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मणिपुर में हुई ताजा हिंसा में चार लोगों की मौत के बाद तनाव बढ़ गया. अधिकारियों के मुताबिक, इम्फाल ईस्ट और कांगपोकपी जिलों की सीमा के पास जंगल में लकड़ी इकट्ठा करने गए लोगों पर हमला किया गया. घटना में चार अन्य लोग घायल हुए, जबकि तीन लोगों के लापता होने की सूचना है. गुस्साए स्थानीय लोग दोनों शव लेकर मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह के आवास पहुंचे और गेट के बाहर प्रदर्शन किया. स्थिति नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा कर्मियों ने आंसू गैस के गोले छोड़े.
मणिपुर में हुई ताजा हिंसा में चार लोगों की मौत के बाद तनाव बढ़ गया.
मणिपुर में भड़की ताजा हिंसा में चार लोगों की मौत के बाद राजधानी इंफाल में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है. सोमवार 19 अक्टूबर को मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह के इम्फाल स्थित आवास के बाहर स्थानीय लोग दो मृतकों के शव लेकर पहुंच गए और उन्हें मुख्यमंत्री आवास के गेट के बाहर रखकर विरोध प्रदर्शन करने लगे. हालात संभालने के लिए वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों ने आंसू गैस के गोले छोड़े और प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की.
यह विरोध प्रदर्शन जंगल में लकड़ी इकट्ठा करने गए लोगों पर कथित हमले के बाद हुआ. अधिकारियों के मुताबिक, सोमवार सुबह इम्फाल ईस्ट और कांगपोकपी जिलों की सीमा के पास गोलीबारी की घटना हुई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए. हमले का आरोप कुकी उग्रवादियों पर लगाया गया है.
लकड़ी लेने गए थे 16 लोग, रास्ते में घात लगाकर हमले का आरोप
अधिकारियों के अनुसार, एक गांव के 16 लोग सोमवार सुबह करीब सात बजे पहाड़ी इलाके में लकड़ी इकट्ठा करने गए थे. इसी दौरान खोंगबल सुनुरोक उयोक इलाके में उन पर कथित तौर पर घात लगाकर हमला किया गया. यह स्थान कांगपोकपी जिले में, इम्फाल ईस्ट के नोंगशुम गांव से कुछ ही दूरी पर बताया गया है.
मुख्यमंत्री आवास के बाहर शव रखकर जताया गुस्सा
इस घटना में अरुबम रोनिल (35) और लैरेनलाकपम इनाओबी (51) की मौत हो गई. अधिकारियों के मुताबिक, चार अन्य लोग घायल हुए हैं, जबकि तीन लोगों के लापता होने की भी सूचना है. लापता लोगों की तलाश और घटना से जुड़े हालात की जानकारी जुटाना अब जांच का अहम हिस्सा है.
दो लोगों की मौत की खबर फैलने के बाद स्थानीय लोग शव लेकर मुख्यमंत्री के आवास पर पहुंच गए. प्रदर्शनकारियों ने गेट के बाहर शव रखकर घटना के खिलाफ नाराजगी जताई और कार्रवाई की मांग की. स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षा बलों ने कई राउंड आंसू गैस के गोले छोड़े, ताकि भीड़ को वहां से हटाया जा सके.
चार घायल, तीन लोग अब भी लापता
इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताओं के लिए जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (JNIMS) ले जाया गया. प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह अपने आवास पर मौजूद थे या नहीं, इसकी तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी.
इस घटना ने इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. जहां दो लोगों की मौत हुई है, वहीं चार अन्य के घायल होने और तीन लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है. अधिकारियों की ओर से घटना की परिस्थितियों और लापता लोगों की स्थिति को लेकर आगे की जानकारी का इंतजार है.
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साद बिन उमर मीडिया इंडस्ट्री में 15 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं, जहां वे होम पेज डेस्क पर काम करते हैं.
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