Image Slider

होमताजा खबरदेशइस नंबर पर 9803338666 तुरंत कॉल करें… अगर प‍िंजरे में देखें नीलकंठ पक्षी

Last Updated:

Neelkanth Bird News: हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने लोगों से अपील की है कि दशहरे पर नीलकंठ पक्षी को पिंजरे में बंद न करें. उन्होंने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का हवाला देते हुए पक्षी दिखने पर टोल-फ्री नंबर टोल-फ्री नंबर 18004255364, 9803338666 या 112 पर तुरंत सूचना देने की अपील की है.

इस नंबर पर 9803338666 तुरंत कॉल करें… अगर प‍िंजरे में देखें नीलकंठ पक्षीZoom

VC Sajjanar, Hyderabad Police, Telangana State नीलकंठ पक्षी को बचाने की हैदराबाद पुल‍िस कर रही है अपील (फोटो: IANS)

हैदराबाद. टोल-फ्री नंबर 18004255364, 9803338666 या 112 पर तुरंत कॉल करें. हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार ने 20 अक्‍टूबर को लोगों से अपील की है अगर नीलकंठ पक्षी को प‍िंजरे में देखें तो तुरंत टोल फ्री नंबर पर कॉल करें. पुल‍िस कम‍िश्‍नर का कहना है क‍ि दशहरे पर नीलकंठ पक्षी को पिंजरे में बंद कर उसके पंख काटकर क्रूरता न दिखाने की अपील की.

कमिश्नर ने सोशल मीडिया पर लोगों से पालपिट्टा यानी नीलकंठ (इंडियन रोलर) को बचाने और क्रूरता-मुक्त दशहरा मनाने की अपील की. उन्होंने कहा क‍ि त्योहार का मतलब खुशी, आजादी और जीवों के प्रति करुणा है. लेकिन, दशहरे के शुभ अवसर पर कुछ लोग तेलंगाना के राजकीय पक्षी इंडियन रोलर के पंख काटकर उसे व्यापार के लिए पिंजरों में बंद रखते हैं.

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा क‍ि सोचिए, एक बेजुबान जीव को उसकी आजादी से वंचित कर, बिना खाने-पानी के तड़पता देख किसी को क्या फायदा होता है? उस पक्षी की पीड़ा में किसी को अच्छाई कैसे दिख सकती है?दरअसल, लोगों में मान्यता है कि दशहरे पर नीलकंठ पक्षी के दर्शन शुभ होते हैं और सौभाग्य लाते हैं. वीसी सज्जनार ने बताया कि नीलकंठ पक्षी हमारे पर्यावरण का रक्षक और किसान का सच्चा मित्र है. जब यह नीले आसमान में आजाद उड़ता है, तभी यह प्रकृति की सुंदरता और हमारे समाज का सम्मान है.

इस टोल फ्री नंबर पर करें कॉल
उन्होंने कहा क‍ि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम-1972 के तहत इंडियन रोलर को पकड़ना, बेचना या प्रदर्शित करना अपराध है. आइए इस त्योहार पर बेजुबान जीवों को आजादी दें. किसी भी हालत में पिंजरे में बंद पक्षियों के शो को बढ़ावा न दें. उन्होंने लोगों से जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील की और कहा कि अगर कहीं भी नीलकंठ पक्षी को पिंजरे में देखें तो तुरंत टोल-फ्री नंबर 18004255364, 9803338666 या 112 पर सूचना दें.

अभी कार्रवाई करें, नीलकंठ को बचाएं: पुल‍िस
वीसी सज्जनार ने अन्य अधिकारियों के साथ ‘अभी कार्रवाई करें, नीलकंठ को बचाएं’ नारे के साथ पोस्टर भी जारी किए. तेलंगाना वन विभाग ने भी लोगों से राज्य पक्षी को संरक्षित कर क्रूरता-मुक्त दशहरा मनाने की अपील की है और नीलकंठ को पकड़े जाने या प्रदर्शित किए जाने की सूचना अपने हेल्पलाइन नंबरों पर देने को कहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश में इस प्रजाति को कई खतरों का सामना करना पड़ रहा है, इसकी घटती संख्या को लेकर चिंता बढ़ रही है. एक हालिया रिपोर्ट में रहने की जगह खत्म होना, कीटनाशकों का इस्तेमाल और अवैध शिकार को इसके अस्तित्व के लिए मुख्य खतरा बताया गया है.

नीलकंठ अक्सर इस मान्यता के कारण क्रूरता का शिकार होता है कि दशहरे पर इसका दिखना सौभाग्य लाता है. दुर्भाग्य से, दर्शन सुनिश्चित करने के लिए इन पक्षियों को जंगल से बेरहमी से पकड़ा जाता है, उनके पंखों पर गोंद लगा दिया जाता है या पैरों को चिपका दिया जाता है ताकि वे उड़ न सकें. यह अमानवीय व्यवहार अक्सर उनकी पीड़ा और कुछ ही समय बाद मौत का कारण बनता है.

About the Author

authorimg

अरुण बिंजोला

अरुण बिंजोला वर्तमान में News18 हिंदी में एसोसिएट एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वह करीब 19 वर्षों से काम कर रहे हैं, जिसमें 13 वर्षों से अधिक समय डिजिटल मीडिया में बी…

और पढ़ें

img

खबरें पढ़ने का बेहतरीन अनुभव

QR स्कैन करें, डाउनलोड करें News18 ऐप या वेबसाइट पर जारी रखने के लिए यहां क्लिक करें

QR Code

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||