गाजियाबाद। जनपद में रविवार को 44 केंद्रों पर आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) में 28,562 अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा देने के लिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने ट्रेन से सफर किया। इसका असर सुबह से ही गाजियाबाद जंक्शन पर दिखाई देने लगा। पहली पाली के अभ्यर्थियों के पहुंचने से शुरू हुआ आवाजाही का सिलसिला दूसरी पाली की परीक्षा छूटने के बाद तक जारी रहा। शाम को अभ्यर्थियों की वापसी के चलते स्टेशन पर दबाव और बढ़ गया। इस दौरान टिकट काउंटर, प्रवेश मार्ग और प्लेटफॉर्म पर अभ्यर्थियों के साथ आम यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुबह से ही स्टेशन पर अभ्यर्थियों और उनके परिजनों की आवाजाही रही। टिकट केंद्र पर पांच काउंटर संचालित होने के बावजूद कतारें लगी रहीं। स्टेशन के अंदर कुछ यात्री बिना सुरक्षा जांच के प्रवेश करते दिखाई दिए। शाम पांच बजे दूसरी पाली की परीक्षा छूटने के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी ट्रेन पकड़ने के लिए स्टेशन पहुंचे। इस दौरान प्लेटफॉर्म संख्या एक और दो पर सबसे अधिक दबाव रहा।
स्टेशन का मुख्य प्रवेश मार्ग निर्माण कार्य के चलते बंद होने से अभ्यर्थियों को जर्जर और धूल भरे वैकल्पिक रास्ते से गुजरना पड़ा। ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में इस रास्ते पर गिरने का डर भी बना रहा। वहीं, स्टेशन से बाहर की ओर जाने वाला एस्केलेटर शाम को बंद मिला। इससे यात्रियों की और अधिक परेशानी बढ़ गई। शाम करीब पौने छह बजे सहारनपुर जाने वाली ईएमयू प्लेटफॉर्म संख्या एक पर पहुंची तो ट्रेन के पूरी तरह रुकने से पहले ही यात्रियों ने चढ़ना-उतरना शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ यात्री पटरियों की ओर भी बढ़ गए। हालांकि, इस दौरान मौके पर आरपीएफ की टीम तैनात रही। मुजफ्फरनगर निवासी अभ्यर्थी प्रशांत ने बताया कि भीड़ के कारण परेशानी हुई।
अलीगढ़ निवासी चेतन कुमार ने बताया कि टिकट काउंटर पर करीब 15 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। इसके बाद ट्रेन पकड़ने के लिए दौड़ लगानी पड़ी। दिल्ली मंडल के पीआरओ अजय माइकल ने बताया कि ट्रेनों और स्टेशन पर पर्याप्त व्यवस्थाएं की गई थीं। यात्रियों का दबाव बढ़ने से भीड़ हुई, लेकिन व्यवस्थाओं में कोई खास कमी नहीं थी।