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Punjab Congress Chief: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सूबे की कांग्रेस सियासत में जबर्दस्त फेरबदल हुआ है. गुटबाजी की अंदरूनी जंग और महीनों से जारी रार के बीच अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद की कुर्सी छोड़ दी है. इस इस्तीफे के बाद पार्टी में नए प्रदेश चीफ को लेकर हलचल तेज हो गई है और अगले 24 से 48 घंटे में नए नाम पर मुहर लगने के आसार हैं.

चुनाव से पहले ही पंजाब कांग्रेस में उठापटक: अमरिंदर सिंह ने अध्यक्ष पद छोड़ाZoom

अमरिंदर सिंह उर्फ राजा वडिंग ने कांग्रेस आलाकमान को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. (एएनआई)

Punjab Congress Chief: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राज्य की सियासत में बड़ा हलचल देखने को मिली है. अमरिंदर सिंह उर्फ राजा वडिंग ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. अपना त्यागपत्र कांग्रेस महासचिव (संगठन) के. सी. वेणुगोपाल को सौंपने के बाद राजा वडिंग चंडीगढ़ स्थित अपने आवास लौट आए हैं. इसके साथ ही राज्य इकाई के मुखिया के तौर पर उनका कार्यकाल समाप्त हो गया है.

पार्टी हाईकमान अगले 24 से 48 घंटे के भीतर पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान कर सकता है. चुनावी दंगल से ऐन पहले हुआ यह नेतृत्व परिवर्तन कांग्रेस की गुटबाजी को साधने की सोची-समझी रणनीति मानी जा रही है. आलाकमान अब किसी ऐसे चेहरे की तलाश में है जो विभिन्न खेमों के बीच खींचतान खत्म कर कार्यकर्ताओं को एकजुट रख सके.

राजा वडिंग की जगह कौन?
इस पद के लिए जिन नामों पर सबसे ज़्यादा चर्चा हो रही है, उनमें विजय इंदर सिंगला का नाम प्रमुख है. पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद रहे सिंगला कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य हैं और उन्हें जुलाई में पार्टी की चुनाव प्रबंधन और समन्वय समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था. रेस में शामिल अन्य नामों में जालंधर कैंट के विधायक परगट सिंह, गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा, सुखबिंदर सिंह सरकारिया और चरणजीत सिंह चन्नी शामिल हैं. जल्द ही अंतिम फैसला आने की उम्मीद है. यह फैसला ऐसे समय में लिया जा रहा है जब कांग्रेस 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अपने संगठन को फिर से मजबूत करने और उस गुटबाजी को रोकने की कोशिश कर रही है, जिसने बार-बार उसकी पंजाब इकाई को प्रभावित किया है.

राजा वडिंग ने इस्तीफा क्यों दिया?
यह इस्तीफ़ा पंजाब कांग्रेस के भीतर महीनों से चल रही खींचतान के बाद आया है, खासकर राजा वडिंग का समर्थन करने वाले गुट और चन्नी के साथ जुड़े नेताओं के बीच. कांग्रेस ने इस साल की शुरुआत में अलग-अलग गुटों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की थी; इसके तहत राजा वडिंग को राज्य अध्यक्ष बनाए रखा गया और चन्नी को पार्टी की चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया. हालांकि, इस व्यवस्था से राज्य इकाई के भीतर मतभेद खत्म नहीं हो पाए.

पंजाब कांग्रेस नेताओं का एक गुट राजा वडिंग को हटाने की मांग कर रहा था, और पार्टी के कार्यक्रमों व संगठनात्मक बैठकों में यह अंदरूनी कलह साफ तौर पर दिखाई दे रही थी. इसके बाद, कांग्रेस के पंजाब मामलों के नए प्रभारी सचिन पायलट ने नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कीं और राज्य इकाई के कामकाज व उसमें मौजूद गुटबाज़ी के बारे में पार्टी आलाकमान को एक रिपोर्ट सौंपी। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, के.सी. वेणुगोपाल और पायलट समेत कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी पंजाब के हालात पर चर्चा की। आखिरकार आलाकमान ने राजा वडिंग को बता दिया कि वह राज्य के नेतृत्व में बदलाव चाहता है.

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राकेश रंजन कुमार

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…

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