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Fake Government Job Scam Goa: सरकारी नौकरी के लिए 27 लाख दिए और सीधे कमिश्नर की कुर्सी पर जाकर बैठ गया शख्स! गोवा से जुड़ा यह मजेदार और हैरान करने वाला मामला सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. जानिए कैसे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ और आप इससे कैसे बच सकते हैं.

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27 लाख देकर बने सरकारी बाबू और पहुंच गए जेल, 'नकली कमिश्नर' की अजब कहानीZoom

Fake Government Job Scam Goa: गोवा में एक युवक 27 लाख रुपये देकर फर्जी अफसर बन गया (Representative Image- AI)

नई दिल्ली (Fake Government Job Scam Goa). नौकरी की चाहत में लोग अक्सर बहुत बेताब हो जाते हैं. इसका अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि कई बार वे शॉर्टकट के चक्कर में अपनी गाढ़ी कमाई और इज्जत को दांव पर लगा देते हैं. सरकारी नौकरी का क्रेज हमारे देश में ऐसा है कि लोग इसके लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं. हाल ही में गोवा से हैरान करने वाला ऐसा फिल्मी किस्सा आया है, जिसे सुनकर आप सिर पकड़ लेंगे. एक शख्स ने सरकारी नौकरी के लिए 27 लाख रुपये लुटा दिए. लेकिन उसके बाद जो हुआ, वह किसी कॉमेडी फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा लगता है.

कहानी कुछ ऐसी है कि मनोज तालेकर नाम के शख्स ने कथित तौर पर किसी बिचौलिए (एजेंट) को सरकारी नौकरी के झांसे में 27 लाख रुपये दे दिए. उस शातिर एजेंट ने मनोज को नकली अपॉइंटमेंट लेटर थमा दिया. उस पर एक्साइज कमिश्नर के जाली हस्ताक्षर भी थे. इस फर्जी लेटर के भरोसे मनोज साहब सीधे गोवा के एक्साइज डिपार्टमेंट के ऑफिस जा पहुंचे और आईएएस अधिकारी की कुर्सी पर बैठ गए. उन्हें लगा कि उनका सरकारी बाबू बनने का सपना पूरा हो गया है. लेकिन जब ऑफिस के कर्मचारियों ने पड़ताल की तो उनकी पोल खुल गई और उन्हें जेल की हवा खानी पड़ी.

फर्जीवाड़े का पूरा मामला क्या था?

गुरुवार का दिन मनोज तालेकर के लिए जिंदगी का सबसे बड़ा झटका लेकर आया. जब वे गोवा के एक्साइज डिपार्टमेंट पहुंचे तो उन्होंने खुद को एडिशनल एक्साइज कमिश्नर घोषित कर दिया. यह पद हाल ही में एक आईएएस अफसर के ट्रांसफर के बाद खाली हुआ था. मनोज ने पूरे कॉन्फिडेंस के साथ अपनी कुर्सी संभाली और विभाग के कर्मचारियों को जाली ऑर्डर दिखा दिया. लेकिन कहते हैं न कि झूठ के पांव नहीं होते. ऑफिस के अलर्ट कर्मचारियों को माजरा कुछ गड़बड़ लगा.

फर्जीवाड़े का पर्दाफाश कैसे हुआ?

गोवा ऑफिस के कुछ कर्मचारियों ने तुरंत सीनियर अधिकारियों से क्रॉस-चेक किया. अधिकारियों ने स्पष्ट बताया कि सरकार की तरफ से कोई नियुक्ति आदेश जारी ही नहीं हुआ है. बस फिर क्या था! विभाग ने बिना देर किए पणजी पुलिस को बुला लिया. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मनोज को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का मामला दर्ज कर लिया. अब पुलिस उस ‘अजीत शंखवलकर’ की तलाश कर रही है जिसने 27 लाख रुपये लेकर यह खतरनाक खेल खेला था.

अगर आप भी सरकारी नौकरी की तलाश में हैं तो फर्जीवाड़े से कैसे बचें?

इस घटना से इतना तो साफ है कि नौकरी के बाजार में ठगों का जाल कितना फैला हुआ है. अगर आप या आपका कोई जानने वाला सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा है तो इन बातों का खास ध्यान रखें:

  • रिश्वत देकर नौकरी नहीं मिलती: कोई भी बिचौलिया या एजेंट पैसे लेकर सरकारी कुर्सी नहीं दिला सकता. सरकारी नौकरी हमेशा यूपीएससी, एसएससी या राज्य लोक सेवा आयोग जैसी परीक्षाओं के जरिए ही मिलती है.
  • ऑर्डर चेक करें: अगर आपको कोई नियुक्ति पत्र मिलता है तो संबंधित विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर उसकी पुष्टि जरूर करें.
  • अचानक कुर्सी पर कब्जा करने से बचें: कोई भी जेन्युइन डिपार्टमेंट आपको सीधे जाकर वीआईपी कुर्सी पर बैठने के लिए नहीं कहता. इसके लिए तय कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया होती है.

About the Author

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दीपाली पोरवालSenior Sub Editor

Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is kno…

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