारी का कार्य करने वाली कमलेश गोस्वामी ने बताया कि यहां दूर-दराज से भक्त दर्शन करने आते हैं. लखनऊ और जयपुर समेत कई शहरों से श्रद्धालु मां के दरबार में पहुंचते हैं. मंदिर के पास ही एक अस्पताल है, जहां भर्ती मरीजों के परिजन मां के दरबार में आकर उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं. मान्यता है कि मनोकामना पूरी होने पर भक्त मां को अपनी श्रद्धा के अनुसार घंटा चढ़ाते हैं. यही परंपरा इस मंदिर को खास पहचान देती है.

विधि विधान से पूजा करने पर मां मनोकामनायें करती है पूर्ण

मंदिर की पुजारी कमलेश गोस्वामी ने बताया कि मां चामुंडा देवी के दरबार में आने वाले श्रद्धालु विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं. उन्होंने कहा कि भक्त सच्चे मन और पूरी श्रद्धा के साथ मां से अपनी मनोकामना मांगते हैं. मान्यता है कि मां अपने भक्तों की हर मुराद पूरी करती हैं. कमलेश गोस्वामी ने बताया कि नवरात्रि के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. स्थिति ऐसी होती है कि मंदिर परिसर में पैर रखने तक की जगह नहीं बचती. इस दौरान दूर-दराज से बड़ी संख्या में भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं. श्रद्धालु मां को उपहार स्वरूप घंटे, नारियल और चुनरी अर्पित करते हैं. नवरात्रि में मंदिर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है.

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