गाजियाबाद। शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ ही लोगों की सेहत पर इसका असर दिखाई देने लगा है। हवा में बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को गले में खराश, दर्द और सूखी खांसी की परेशानी हो रही है। वहीं, छोटे बच्चे भी प्रदूषित हवा की चपेट में आ रहे हैं। जिला एमएमजी अस्पताल और संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल की ओपीडी में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं।
जिला एमएमजी अस्पताल में रोजाना करीब 400 से 500 मरीज गले में खराश, दर्द, खांसी और सांस संबंधी परेशानियों के साथ पहुंच रहे हैं। इनमें करीब 130 से 150 बच्चे शामिल हैं। इसी तरह संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल में रोजाना 300 से 350 मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। इनमें 80 से 90 बच्चे शामिल हैं।
छोटे बच्चों में सूखी खांसी और सिर दर्द की समस्या
छोटे बच्चों में सूखी खांसी और सिर दर्द की समस्या अधिक देखी जा रही है। कई बच्चों को गले में जलन और खराश के साथ लगातार खांसने की शिकायत हो रही है। अभिभावक बच्चों को लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित होने की प्रक्रिया में रहती है। ऐसे में प्रदूषण का असर उन पर जल्दी दिखाई दे सकता है।
बिना जरूरत घर से बाहर न निकलें बच्चे
संजयनगर स्थित संयुक्त अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्चना सिंह का कहना है कि प्रदूषण बढ़ने से बच्चों में खांसी, गले में खराश और सिर दर्द की शिकायतें सामने आ रही हैं। अभिभावक बच्चों को सुबह और शाम के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने दें। बाहर जाने पर मास्क का इस्तेमाल कराएं। बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाएं और खानपान का विशेष ध्यान रखें। लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी होने पर डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
गले में परेशानी होने पर बरतें सावधानी
एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम वर्मा का कहना है कि प्रदूषित हवा के कारण गले में जलन, खराश, दर्द और सूखी खांसी की समस्या बढ़ सकती है। सुबह और शाम के समय सैर करने से परहेज करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं और धूल-धुएं के संपर्क में आने से बचें। जिन लोगों को पहले से सांस संबंधी परेशानी है, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। परेशानी बढ़ने पर खुद दवा लेने के बजाय चिकित्सक से जांच करानी चाहिए।