- ग्राम एकला में महिलाओं और बालिकाओं को किया जागरूक, सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान
- मिशन शक्ति 6.0 के तहत नवरात्रि के आठवें दिन विशेष अभियान, एएचटी थाना और संबंधित विभागों ने मिलकर चलाया जागरूकता कार्यक्रम
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने और महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट गाजियाबाद ने मिशन शक्ति 6.0 के तहत अभियान तेज कर दिया है। रविवार को शारदीय नवरात्रि के नौ दिवसीय विशेष अभियान के आठवें दिन वेव सिटी थाना क्षेत्र के ग्राम एकला में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सहायक पुलिस आयुक्त महिला अपराध शुचिता सिंह की मौजूदगी में महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन तथा सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में बाल विवाह सहित अन्य सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और समाज में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में एसीपी महिला अपराध शुचिता सिंह ने बाल विवाह को बच्चों के भविष्य और उनके सर्वांगीण विकास से जुड़ा गंभीर सामाजिक मुद्दा बताते हुए इसके विरुद्ध जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने समझाया कि कम उम्र में विवाह होने से बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए परिवारों और समाज के प्रत्येक व्यक्ति को यह सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास करना चाहिए कि बच्चों को पढऩे, आगे बढऩे और अपने सपने पूरे करने का अवसर मिले। उन्होंने महिलाओं और बालिकाओं से अपील की कि किसी भी प्रकार के दबाव, शोषण या सामाजिक कुरीति के सामने चुप न रहें। जरूरत पडऩे पर पुलिस और संबंधित विभागों की सहायता लें।
उन्होंने यह भी जोर दिया कि बाल विवाह की जानकारी मिलने पर समय रहते संबंधित अधिकारियों को सूचित करना जरूरी है, ताकि नियमानुसार हस्तक्षेप कर इसे रोका जा सके। मशन शक्ति 6.0 के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए जागरूकता अभियान आगे भी जारी रहेंगे। अभियान का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है, जिसमें बालिकाएं शिक्षा और विकास के अवसरों से वंचित न रहें तथा महिलाएं बिना किसी भय के अपने अधिकारों का उपयोग कर सकें।
मिशन शक्ति के जरिए सुरक्षा और स्वावलंबन का संदेश
मिशन शक्ति 6.0 का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना है। इसी उद्देश्य से पुलिस गांवों और अन्य क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। कार्यक्रम में महिलाओं को सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने, बालिकाओं की शिक्षा को प्राथमिकता देने और जरूरतमंदों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित किया गया।
एसीपी शुचिता सिंह ने जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं तक सुरक्षा संबंधी जानकारी पहुंचाने तथा उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज में बदलाव लाने के लिए परिवार, समुदाय, पुलिस और संबंधित विभागों के बीच समन्वय जरूरी है। बाल विवाह जैसी कुरीतियों को समाप्त करने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि लोगों की सोच में बदलाव और सामूहिक प्रयास भी महत्वपूर्ण हैं।
एएचटी थाना और संबंधित विभागों ने मिलकर चलाया अभियान
कमिश्नरेट गाजियाबाद पुलिस के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) थाने की ओर से स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों और संबंधित विभागों के सहयोग से बाल विवाह की समस्या से प्रभावित क्षेत्रों में जन-जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
ग्राम एकला में आयोजित कार्यक्रम भी इसी अभियान का हिस्सा रहा। इस दौरान एसीपी महिला अपराध शुचिता सिंह, एएचटी थाना प्रभारी सर्वेश कुमार, वेव सिटी थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह तथा अन्य पुलिस अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक करने के साथ सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।
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