जंगल में चट्टान के नीचे छिपाकर कौन से हथियार रखे गए थे?
मुकाम चेरहर के जंगलों में सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों को जो सामान मिला, वह किसी बड़े हमले की तैयारी की तरफ इशारा करता है. मौके से एक एके-47 और एक एके-76 राइफल के साथ चार पिस्तौल बरामद की गईं. इसके अलावा सात राइफल मैगजीन, चार पिस्तौल मैगजीन और भारी संख्या में गोलियां भी मिली हैं. जवानों को वहां से एक मल्टी ग्रेनेड लांचर और पांच राउंड भी हाथ लगे हैं.
जखीरे में केवल गोलियां ही नहीं, बल्कि रिमोट कंट्रोल से चलने वाले तीन आईईडी भी शामिल थे. इसके साथ 11 हैंड ग्रेनेड, आठ डेटोनेटर और दो टाइमर भी जब्त किए गए हैं. संदिग्ध विस्फोटक सामग्री की पुष्टि होते ही बम निरोधक दस्ते को तुरंत मौके पर बुलाया गया. इसके बाद पूरे इलाके को सुरक्षित करते हुए सभी खतरनाक सामान को तय कानूनी प्रक्रिया के तहत कब्जे में ले लिया गया.
सोपोर के घने जंगलों में छिपा मिला बारूद का जखीरा.
पुलिस की टीमें अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हथियारों की यह खेप जंगल तक किसने पहुंचाई. जांच अधिकारी इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि यह सामान किस आतंकी नेटवर्क का था. इसके जरिए आने वाले दिनों में किस इलाके को निशाना बनाने की साजिश रची जा रही थी, उसका पूरा खाका तैयार किया जा रहा है.
पुंछ में नियंत्रण रेखा के पास सेना ने कौन सा खतरा टाला?
सोपोर में जहां हथियारों का जखीरा पकड़ा गया, वहीं दूसरी तरफ पुंछ में सेना ने नियंत्रण रेखा के पास बारूदी सुरंगों को नष्ट किया है. मेंढर सेक्टर के बसोनी टॉप इलाके में गश्ती दल ने फेंसिंग के पास दो बारूदी सुरंगों का पता लगाया था. इससे ठीक एक दिन पहले उसी इलाके से तीन अन्य बारूदी सुरंगें भी मिली थीं.
सेना के बम निरोधक दस्ते ने बिना किसी नुकसान के नियंत्रित धमाका करके इन सभी पांचों सुरंगों को नष्ट कर दिया. सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए ये सुरंगें बिछाई जाती हैं. कई बार तेज बारिश के कारण ये अपनी जगह से बहकर आगे आ जाती हैं, जिससे जवानों और स्थानीय लोगों के लिए भारी खतरा पैदा हो जाता है.
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||


