मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी INDIA गठबंधन ने शनिवार को दिल्ली में प्रतीकात्मक ‘जनता का महाभियोग’ कार्यक्रम आयोजित किया. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 21 विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए. पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने संसदीय कार्यवाही की तर्ज पर आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की.
विपक्ष का यह आयोजन विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने और चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोपों के विरोध में किया गया. इस दौरान INDIA गठबंधन के दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त से इस्तीफे की मांग दोहराई है. विपक्ष का आरोप है कि SIR के नाम पर पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जा रहे हैं और चुनाव आयोग अपनी निष्पक्षता बनाए रखने में नाकाम रहा है.
वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इंडी गठबंधन की ‘मॉक पार्लियामेंट’ पर करारा कटाक्ष किया है. बीजेपी प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए कहा कि भारत में अराजकता फैलाने के अपने इरादों में नाकाम रहने के बाद कांग्रेस ने अपने बिगड़े हुए शहजादे को खुश करने के लिए एक ‘नकली संसद’ यानी एक बनावटी ड्रामा आयोजित किया.
CEC Gyanesh Kumar Impeachment LIVE: ‘जवाहरलाल नेहरू ने की थी पहली वोट चोरी…’ ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर बीजेपी
ज्ञानेश कुमार महाभियोग लाइव अपडेट्स: इंडी गठबंधन के मॉक पार्लियामेंट में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पेश महाभियोग प्रस्ताव पर बीजेपी ने करारा प्रहार किया है. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने शनिवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा, ‘यह कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के तथाकथित इंडी गठबंधन का मूल काम रहा है. वोट चोरी के विषय में जिस प्रकार से खरगे जी बता रहे थे. मैं तो खरगे जी को कहना चाहूंगा कि हां वोट चोरी में सच्चाई तो है, वोट चोरी हुई थी.’
पात्रा ने इसके साथ कहा, ‘हिंदुस्तान में अगर पहली वोट चोरी कहीं हुई तो वह वोट चोरी गांधी परिवार के पहले सदस्य पंडित जवाहरलाल नेहरू ने कांग्रेस के दिग्गज नेताओं का वोट चोरी करके किया. जिन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल को प्रधानमंत्री बनाने के लिए डब्बे में वोट डाला था, उस वोट को चोरी करके पंडित जवाहरलाल नेहरू देश के प्रधानमंत्री बने, अर्निवाचित प्रधानमंत्री…’
CEC Gyanesh Kumar Impeachment LIVE: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव में इंडिया ब्लॉक ने लगाए 6 गंभीर आरोप
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी इंडिया गठबंधन के सार्वजनिक महाभियोग के प्रस्ताव में कहा गया है, ’31 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एकत्र हुए INDIA जनबंधन के सांसद, जो भारत की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, और नागरिक, भारत के संविधान के अनुच्छेद 326 में निहित सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता दोहराते हुए और इस बात को ध्यान में रखते हुए कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यों से इस अधिकार पर बेहद गंभीर खतरा मंडरा रहा है, यह प्रस्ताव पारित करते हैं कि निम्नलिखित आरोपों के आधार पर उनके खिलाफ महाभियोग चलाया जाए’
इस प्रस्ताव में सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 6 आरोप भी लगाए हैं. . .
आरोप I: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी द्वारा लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों में वोट चोरी करने के लिए रची गई कुटिल और दुर्भावनापूर्ण आपराधिक साजिश की देखरेख की और उसमें स्वयं भी शामिल रहे. उन्होंने भाजपा को मतदाता सूचियों तक पहुंच प्रदान करके, अपनी मर्जी से मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने तथा चुनाव परिणामों में हेरफेर करने की अनुमति देकर जानबूझकर कानून के शासन का उल्लंघन किया है. वे भारत के लोकतंत्र की बुनियाद, हमारी चुनावी प्रक्रिया पर पहले से सुनियोजित हमले को अंजाम देने के दोषी हैं. यह एक आपराधिक कृत्य तथा राष्ट्र एवं भारत के संविधान के विरुद्ध देशद्रोह का कृत्य है.
आरोप II: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मतदाता सूचियों के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं, जिसके तहत मतदाता सूचियों में हेरफेर और काट-छांट की गई तथा यह प्रक्रिया विनाशकारी साबित हुई. उन्होंने जानबूझकर 13. 2 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटवाना सुनिश्चित किया, जिससे वे भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त मतदान के मौलिक अधिकार से वंचित हो गए. यह पूरी प्रक्रिया पक्षपातपूर्ण, अपारदर्शी और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन करने वाली रही है. यह एक आपराधिक कृत्य तथा राष्ट्र एवं भारत के संविधान के विरुद्ध देशद्रोह का कृत्य है.
आरोप III: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार संसद की निगरानी या जानकारी के बिना ही Registration of Electors’ Rules, 1960 के Form 6 में गैरकानूनी संशोधन करने के दोषी हैं. इसके जरिए वे पहली बार मतदाता बनने वाले नागरिकों का पंजीकरण रोकने और उनसे भारत के संविधान द्वारा प्रदत्त मतदान का मौलिक अधिकार छीनने की आपराधिक साजिश में शामिल हुए, जिससे भारत के नागरिक के रूप में उनके अधिकार वस्तुतः निष्प्रभावी हो गए. यह राष्ट्र एवं भारत के संविधान के विरुद्ध देशद्रोह का कृत्य है.
आरोप IV: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटाने और स्थानीय इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (EROs) को पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने से रोकने के उद्देश्य से ERONET/ECINET सॉफ्टवेयर का दुर्भावनापूर्ण इस्तेमाल करके मतदाता सूचियों पर नियंत्रण गैरकानूनी तरीके से भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के हाथों में केंद्रीकृत करने के दोषी हैं. यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों की प्रक्रिया में हेरफेर करने का आपराधिक प्रयास है, जिस पर भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की नींव टिकी है. यह राष्ट्र एवं भारत के संविधान के विरुद्ध देशद्रोह का कृत्य है.
आरोप V: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भारत निर्वाचन आयोग के सात सहयोगियों के साथ मिलकर जानबूझकर कानून का उल्लंघन करने के दोषी हैं. उन्होंने अन्य दो चुनाव आयुक्तों को जानबूझकर और गैरकानूनी तरीके से निर्णय लेने की प्रक्रिया से बाहर रखा, जिसके चलते दोनों चुनाव आयुक्तों को आधिकारिक रिकॉर्ड में कम से कम 14 आपत्तियां दर्ज करानी पड़ीं. यह भारत के संविधान में निर्धारित निर्वाचन आयोग के संवैधानिक दायित्वों का स्पष्ट उल्लंघन है और राष्ट्र एवं भारत के संविधान के विरुद्ध देशद्रोह का कृत्य है.
आरोप VI: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने स्वतंत्र रूप से कार्य करते हुए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने तथा भारत के संविधान की रक्षा करने के अपने संवैधानिक दायित्व का उल्लंघन किया है. उन्होंने बार-बार विपक्ष पर हमले किए, उसकी बात सुनने से इनकार किया और विपक्षी नेताओं को अपना पक्ष रखने से रोकने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के दरवाजे बंद कर दिए. जब विपक्षी नेताओं को गैरकानूनी तरीके से अयोग्य घोषित किया गया, चुनाव लड़ने से रोका गया और उनके कार्यालय के बाहर सड़कों पर उनके साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई, तब वे मूकदर्शक बने रहे. सत्तारूढ़ भाजपा के प्रति इस शर्मनाक आज्ञाकारिता के बदले ज्ञानेश कुमार के परिवार के कई सदस्यों को लाभ और अन्य सुविधाएं मिली हैं, जिनमें प्रतिष्ठित और लाभकारी पदों पर नियुक्तियां और आर्थिक लाभ प्राप्त करने के अभूतपूर्व अवसर शामिल हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर खुलेआम अपने संवैधानिक दायित्व के विरुद्ध काम करके ज्ञानेश कुमार ने भारत की जनता के भरोसे और विश्वास को तोड़ा है. उन्होंने जानबूझकर कानून के शासन को कमजोर किया है और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न चुनावों के परिणामों में हेरफेर तथा उन्हें गलत तरीके से प्रस्तुत करने की आपराधिक साजिश में भाग लिया है. ये चुनाव भारत के लोकतंत्र की आधारशिला हैं. ये राष्ट्र एवं भारत के संविधान के विरुद्ध देशद्रोह के कृत्य हैं.
CEC Gyanesh Kumar Impeachment LIVE: ‘सरकार को वोट का अधिकार लेने का अधिकार किसने दिया’
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाइव अपडेट: कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बाद अनीता जायसवाल को बोलने का मौका दिया गया. SIR में उनका वोट कट गया है. वह बोलीं कि ‘सरकार को वोट का अधिकार लेने का अधिकार किसने दिया है.’
CEC Gyanesh Kumar Impeachment LIVE: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘जन महाभियोग’ का सपा ने किया समर्थन
मल्लिकार्जुन खरगे के बाद समाजवादी पार्टी के लोकसभा सांसद हरेंद्र मलिक बोलने के लिए खड़े हुए और उन्होंने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन किया.
CEC Gyanesh Kumar Impeachment LIVE: ‘ज्ञानेश कुमार को कानून का सामना करना होगा’, महाभियोग प्रस्ताव पर मल्लिकार्जुन खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने इसके साथ ही कहा, ‘हम घुसपैठियों को रखने के लिए नहीं, असली वोट ना कटे इसके लिए कर रहे हैं. उल्टा चोर कोतवाल को डांटे ये वो कर रहे हैं… प्रोटेस्ट पर रोक लगाया. मेट्रो रेल आपने बंद किया और हमको बोलते हैं कि अराजकता फैला रहे हैं. हमारी मांग है ‘ज्ञानेश को हटाओ, SIR की प्रक्रिया रद्द करो, 2023 का कानून रद्द करो.’
उन्होंने कहा, ‘मैं प्रस्ताव रखता हूं ज्ञानेश कुमार पर महाभियोग चलाया जाए जो क्रिमिनल कांस्पीरेसी में शामिल हैं. उन्होंने कानून तोड़ा है.
ज्ञानेश कुमार ने राष्ट्रद्रोह किया है. वह SIR के लिए सीधे ज़िम्मेदार हैं. 14 करोड़ वोटर डिलीट कर दिया. फॉर्म 6 के लिए ज्ञानेश कुमार ज़िम्मेदार है. ज्ञानेश कुमार को मोदी द्वारा 2023 में आजीवन प्रोटेक्शन जो मिला है, वो इनको देश के खिलाफ क्रिमिनल चार्ज से बचाता है. उसको ख़त्म करना होगा. ज्ञानेश कुमार को कानून का सामना करना होगा.’
CEC Gyanesh Kumar Impeachment LIVE: ‘ज्ञानेश कुमार से कोई निजी बैर नहीं, लेकिन…’ सीईसी के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर बोले खरगे
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाइव अपडेट: सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘जन महाभियोग’ का प्रस्ताव पेश करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने संबोधन में सरदार वल्लभभाई पटेल और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जिक्र किया. उन्होंने दोनों को महान राष्ट्र निर्माता बताते हुए कहा कि देश और लोकतंत्र के लिए संघर्ष करने की जरूरत है. खरगे ने कहा कि विपक्ष किसी व्यक्ति के खिलाफ निजी लड़ाई नहीं लड़ रहा, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और निष्पक्ष चुनाव की मांग कर रहा है.
खरगे ने कहा, ‘CEC से हमारा कोई निजी बैर नहीं है. वह निष्पक्ष होकर काम करें.’ उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 से केंद्र सरकार सत्ता अपने पास बनाए रखने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रही है. उनके मुताबिक, विपक्ष का आरोप है कि पहले संस्थाओं के दुरुपयोग के जरिए राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाया गया और अब मतदाता सूची के पुनरीक्षण के जरिए विपक्ष के वोट काटने की कोशिश हो रही है.
कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने भाषण में ‘सांसद चोरी, सरकार चोरी, ED-CBI और अब वोट चोरी’ जैसे आरोपों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं, जिनके आधार पर वह चुनावी प्रक्रिया और संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है. खरगे ने आरोप लगाया कि SIR के जरिए गैरकानूनी तरीके से मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं. उन्होंने इसके लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी जिम्मेदार ठहराया. ये आरोप विपक्ष के राजनीतिक रुख का हिस्सा हैं.
CEC Gyanesh Kumar Impeachment LIVE Updates: ‘GEN-Z हमारी ओर बहुत उम्मीद से देख रहें’ CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग पर मीरा कुमार
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग लाइव अपडेट: इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने कहा कि यह सभा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक महाभियोग प्रस्ताव पर चर्चा के लिए बुलाई गई है. उन्होंने कहा कि संसदीय प्रक्रिया की तर्ज पर प्रस्ताव रखा जाएगा और उस पर वक्तव्य दिए जाएंगे.
मीरा कुमार के मुताबिक, इस कार्यक्रम में केवल राजनीतिक दलों के नेता ही नहीं, बल्कि SIR से प्रभावित लोगों और सिविल सोसाइटी के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है. विपक्ष का उद्देश्य मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान लोगों को हुई परेशानियों और उनके अनुभवों को सार्वजनिक मंच पर सामने लाना है.
मीरा कुमार ने अपने संबोधन में युवा पीढ़ी का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि Gen-Z यानी नई पीढ़ी विपक्ष की ओर बड़ी उम्मीद से देख रही है. उन्होंने संघर्ष का संदेश देते हुए कहा कि जो संकल्प लिया गया है, उसे पूरा करना है. उनके संबोधन में लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने की बात प्रमुखता से सामने आई.
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