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विमान में आग लगने की स्थिति में यात्रियों की जान बचाने और आग पर काबू पाने के लिए आईजीआई एयरपोर्ट पर विशेष प्रशिक्षण सुविधा विकसित होगी। एयरबस ए-320 विमान के पूरे आकार का ढांचा तैयार किया जाएगा। इस पर अग्निशमन और बचाव दल ईंधन में आग लगने, इंजन से लपटें उठने और केबिन में धुआं भरने जैसी आपात स्थितियों से निपटने का अभ्यास करेंगे। प्रेशर फेड फ्यूल फायर फाइटिंग फैसिलिटी के नाम से विकसित होने वाली इस सुविधा में दबाव के साथ बहने वाले ईंधन में लगी आग बुझाने के प्रशिक्षण पर जोर दिया जाएगा।

प्रस्तावित सुविधा में विमान के फ्यूजलेज (मुख्य ढांचा), पंखों, इंजन और लैंडिंग गियर सहित वास्तविक आकार के अनुरूप संरचना तैयार की जाएगी।  इसका उद्देश्य कर्मियों को आपात स्थिति में सही निर्णय लेने, अग्निशमन उपकरणों का प्रभावी इस्तेमाल करने और कम से कम समय में कार्रवाई करने के लिए तैयार करना है।

दबावयुक्त ईंधन की आग पर काबू पाने की चुनौती

प्रेशर फेड फ्यूल फायर फाइटिंग फैसिलिटी एक विशेष प्रशिक्षण व्यवस्था है। इसका इस्तेमाल दबावयुक्त पाइपलाइन या ईंधन प्रणाली से रिसाव के कारण लगी आग को नियंत्रित करने का अभ्यास कराने में किया जाता है। दबाव के साथ बाहर निकलने वाला ईंधन आग को तेजी से फैला सकता है। ऐसी स्थिति में आग बुझाने के लिए विशेष फोम, उपयुक्त उपकरण और प्रशिक्षित कर्मियों की जरूरत होती है। नई सुविधा में अग्निशमन दल को ऐसी ही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने का अभ्यास कराया जाएगा। 

मेडिकल सहायता तक का अभ्यास

नई सुविधा में प्रशिक्षण केवल आग बुझाने तक सीमित नहीं रहेगा। बचाव दल विमान के भीतर प्रवेश करने, यात्रियों के रूप में रखे गए डमी को बाहर निकालने और इमरजेंसी स्लाइड के जरिए निकासी का अभ्यास भी करेंगे। इसके बाद घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए मेडिकल कैंप तक पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया जाएगा। इसमें दिल्ली फायर सर्विस, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), एयरपोर्ट रेस्क्यू एंड फायर फाइटिंग (एआरएफएफ) टीम, मेडिकल स्टाफ और ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, तकि किसी भी  हालात से निपटा जा सके।

ये होती है प्रेशर फेड फ्यूल फायर फाइटिंग फैसिलिटी

प्रेशर फेड फ्यूल फायर फाइटिंग फैसिलिटी एक विशेष प्रकार का सिमुलेशन और प्रशिक्षण ढांचा होता है, जिसका उपयोग दबावयुक्त पाइपलाइन, विमान के ईंधन टैंक या औद्योगिक संयंत्रों से लीक होने वाले और दबाव के साथ बहने वाले तरल/गैस ईंधन में लगने वाली आग को बुझाने का अभ्यास कराने के लिए किया जाता है। 

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