उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी में औद्योगिक निवेश को लेकर बड़ी तस्वीर सामने आई है। अलग-अलग सेक्टरों में 25 कंपनियों ने करीब 3155 करोड़ रुपये निवेश की तैयारी की है। इनके लिए यमुना प्राधिकरण ने लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) जारी कर दिया है। प्रस्तावित निवेश के लिए कंपनियों को कुल 95 एकड़ जमीन आवंटित की जाएगी। इससे क्षेत्र में उत्पादन गतिविधियों को गति मिलने के साथ नौ हजार से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। यमुना प्राधिकरण के एसीईओ मनीष मीणा ने बुधवार को निवेश के इच्छुक 25 कंपनियों को एलओआई जारी किए। अब इन कंपनियों के प्रस्ताव शासन के पास जाएंगे। इनवेस्ट यूपी के तहत शासन से मंजूरी मिलने के बाद संबंधित कंपनियों को जमीन का आवंटन किया जाएगा। प्राधिकरण का कहना है कि निवेश की प्रक्रिया पूरी होने के बाद यमुना सिटी में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार और तेज होगा।
सेक्टर-8डी में सबसे ज्यादा निवेश प्रस्ताव
निवेश के लिए सबसे ज्यादा कंपनियों ने सेक्टर-8डी में रुचि दिखाई है। यहां 11 कंपनियों को एलओआई जारी किए गए हैं। इन कंपनियों को सामान्य उद्योग की श्रेणी में रखा गया है। इन इकाइयों के आने से क्षेत्र में विभिन्न प्रकार की विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही इन उद्योगों से जुड़े सहायक कारोबार और सेवाओं के लिए भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
सेक्टर-29 में अपैरल और हैंडीक्राफ्ट पर जोर
सेक्टर-29 में आठ कंपनियां निवेश के लिए आगे आई हैं। इनमें तीन कंपनियां अपैरल पार्क, एक हैंडीक्राफ्ट पार्क और चार सामान्य उद्योग से संबंधित हैं। इससे यमुना सिटी में कपड़ा और परिधान उद्योग के साथ हस्तशिल्प तथा सामान्य विनिर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार और सप्लाई चेन से जुड़े कारोबार को भी फायदा मिल सकता है।
मेडिकल डिवाइस से फार्मा तक निवेश
सेक्टर-28 में मेडिकल डिवाइस पार्क से जुड़ी एक कंपनी को एलओआई दिया गया है। वहीं सेक्टर-24 में तीन कंपनियों के प्रस्ताव को मंजूरी की प्रक्रिया में आगे बढ़ाया गया है। इन कंपनियों को मिक्स्ड लैंड यूज श्रेणी में रखा गया है। यमुना सिटी में प्रस्तावित फार्मा पार्क के लिए भी निवेशकों की दिलचस्पी सामने आई है। सेक्टर-6 में विकसित होने वाले फार्मा पार्क के लिए दो कंपनियों को एलओआई जारी किया गया है। इससे फार्मा और इससे जुड़े उभरते औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
शासन की मंजूरी के बाद होगा जमीन आवंटनएलओआई मिलने के बाद अब कंपनियों को इनवेस्ट यूपी के माध्यम से शासन स्तर पर प्रस्ताव प्रस्तुत करना होगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद यमुना प्राधिकरण संबंधित कंपनियों को भूखंड आवंटित करेगा। अधिकारियों के मुताबिक, अलग-अलग औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश आने से केवल बड़े उद्योग ही नहीं, बल्कि उनसे जुड़े छोटे और सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। 3155 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश और नौ हजार से अधिक रोजगार के अवसरों के साथ यमुना सिटी में औद्योगिक गतिविधियों का दायरा लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। आने वाले चरण में जमीन आवंटन और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के बाद इन निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की दिशा में काम तेज होने की उम्मीद है।
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