Image Slider

अमर उजाला ब्यूरो


नई दिल्ली।

दिल्ली हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन स्थल पर अनुमति से अधिक समय तक मात्र मौजूद रहना अपराध नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (एसएससी) परीक्षाओं से जुड़े प्रदर्शन में शामिल एक प्रतियोगी परीक्षा अभ्यर्थी के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी। न्यायमूर्ति संजीव नरूला ने खुर्शीद अहमद की याचिका स्वीकार करते हुए कमला मार्केट पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 223(ए) (सार्वजनिक सेवक द्वारा जारी आदेश की अवज्ञा) और धारा 3(5) (सामान्य मंशा) के तहत दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 24 अगस्त 2025 को रामलीला मैदान में करीब 800 से 1,000 अभ्यर्थी जमा हुए थे। अनुमति केवल शाम 5 बजे तक थी, लेकिन कई प्रदर्शनकारी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत जारी निषेधात्मक आदेशों का उल्लंघन करते हुए वहां रुक गए। आरोप था कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कर्मियों से हाथापाई की, जिसके बाद अहमद सहित 44 लोगों को हिरासत में लिया गया। अहमद ने हाईकोर्ट में तत्काल सुनवाई की मांग करते हुए बताया कि उन्होंने एकलव्य मॉडल रेसिडेंशियल स्कूल की भर्ती परीक्षा पास कर ली है और उन्हें दस्तावेज सत्यापन के लिए उपस्थित होना है।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||