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PM Modi Old Speech Viral: देश की राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ महीनों से विरोध-प्रदर्शन का सिलसिला लगातार जारी है. पहले नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ और अब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर प्रोटेस्ट हो रहा है. इस बीच पीएम मोदी का एक पुराना भाषण वायरल हो रहा है.
पीएम मोदी द्वारा इस साल फरवरी में मेरठ में दिए गए भाषण का वीडियो वायरल हो रहा है. (फाइल फोटो)
PM Modi Old Speech Viral: देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर देश की राजधानी में लगातार विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) आह्वान पर 10 अक्टूबर 2026 को विरोध-प्रदर्शन करने की कोशिश की गई. इस दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर सभी जरूरी कदम उठाए गए थे. उसके बाद कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला और अब 16 अक्टूबर शुक्रवार को CJP ने दिल्ली के दिल कहे जाने वाले कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क से लहरा दो तिरंगा मार्च निकालने का ऐलान किया है. इसे देखते हुए एक बार फिर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है. लगातार होने वाले विरोध-प्रदर्शनों की वजह से आमलोगों के साथ ही कारोबारियों को भी परेशनियों का सामना करना पड़ रहा है. इन विरोध प्रदर्शनों में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की भूमिका अहम है. इन सब घटनाक्रमों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मेरठ में दिया गया भाषण वायरल हो रहा है. फरवरी में दिए गए इस भाषण पीएम मोदी विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री बनना है तो पहले जनता का दिल जीतना होगा.
आज के दिन जब लगातार हो रहे विरोध-प्रदर्शनों की वजह से आमलोग से लेकर कारोबारी तक परेशान हैं और युवा सड़कों पर हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस साल फरवरी में मेरठ में दिया गया भाषण सोशल मीडिया में वायरल है. दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साल फरवरी में मेरठ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए संसद में विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला था. उन्होंने विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि देश का प्रधानमंत्री बनने के लिए पहले जनता का दिल जीतना जरूरी है. उनका यह बयान संसद में हुए उस घटनाक्रम के बाद आया था, जब विपक्ष की कुछ महिला सांसद हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर प्रधानमंत्री की कुर्सी के पास पहुंच गई थीं और वहां विरोध प्रदर्शन किया था.
पीएम मोदी ने मेरठ में कहा था, ‘अराजकता फैलाने वालों, कान खोलकर सुन लो… 140 करोड़ भारतीय उसके नापाक मंसूबों को कभी कामयाब नहीं होने देंगे.’ प्रधानमंत्री ने सवाल उठाया था कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी आ गई कि विपक्ष को अपनी बात रखने के लिए माताओं और बहनों को आगे करना पड़ रहा है. उन्होंने महिला सांसदों को आगे करके प्रधानमंत्री की कुर्सी पर कब्जा करने की कोशिश को लोकतंत्र और संसद की गरिमा के लिए बड़ा खतरा बताया था. पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उसे खोखला करार दिया था.
फरवरी में संसद में विपक्ष खासकर कांग्रेस की कुछ महिला सांसदों ने बैनर और पोस्टर लेकर प्रधानमंत्री की कुर्सी के नजदीक पहुंचकर विरोध जताया था. इस घटना को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी हुई थी. भाजपा ने इसे संसदीय मर्यादाओं के खिलाफ बताया, जबकि विपक्ष ने सरकार की नीतियों और अपने मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. इस घटनाक्रम ने संसद में विरोध के तरीकों, सदन की गरिमा और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी थी. प्रधानमंत्री मोदी का मेरठ में दिया गया बयान इसी राजनीतिक टकराव की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना गया. उन्होंने अपने संबोधन में जनता के समर्थन को सत्ता हासिल करने का आधार बताते हुए विपक्ष को संदेश दिया था कि केवल विरोध प्रदर्शन के जरिए प्रधानमंत्री की कुर्सी तक नहीं पहुंचा जा सकता.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…
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