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Flower Village Development In Lakhisarai: बिहार के लखीसराय में गेंदे की खेती को बढ़ावा देने के लिए ‘फ्लावर विलेज’ बनेगा. रामगढ़ और चानन प्रखंड में 25 हेक्टेयर क्लस्टर विकसित होगा. सरकार प्रति हेक्टेयर 80 हजार लागत का 50 प्रतिशत यानी 40 हजार तक अनुदान देगी. अपनी या लीज की जमीन वाले दोनों किसान लाभ ले सकते हैं.
लखीसराय: लखीसराय की पहचान में जल्द ही एक और नाम जुड़ने वाला है. वो पहचान नाम खेती किसानी से जी जुड़ा होगा. जिले में अब फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए ‘फ्लावर विलेज’ विकसित करने की तैयारी है. उद्यान निदेशालय की गेंदे के फूल की खेती योजना में लखीसराय को भी शामिल किया गया है. इसके तहत किसानों को गेंदे की खेती के लिए सरकार की ओर से 50 फीसदी तक अनुदान दिया जाएगा. बता दें कि बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार सिन्हा का ये गृह जिला भी है.
एक हेक्टेयर पर ₹80 हजार लागत, मिलेगा ₹40 हजार तक अनुदान
जिला उद्यान पदाधिकारी राजीव रंजन ने जानकारी दी बिहार सरकार ने गेंदे की खेती के लिए प्रति हेक्टेयर ₹80 हजार की लागत निर्धारित की है. इस लागत का 50 फीसदी यानी अधिकतम ₹40 हजार तक अनुदान किसानों को दिया जाएगा. किसान न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर से लेकर अधिकतम 2 हेक्टेयर तक की जमीन पर इस योजना का लाभ ले सकते हैं. इसमें रैयत और गैर रैयत दोनों तरह के किसान लाभ ले सकते हैं.
अपनी जमीन नहीं तो लीज पर लेकर भी कर सकेंगे खेती
योजना की खास बात यह है कि किसान के पास अपनी जमीन होना जरूरी नहीं है. जिन किसानों के पास खेती योग्य जमीन नहीं है, वे दूसरे व्यक्ति की जमीन लीज पर लेकर गेंदे की खेती कर सकते हैं. इसके लिए किसान को लीज एग्रीमेंट प्रस्तुत करना होगा.वहीं, अगर जमीन के कागजात में आवेदक का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है तो ऐसे किसानों को वंशावली पेश करनी होगी. इसके बाद पात्रता के अनुसार योजना का लाभ दिया जा सकेगा.
25 हेक्टेयर के क्लस्टर में बनेगा फ्लावर विलेज
जिला उद्यान पदाधिकारी राजीव रंजन के मुताबिक, लखीसराय जिले में 25 हेक्टेयर के क्लस्टर में इस योजना को लागू करने की तैयारी है. इसके तहत रामगढ़ और चानन प्रखंड में ‘फ्लावर विलेज’ विकसित करने की कार्ययोजना पर काम किया जाएगा.योजना के जरिए जिले में गेंदे की खेती का रकबा बढ़ाने के साथ किसानों की आमदनी बढ़ाने पर भी जोर है. अब देखना होगा कि रामगढ़ और चानन में तैयार होने वाला यह फ्लावर विलेज लखीसराय को फूलों की खेती के नए केंद्र के रूप में कितनी बड़ी पहचान दिलाता है.
आवेदन कैसे करें?
योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान उद्यान निदेशालय के निर्धारित पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. या फिर प्रखंड या जिला उद्यान विभाग से आवेदन के लिए संपर्क कर सकते हैं. जमीन से जुड़े जरूरी दस्तावेज और पात्रता संबंधी कागजात प्रस्तुत करने होंगे. गैर रैयत किसानों को लीज एग्रीमेंट या जमीन के रिकॉर्ड में नाम स्पष्ट नहीं होने की स्थिति में वंशावली देनी होगी.
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अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …
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