Image Slider

होमताजा खबरदेशकांग्रेस शासित राज्‍य आ रहा अपनी स्‍पेस पॉलिसी, अंतरिक्ष से कचरा हटाने पर काम

Last Updated:

Telangana Space Policy: तेलंगाना सरकार ने भारत फ्यूचर सिटी में स्पेस सिटी के बाद अगले साल अपनी समर्पित स्पेस पॉलिसी लाने का ऐलान किया है. आईटी मंत्री डी श्रीधर बाबू और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कॉस्मोसर्व स्पेस के ‘Base 1’ फैसिलिटी का उद्घाटन किया. यह स्पेस कचरा हटाने और सैटेलाइट सर्विसिंग का देश का पहला प्राइवेट इंटीग्रेटेड सेंटर है. भारत की स्पेस इकोनॉमी अगले एक दशक में 45 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है.

कांग्रेस शासित राज्‍य आ रहा अपनी स्‍पेस पॉलिसी, अंतरिक्ष से कचरा हटाने पर कामZoom

सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है.

अंतरिक्ष की असीम ऊंचाइयों पर अब भारत की अपनी स्पेस पावर का परचम लहराने वाला है, और इस बड़े खेल में बाजी मारी है तेलंगाना ने. हैदराबाद को अब तक आईटी और फार्मा का किंग माना जाता था, लेकिन अब तेलंगाना ने वो मास्टरस्ट्रोक खेला है जो पूरे देश के एयरोस्पेस सेक्टर में तहलका मचाने जा रहा है. भारत फ्यूचर सिटी में मेगा स्पेस सिटी के ऐलान के ठीक बाद, राज्य सरकार ने अगले साल भारत की सबसे एडवांस्ड स्पेस पॉलिसी लाने का हुंकार भर दिया है. हैदराबाद में भारत के पहले प्राइवेट स्पेस कचरा रिमूवल सेंटर Base 1 के उद्घाटन के साथ ही यह साफ हो चुका है कि तेलंगाना अब सिर्फ जमीन पर नहीं बल्कि अंतरिक्ष के खरबों डॉलर के साम्राज्य पर भी राज करने के लिए तैयार है.

तेलंगाना अब स्पेस सेक्टर में गाड़ेगा झंडे
हैदराबाद और तेलंगाना अब सिर्फ आईटी और फार्मा का हब नहीं रहे, बल्कि अब अंतरिक्ष की दुनिया में भी बड़ा धमाका करने जा रहे हैं. टाइम्‍स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक भारत फ्यूचर सिटी में एक समर्पित ‘स्पेस सिटी’ की घोषणा के बाद, राज्य सरकार ने अगले साल अपनी अलग ‘स्पेस पॉलिसी’ लाने का मेगा प्लान बनाया है. आईटी और उद्योग मंत्री डी श्रीधर बाबू ने यह बड़ा ऐलान करते हुए साफ कर दिया कि तेलंगाना अब एयरोस्पेस और डिफेंस का नया किंग बनने के लिए पूरी तरह तैयार है.

हैदराबाद में खुला ‘Base 1’, स्पेस कचरे का होगा अंत
इस विजन को रफ्तार देते हुए कॉस्मोसर्व स्पेस ने हैदराबाद में अपनी नई फैसिलिटी Base 1 की शुरुआत कर दी है. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और श्रीधर बाबू ने इसका वर्चुअल उद्घाटन किया. यह स्पेस कचरा साफ करने और इन-ऑर्बिट सैटेलाइट सर्विसिंग का भारत का पहला प्राइवेट इंटीग्रेटेड सेंटर है. माइक्रो-गैविटी सिमुलेशन क्षमताओं से लैस यह फैसिलिटी दुनिया का छठा ऐसा एडवांस्ड सेंटर बन गया है.

9 बिलियन डॉलर से 45 बिलियन डॉलर तक की लंबी छलांग
उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले कुछ सालों में भारत का स्पेस सेक्टर “चमत्कारी” रफ्तार से आगे बढ़ा है. देश में स्पेस स्टार्टअप्स की संख्या दहाई के आंकड़े से बढ़कर करीब 450 हो चुकी है. वर्तमान में भारत की स्पेस इकोनॉमी लगभग $9 बिलियन की है, जो अगले 10 सालों में उछाल मारकर $40-$45 बिलियन तक पहुंचने का दम रखती है. युवाओं को ट्रेंड करने के लिए यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी में स्‍पेसटेक को 34वीं वर्टिकल के रूप में जोड़ा जा रहा है.

कॉस्मोसर्व का बड़ा विजन, 2027 में फुल-स्केल डेमो
कॉस्मोसर्व ने हाल ही में $6 मिलियन की सीड फंडिंग जुटाई है, जिससे इसकी कुल फंडिंग $9 मिलियन से अधिक हो गई है. जुलाई 2026 में स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 (Vikram-1) पर कॉस्मोसर्व ने अपना ‘मिशन एम्ब्रेस’ (Mission Embrace) पेलोड भेजा था. संस्थापक और सीईओ चिरंजीवी फणींद्र के अनुसार, अब कंपनी 2027 में फुल-स्केल स्पेस डेब्रिस कैप्चर का लाइव डेमो करेगी, जो गगनयान और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए स्पेस ऑर्बिट्स को सुरक्षित रखेगा.

About the Author

authorimg

Sandeep GuptaChief Sub Editor

पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…

और पढ़ें

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||