Image Slider

Last Updated:

Under-Construction Home Buying : ज्यादातर लोग रेडी टू मूव मकान खरीदने के बजाय अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में पैसे लगाना ज्यादा फायदे का सौदा समझते हैं. यह सही भी है, क्योंकि अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में आपको कई चीजों की सहूलियत मिल जाती है. एक तो इसकी कीमत कम होती है और दूसरे कि प्रोजेक्ट आपके सामने बन रहा होता है तो इसमें इस्तेमाल होने वाले मैटेरियल की भी जानकारी मिल जाती है. लेकिन, अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में भी कई बार बिल्डर खेल कर जाता है. लिहाजा अगर आप ऐसे किसी प्राजेक्ट में पैसे लगाने जा रहे तो 8 चीजों पर ध्यान देना जरूरी होता है.

Amazon Prime DayTop Deals Inside

रेरा पर चेक करें : अंडर कंस्ट्रक्शन बिल्डिंग खरीदने के लिए पैसे लगाने से पहले आपको रियल एस्टेट रेगुलेशन अथॉरिटी (RERA) की वेबसाइट पर प्रोजेक्ट का पंजीकरण चेक करना चाहिए. यहां आपको डेवलपर, प्लान के अप्रूवल, जमीन की जानकारी और प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा, इसकी डिटेल मिल जाएगी. रेरा का नियम कहता है कि किसी भी प्रोजेक्ट में खरीदारों से मिले पैसों का 70 फीसदी हिस्सा एक अलग खाते में जमा करना जरूरी होता है. इसका इस्तेमाल सिर्फ जमीन के अधिग्रहण और प्रोजेक्ट बनाने में ही किया जा सकता है. हालांकि, सिर्फ रेरा में पंजीकरण होने से यह क्लीयर नहीं हो जाता कि आपको समय पर पजेशन मिल जाएगा.

पिछले प्रोजेक्ट को जांचें : जिस डेवलपर के प्रोजेक्ट में आप पैसे लगाने जा रहे हैं, उसके पिछले प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी जरूर लें. पता करें कि उसने अपने पिछले प्रोजेक्ट समय पर दिए या उसमें कितनी देर की. आप संबंधित बिल्डर के विवादों के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं, जिससे पता चल जाएगा आपका पैसा सही हाथों में जा रहा है या नहीं. साथ ही आपको यह अंदाजा भी हो जाएगा कि बिल्डर अपने वायदे का कितना पक्का है और आपको तय पर पजेशन दे भी सकेगा अथवा नहीं.

फाइनल कीमत पूछें : किसी भी अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में पैसे डालने से पहले यह जरूर पूछें कि इसकी फाइनल कॉस्ट क्या होगी. मतलब, पजेशन मिलने तक कुल मिलाकर कितना पैसा देना होगा. कई बार डेवलपर अपने विज्ञापन में जो कीमत बताते हैं, वह फाइनल नहीं होती है. आप डेवलपर से लिखित में अपार्टमेंट की कीमत, पार्किंग, फ्लोर राइज चार्ज, क्लब व अन्य सुविधाओं, मेंटेनेंस डिपॉजिट सहित अन्य लागत के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं. आपकी लागत में जीएसटी भी शामिल होना चाहिए.

Add News18 as
Preferred Source on Google

पेमेंट की शर्तें जरूर देखें : जब आप अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में हाथ डालते हैं तो इसमें भुगतान के लिए लंबा समय मिलता है. जैसे-जैसे काम आगे बढ़ता है, आपको पेमेंट भी करनी होती है. अगर आप शुरुआत में ही ज्यादा पैसे जमा कर देंगे तो अन्य कार्यों के लिए आगे पैसों की कमी हो जाएगी. लिहाजा आप प्रोजेक्ट में पैसे लगाने से पहले यह जरूर पता कर लें कि उसका भुगतान कैसे करना है. अगर आप लोन लेने जा रहे तो यह और भी जरूरी हो जाता है कि पेमेंट प्लान और अपनी कमाई के बीच तालमेल बनाएं. इसी हिसाब से आपको एग्रीमेंट भी तैयार कराना चाहिए.

ईएमआई का भी रखें ध्यान : अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट में लंबे समय तक पैसे जमा करने होते हैं तो कई बार इसकी लागत बढ़ जाती है. लिहाजा ऐसी प्रॉपर्टी में हाथ डालने से पहले ईएमआई के बोझ का आकलन करना भी जरूरी होता है. मान लीजिए कि अभी आप जिस घर में रहते हैं, उसका किराया 25 हजार रुपये महीना है और अंडर कंस्ट्रक्शन घर खरीदने के बाद ईएमआई भी 35 हजार की जाने लगती है तो कुल मिलाकर आपके ऊपर 60 हजार का खर्चा आ जाएगा. एक तय समय तक तो आप इसे अफोर्ड कर सकते हैं, लेकिन प्रोजेक्ट में देरी हुई तो आपके ऊपर हर साल 7.2 लाख का अतिरिक्त खर्चा बढ़ता जाएगा. इसे ध्यान में रखते हुए ही प्रोजेक्ट में निवेश करना चाहिए.

इमरजेंसी फंड जरूर बनाएं : अंडर कंस्ट्रक्शन मकान खरीदते समय आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि अपनी सारी कमाई को उसके डाउन पेमेंट में नहीं दे देनी चाहिए. ऐसे प्रोजेक्ट में निवेश करने से पहले आपको इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए. इस दौरान नौकरी बदलने, मेडिकल इमरजेंसी या अन्य कोई बड़ा खर्चा आने पर आपके पास अतिरिक्त फंड होना चाहिए. यह इमरजेंसी फंड आपको दूसरा कोई महंगा लोन लेने से भी बचाएगा.

कैंसिल करने की शर्तें जरूर देखें : अंडर कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट लंबे समय का निवेश होता है, जिसमें आपको धैर्य के साथ इंतजार करना पड़ता है. कई बार अचानक आई मुसीबत या फिर अन्य किसी प्लान की वजह से बुकिंग कैंसिल भी करानी पड़ सकती है. लिहाजा आपको एग्रीमेंट साइन करने से पहले रिफंड कंडीशन, कैंसिलेशन चार्ज, ब्याज और पेनाल्टी की पूरी जानकारी लेना जरूरी है. यह कतई मत सोचिए कि जैसे ही आप बुकिंग कैंसिल करेंगे, आपका पैसा खुद ब खुद वापस मिल जाएगा.

पजेशन में देरी हुई तो क्या विकल्प : वैसे तो रेरा में पंजीकरण होने से खरीदारों को कई अधिकार मिलते हैं. सेक्शन 18 के तहत खरीदार को ब्याज सहित उसका पैसा वापस किए जाने का प्रावधान है. ऐसी सभी शर्तों को पहले ही जान लेना जरूरी है. बुकिंग करने से पहले आपको प्रॉपर्टी की कीमत, जीएसटी, अन्य चार्जेज, डाउन पेमेंट, लोन पेमेंट और निर्माण के दौरान किराये की लागत सहित सभी खर्चों को एक पेपर पर लिखकर रख लेना चाहिए. तब आप आकलन करें कि बुकिंग अमाउंट और प्रोजेक्ट को भुगतान के बाद आपके पास कितना पैसा अन्य खर्चों के लिए बचेगा.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||