Image Slider

स्वामी दयानंद अस्पताल में कॉन्फ्रेंस, प्रसव के बाद आपात स्थिति से निपटने और एनीमिया की रोकथाम पर जोर

अमर उजाला ब्यूरो

पूर्वी दिल्ली। स्वामी दयानंद अस्पताल में 13 अक्तूबर को प्रसूति और स्त्री रोग से जुड़ी चुनौतियों पर एक दिवसीय कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें वरिष्ठ डॉक्टरों, स्त्री रोग विशेषज्ञों और पोस्टग्रेजुएट छात्रों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवा डॉक्टरों को चिकित्सा के नए बदलावों की जानकारी देना था।

कॉन्फ्रेंस में गर्भावस्था के दौरान महिलाओं की देखभाल, प्रसव के बाद की आपात स्थिति, एनीमिया और सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम पर चर्चा हुई। इसका आयोजन चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनीता कुजूर, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रमुख डॉ. एलटी यांग्ला और वरिष्ठ विशेषज्ञ प्रो. डॉ. कल्पना सुमार के मार्गदर्शन में हुआ।

दिल्ली गाइनी फोरम के विशेषज्ञों ने भी इसमें सहयोग दिया। एक विशेष सत्र में प्रसव के बाद मां की हालत अचानक बिगड़ने की स्थिति में इलाज और बचाव पर चर्चा हुई। अस्पताल के आईसीयू प्रभारी डॉ. रंजीत चटर्जी ने बताया कि ऐसी आपात स्थिति में समय पर पहचान और तुरंत इलाज बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों ने डॉक्टरों के लिए नियमित प्रशिक्षण और आपसी अनुभव साझा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

एनीमिया और सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम

वरिष्ठ डॉक्टरों ने गर्भावस्था से लेकर प्रसव तक महिलाओं की देखभाल के अनुभव साझा किए। कॉन्फ्रेंस में एनीमिया मुक्त भारत और सर्वाइकल कैंसर मुक्त भारत जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने खून की कमी की समय पर पहचान और सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||