भारतीय सुरक्षा बलों को मिली खुफिया जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान का नापाक प्लान इन आतंकियों को सर्दी शुरू होने से पहले भारत में घुसाना है. ताकि आतंकियों को बर्फबारी के दौरान ज्यादा कठिनाइयां न हों और वे आसानी से अपने मंसूबों को अंजाम दे सकें. हालांकि फिलहाल आतंकवादी समूहों के लिए घुसपैठ करना भी मुश्किल हो रहा है क्योंकि भारतीय सुरक्षा बल सीमा पर कड़ी निगरानी रखे हुए हैं. भारतीय खुफिया एजेंसियों के अनुसार, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में करीब 500 आतंकवादी लॉन्चपैड्स पर घुसपैठ का इंतजार कर रहे हैं.
छोटे-छोटे समूहों में बांटे गए आतंकवादी
खुफिया इनपुट के मुताबिक इन आतंकवादियों को 3-4 के छोटे-छोटे समूहों में बांट दिया गया है, ताकि भारतीय सुरक्षा बलों को उनका पता लगने का खतरा कम रहे. इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि इन लॉन्चपैड्स पर काफी हलचल है.
उन्होंने कहा, “सर्दी करीब आ रही है और पिछले डेढ़ साल में आतंकियों के घुसपैठ करने के कई प्रयास नाकाम हो चुके हैं क्योंकि सीमा पर सुरक्षा बहुत सख्त है. इसलिए इनकी बेचैनी बढ़ रही है.”
सर्दियों से पहले क्यों घुसपैठ कराना चाहता है पाकिस्तान
आतंकवादी आमतौर पर सर्दी शुरू होने से पहले घुसपैठ करने की कोशिश करते हैं, क्योंकि भारी बर्फबारी के बाद रास्ते बहुत मुश्किल हो जाते हैं. लॉन्चपैड्स पर बढ़ी गतिविधि से लगता है कि आतंकवादी समूह सर्दी से पहले एक बड़ा घुसपैठ अभियान चलाने की तैयारी कर रहे हैं. यह पाकिस्तान के भारत को दहलाने की बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है.
आतंकियों के पास हाइटेक गियर-ड्रोन
भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी मिली है कि पाकिस्तानी सेना ने इन आतंकवादियों को ऊंचाई वाले इलाकों के लिए खास गियर दिए हैं, ताकि वे बर्फ में भी घुसपैठ कर सकें. इसका मकसद सर्दी के चरम समय में भी घुसपैठ सुनिश्चित करना है.
एक अन्य अधिकारी ने कहा कि लॉन्चपैड्स पर बढ़ी हलचल एक धोखा भी हो सकती है.
जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों को बर्फ से निपटने वाला उन्नत गियर दिया गया है. इससे लगता है कि दिसंबर में घुसपैठ के प्रयास तेज हो सकते हैं.
अधिकारी ने बताया, “पिछले कई सालों के पैटर्न को देखें तो दिसंबर में भारी बर्फबारी के कारण घुसपैठ काफी कम हो जाती है. आतंकवादी समूह सोचते हैं कि उस समय भारतीय सेना थोड़ी ढीली पड़ सकती है, इसलिए वे इसका फायदा उठाना चाहते हैं.”
पाकिस्तानी सेना ने पहले भी आतंकवादियों को ऊंचाई वाले इलाकों के लिए आधुनिक गियर देने पर विचार किया था. इस बार उन्होंने सियाचिन में इस्तेमाल होने वाला गियर इन आतंकवादियों को दे दिया है.
गियर के अलावा, कई पाकिस्तानी फौजी भी लॉन्चपैड्स के पास तैनात किए गए हैं ताकि घुसपैठ में मदद मिल सके. पाकिस्तानी सेना भारतीय सीमा पर हो रही गतिविधियों पर नजर रखे हुए है. आतंकवादियों को भारतीय सैनिकों की हलचल की रियल-टाइम जानकारी दी जा रही है, ताकि वे सही समय पर घुसपैठ कर सकें.
अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तान ड्रोन का भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर रहा है. इन ड्रोनों से रास्तों का नक्शा बनाया जा रहा है और भारतीय सेना की मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है. वे हर संभव आधुनिक तकनीक और गियर का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा आतंकवादी जम्मू-कश्मीर में घुस सकें.
भारतीय सेना मुस्तैद, हर घुसपैठ होगी नाकाम
इन खुफिया इनपुट्स के बाद भारतीय सेना पूरी तरह अलर्ट मोड में है. लॉन्चपैड्स के आसपास काफी गतिविधि देखी जा रही है, इसलिए सेना ने घुसपैठ रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं.
पाकिस्तान की इस जल्दबाजी का एक कारण उसके अंदरूनी सुरक्षा संकट भी है. खैबर पख्तूनख्वा, पीओके और बलूचिस्तान में अशांति चल रही है. पाकिस्तान आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर दबाव में है और ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है.
ऐसे में किसी भी आतंकी गतिविधि को रोकने के लिए भारतीय सेना हर इनपुट पर गौर कर रही है.
आइएएनएस के इनपुट के साथ.
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