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केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने बताया कि एनसीआर क्षेत्र में निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी। यह प्रतिबंध 5 नवंबर से 20 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। मंत्री ने कहा कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से 5 नवंबर से 20 नवंबर तक पूरे एनसीआर क्षेत्र में निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी। ये रोक दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में लगेगी। 

 

दिल्ली समेत एनसीआर में निर्माण और तोड़फोड़ पर रोक

दिल्ली में पहले ही एक नवंबर से निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर रोक का नोटिस जारी हो चुका है। अब वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग पूरे एनसीआर में इन गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाएगा। यह प्रतिबंध 5 नवंबर से 20 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। 

इन निर्माण कार्यों पर रहेगी छूट, एनसीआर के इन शहरों पर रहेगी रोक

हालांकि, राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं को इस रोक से छूट मिलेगी। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने बताया कि यह अवधि प्रदूषण के लिहाज से चरम समय मानी जाती है। यह उपाय गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर और सोनीपत सहित अन्य एनसीआर क्षेत्रों पर भी लागू होंगे। इन उपायों का लक्ष्य क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है। यह निर्णय वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को नियंत्रित करने के लिए लिया गया है।

ये है नियम और उसका उद्देश्य

इन 15 दिनों के दौरान, कार्यालयों को 50 फीसदी शारीरिक उपस्थिति के साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। यह कदम सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करने में सहायक होगा। इसका उद्देश्य प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना है। सरकार ने सभी संबंधित पक्षों से सहयोग की अपील की है। यह पहल प्रदूषण के खिलाफ सामूहिक प्रयास का हिस्सा है।

बारिश के बीच दिल्ली के प्रदूषण में सुधार नहीं

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान अर्नब और उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर में बारिश और तेज हवाएं चलीं, लेकिन प्रदूषण के स्तर में खास सुधार नहीं हुआ। बृहस्पतिवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 222 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में है। 

एनसीआर के कई शहरों में हवा ज्यादा खराब

हालांकि, बुधवार के 229 के मुकाबले इसमें सात अंकों की मामूली गिरावट आई। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले छह दिनों तक हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रहने की आशंका है।

बृहस्पतिवार तड़के से ही दिल्ली में घने बादल छाए रहे। कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलीं। इसके बावजूद प्रदूषण से बड़ी राहत नहीं मिली। 26 अक्तूबर को एक्यूआई 174 दर्ज किया गया था, जो 27 अक्तूबर को बढ़कर 197 और 28 अक्तूबर को 229 पहुंच गया। बृहस्पतिवार को इसमें मामूली सुधार दर्ज किया गया।

ग्रेटर नोएडा से ज्यादा प्रदूषित रहा ग्रेनो वेस्ट

आंध्र प्रदेश के तूफान अर्नब का असर ग्रेटर नोएडा और नोएडा में भी रहा। दिनभर आसमान में काले बादल छाए रहे। कई बार हल्की बारिश भी हुई। बारिश से शहर के तापमान गिरावट आई है लेकिन वायु प्रदूषण बृहस्पतिवार को भी ऑरेंज जोन में बरकरार है। ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 214 रहा। इसमें ग्रेनो से ज्यादा प्रदूषित ग्रेनो वेस्ट रहा है।

प्रदूषण से राहत के लिए दिल्ली में यमुना किनारे बनेगा ग्रीन कॉरिडोर

प्रदूषण और तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच दिल्लीवासियों को हरियाली और बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने महत्वपूर्ण पहल की है। यमुना के पश्चिमी तट पर ओल्ड रेलवे ब्रिज से एनएच-9 (पुराना एनएच-24) तक आधुनिक साइकिल ट्रैक और ग्रीन कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। 

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