Last Updated:
Maa Durga Shaktipeeths In UP: शारदीय नवरात्रि अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं. इस दौरान देश भर में माता के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया है. काशी से लेकर वृंदावन तक उत्तर प्रदेश के पावन धामों में विशेष रौनक देखने को मिल रही है. आइए जानते हैं कि 51 शक्तिपीठों में शामिल उत्तर प्रदेश के इन पवित्र धामों में माता किस रूप में और कहां विराजमान हैं, जहां भक्तों का तांता लगा हुआ है.
Maa Durga Shaktipeeths In UP: नवरात्रि के पर्व में देशभर के मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है. नवरात्रि के दौरान हर कोई माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करना चाहता है. माता के दर्शन करने मात्र से मन को शांति तो मिलती ही है, साथ ही साथ सभी समस्याओं से मुक्ति भी मिलती है. इसलिए इन नौ दिनों में मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है. उत्तर प्रदेश में माता रानी के कई प्रसिद्ध मंदिर और शक्तिधाम हैं, जिनसे जुड़ी पौराणिक मान्यताएं भक्तों के बीच काफी लोकप्रिय हैं. मान्यता है कि माता सती के शरीर के अंग और आभूषण जहां-जहां गिरे, वे स्थान शक्तिपीठ कहलाए. उत्तर प्रदेश में वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट, वृंदावन और बलरामपुर जैसे स्थानों पर देवी के प्रसिद्ध धाम हैं. मान्यता है कि इन मंदिरों और शक्तिपीठ में पूजा अर्चना करने से सभी कष्टों से राहत मिलती है और ग्रह-नक्षत्रों के अशुभ प्रभाव में भी कमी आती है. आइए जानते हैं उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ और मंदिरों के बारे में खास बातें…
काशी में मां विशालाक्षी का प्रसिद्ध मंदिर
काशी को भगवान शिव की नगरी कहा जाता है. यहां मणिकर्णिका घाट के पास मां विशालाक्षी का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है. इसे शक्तिपीठों में विशेष स्थान प्राप्त है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, यहां माता सती के कुंडल या मणिकर्णिका से संबंधित अंग गिरने की कथा प्रचलित है. मां विशालाक्षी को देवी शक्ति के स्वरूप में पूजा जाता है. नवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं.
प्रयागराज में मां कल्याणी देवी और अलोपी देवी मंदिर
प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम का विशेष धार्मिक महत्व है. यहां मां ललिता देवी का मंदिर प्रसिद्ध शक्तिधामों में गिना जाता है. मान्यता है कि इस स्थान पर माता सती की अंगुली गिरी थी. इसके अलावा प्रयागराज में मां कल्याणी देवी और अलोपी देवी के मंदिर भी श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं. नवरात्रि में इन मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है.
चित्रकूट का शक्तिपीठ
चित्रकूट भगवान राम से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध है. यहां रामगिरि क्षेत्र में स्थित शक्तिपीठ को लेकर मान्यता है कि माता सती का वक्ष यहां गिरा था. इस स्थान पर देवी को मां शिवानी के रूप में भी पूजा जाता है. नवरात्रि के दौरान भक्त माता के दर्शन करने और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए यहां पहुंचते हैं.
वृंदावन में मां कात्यायनी का मंदिर
वृंदावन भगवान श्रीकृष्ण की नगरी होने के साथ देवी उपासना का भी प्रमुख केंद्र है. यहां मां कात्यायनी का प्रसिद्ध मंदिर है, जो देवी के शक्तिपीठ में से एक है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस स्थान पर माता सती के केश या चूड़ामणि गिरे थे. नवरात्रि में भक्त मां के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.
बलरामपुर का देवीपाटन मंदिर
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के तुलसीपुर में स्थित देवीपाटन मंदिर मां पाटेश्वरी को समर्पित है. यह मंदिर भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित एक प्रसिद्ध तीर्थस्थल है. मान्यता है कि यहां माता सती का स्कंध यानी कंधा गिरा था. नवरात्रि के अवसर पर मंदिर में विशेष पूजा होती है और दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं.
About the Author
पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



