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दिल्ली में वायु प्रदूषण ने एक बार फिर खतरनाक रूप धारण कर लिया है। बुधवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी की हवा बेहद जहरीली दर्ज की गई, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सुबह 7:41 बजे समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 605 के रिकॉर्ड और खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। शहर के अधिकांश हिस्सों में प्रदूषण का स्तर ‘गंभीर’ श्रेणी में बना हुआ है, जिससे लोगों को सांस लेने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।






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दिल्ली वायु प्रदूषण
– फोटो : PTI


प्रमुख क्षेत्रों में एक्यूआई की स्थिति

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, शहर के कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता रेड जोन से भी ऊपर चली गई है। इंडिया गेट पर एक्यूआई 414, गाजीपुर में 410 और धौला कुआं में 417 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आते हैं। इसके अलावा, पंजाबी बाग में 452, आईटीओ में 418 और आरके पुरम में 423 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया।

चांदनी चौक (369), आईजीआई एयरपोर्ट टी3 (358), लोधी रोड (304) और वसुंधरा एन्क्लेव (328) जैसे इलाकों में हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। वहीं, आनंद विहार में एक्यूआई 300 रहा, जो ‘खराब’ श्रेणी के अंतर्गत आता है।


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दिल्ली वायु प्रदूषण
– फोटो : PTI


प्रशासनिक सख्ती और ट्रैफिक प्रतिबंध

हवा की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है। दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर पुलिस द्वारा विशेष जांच अभियान चलाया गया है, जिसके तहत वाहनों के प्रवेश पर कड़े प्रतिबंध और नियमों की जांच की जा रही है। ये प्रतिबंध ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप-2) के प्रावधानों के तहत लागू किए गए हैं ताकि प्रदूषण के स्तर को और अधिक बढ़ने से रोका जा सके।


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दिल्ली में बढ़ा वायु प्रदूषण
– फोटो : अमर उजाला


सरकार का पक्ष और पराली प्रबंधन

इस बीच, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को स्थिति पर बयान देते हुए कहा कि केंद्र सरकार का वायु गुणवत्ता पैनल मौसम की हर गतिविधि जैसे हवा की दिशा, गति और आवाजाही पर बारीक नजर रखे हुए है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हालात से निपटने के लिए हरसंभव आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार ने यह भी दावा किया कि पिछले वर्षों के मुकाबले पराली जलाने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार, इस बार लगभग 40 प्रतिशत धान की पराली का सदुपयोग एक्स-सीटू प्रबंधन के जरिए किया गया है, जिससे प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलने की उम्मीद है।


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