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Jammu Kashmir Darbar Move: रियासत की 154 साल पुरानी ऐतिहासिक विरासत को नया जीवन देते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार ने जम्मू के सचिवालय से अपना कामकाज विधिवत शुरू कर दिया है. डोगरा शासकों के दौर से चली आ रही और 2021 में थमी ‘दरबार मूव’ की इस रिवायत को बहाल किए जाने पर विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने इसे जनता की भावनाओं और क्षेत्रीय संतुलन की जीत बताया.

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154 साल पुरानी रिवायत जिंदा: श्रीनगर के बाद अब जम्मू से चलेगी सरकारZoom

अब्दुल रहीम राथर ने कहा कि सरकार ने सोच-समझकर ‘दरबार मूव’ की वापसी का फैसला लिया.

Jammu Kashmir Darbar Move: जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने 2 नवंबर को कहा कि 2025 में ‘दरबार मूव’ को फिर से शुरू करने का फैसला सरकार ने लोगों की इच्छाओं और आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए लिया है. बता दें कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने सोमवार से जम्मू से अपना कामकाज फिर शुरू कर दिया है. यह ‘दरबार मूव’ का हिस्सा है. ‘दरबार मूव’ 154 साल पुरानी साल में दो बार होने वाली एक परंपरा है, जिसमें जम्मू-कश्मीर सरकार अपनी राजधानी और प्रशासनिक कार्यालयों को श्रीनगर और जम्मू के बीच स्थानांतरित करती है. इसे 1872 में डोगरा शासकों ने शुरू किया था.

उपराज्यपाल के नेतृत्व वाले प्रशासन ने 2021 में इस परंपरा को बंद कर दिया था, लेकिन अक्टूबर 2025 में उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार ने इसे फिर से बहाल कर दिया. जम्मू में ‘दरबार मूव’ के पहले दिन विधानसभा कक्ष में पत्रकारों से बात करते हुए राथर ने कहा, ‘दरबार मूव’ कोई नई बात नहीं है. इसमें कोई शक नहीं कि ‘दरबार मूव’ को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था, लेकिन पिछले साल इसे फिर से शुरू कर दिया गया. हमने जम्मू और कश्मीर के लोगों की वहां पूरे छह महीने तक सेवा की. हम यहां भी ऐसा ही करेंगे. यहां ‘दरबार मूव’ कई सालों से होता आ रहा है.

राथर ने कहा कि यह कोई नई परंपरा नहीं है, इसे दशकों तक निभाया जाता रहा था, बस कुछ सालों के लिए इसे रोक दिया गया था. उन्होंने कहा कि ‘दरबार मूव’ को फिर से शुरू करना लोगों की इच्छा के अनुरूप है. उन्होंने कहा कि यह पुरानी परंपरा आगे भी दोनों क्षेत्रों के लोगों की सेवा करती रहेगी.

राथर ने अगले साल की शुरुआत में होने वाले बजट सत्र के सुचारू रूप से चलने पर भी भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि उनके पास चार दशकों का अनुभव है, इसलिए विधायी सत्रों का संचालन करना उनके लिए कोई नई चुनौती नहीं है. उन्होंने कहा कि पिछले बजट सत्र के दौरान विपक्ष सहित सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को अपने विचार और चिंताएं रखने का मौका दिया गया था.

उन्होंने कहा कि लगभग सभी सदस्यों ने सदन की कार्यवाही के संचालन के तरीके पर संतोष जताया. सरकार में चार नए मंत्रियों को शामिल किए जाने पर राथर ने कहा कि उन्हें नए और अनुभवी मंत्रियों से यही उम्मीद है कि वे लोगों की इच्छाओं और आकांक्षाओं के अनुरूप काम करेंगे.

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राकेश रंजन कुमार

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…

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