साहब हमारी बेटी की मिट्टी खराब हो रही है, किसी तरह उसका शव दिलवा दो…। सीमापुरी हादसे में जान गवाने वाली गुलअफशां के माता-पिता जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी में गिड़गिड़ाकर बेटी का शव दिलवाने की गुहार लगाते रहे।
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सीमापुरी हादसा
– फोटो : फोटो जी पाल
पुलिस अधिकारी मोर्चरी पहुंचे तो जरूर लेकिन बाकी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव देने की बात करते रहे। दरअसल गुलअफशां की शादी को अभी सात साल नहीं हुए थे। ऐसे में क्षेत्रीय एसडीएम मामले की जांच कर रहे हैं।
परिजनो के बयान लेने के बाद ही शुक्रवार को गुलअफशां के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। वहीं उसकी बेटी जोया का डीएनए परीक्षण करवाने के बाद शव सौंपा जाएगा। बेटी की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
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सीमापुरी हादसा
– फोटो : फोटो जी पाल
गुलअफशां परिवार के साथ ई-ब्लॉक, सीमापुरी में रहती थी। इसके परिवार में पति जहांगीर के अलावा एक बेटी जोया थी। इसके मायके में पिता शौकत अली, मां सायरा बानो, एक भाई सद्दाम के अलाचार तीन बहनें शहनाज, अंजुम और समीना हैं। गुलअफशां की पांच साल पहले शादी हुई थी। पति ने उसको छोड़ दिया था। वह माता-पिता के घर के पास ही रह रही थी।
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सीमापुरी इमारत हादसा
– फोटो : अमर उजाला
बुधवार को जब हादसा हुआ तो वह अनवर के मकान के नीचे ही मौजूद थी। दूसरी ओर नुसरत का परिवार डी-ब्लॉक में रहता है। इसके परिवार मे पति अब्दुल्लाह के अलावा एक बेटा अब्दान है। अब्दुल्लाह की करोल बाग में कपड़ों की दुकान है। वह अपनी दुकान पर थे। इस बीच वह मां सलमा से मिलने उनके घर पर आई हुई थी। वहीं हाजरा बीबी भी ई-ब्लॉक में परिवार के साथ रहती हैं।
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