- विश्व रेबीज दिवस पर कैंप लगाकर किया टीकाकरण, वसुंधरा-इंदिरापुरम और विजयनगर में घर-घर पहुंची टीम
- नसबंदी और टीकाकरण के साथ 2800 श्वानों की माइक्रोचिपिंग, पहचान और रिकॉर्ड भी हो रहा सुरक्षित
- शहर में तीन एबीसी सेंटर से चल रही कार्रवाई, निराश्रित श्वानों का भी किया जा रहा टीकाकरण
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर गाजियाबाद नगर निगम ने रेबीज की रोकथाम और श्वानों की आबादी के प्रबंधन को लेकर विशेष अभियान चलाया। नगर निगम की टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में कैंप लगाकर श्वानों का एंटी-रेबीज टीकाकरण किया। इसके साथ ही लोगों को रेबीज से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई। वसुंधरा, इंदिरापुरम और विजयनगर में विशेष अभियान चलाकर घर-घर पहुंचकर श्वानों का टीकाकरण किया गया। नगर निगम के अनुसार पिछले तीन वर्षों में शहर में 36 हजार से अधिक श्वानों की नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण कराया जा चुका है। नगर निगम की ओर से बताया गया कि अभियान में पालतू श्वानों के साथ निराश्रित श्वानों को भी शामिल किया जा रहा है। रेबीज के नियंत्रण के लिए टीकाकरण को नियमित अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही श्वानों की पहचान और उनका रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने के लिए माइक्रोचिपिंग भी की जा रही है। अब तक करीब 2800 श्वानों में माइक्रोचिप लगाई जा चुकी है।
इससे संबंधित श्वान की पहचान, टीकाकरण और नसबंदी से जुड़ी जानकारी को रिकॉर्ड में दर्ज करने में मदद मिल रही है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक के नेतृत्व में नगर निगम की ओर से रेबीज नियंत्रण, श्वानों की आबादी के प्रबंधन और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में भी श्वानों की नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण की कार्रवाई जारी रखी जाएगी। इसके लिए संबंधित क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर जरूरत के अनुसार अभियान की योजना बनाई जा रही है। नगर निगम का जोर ऐसे क्षेत्रों पर भी है, जहां बड़ी संख्या में निराश्रित श्वान मौजूद हैं।
माइक्रोचिपिंग के जरिए टीकाकरण और नसबंदी का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने की व्यवस्था को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक लगातार टीकाकरण, नसबंदी और निगरानी के माध्यम से रेबीज नियंत्रण की दिशा में अभियान को प्रभावी बनाया जा रहा है। नगर निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे श्वानों के प्रति संवेदनशील रहें और रेबीज से संबंधित किसी भी संदिग्ध स्थिति में सावधानी बरतें।
वसुंधरा से विजयनगर तक अभियान
नगर निगम की टीमों ने विश्व रेबीज दिवस पर विशेष रूप से वसुंधरा, इंदिरापुरम और विजयनगर क्षेत्र में अभियान चलाया। इंदिरापुरम के वार्ड 99 और 100 तथा विजयनगर के वार्ड एक और दो में टीकाकरण के साथ माइक्रोचिपिंग की कार्रवाई भी पूरी की जा चुकी है। टीमों ने क्षेत्र में श्वानों को चिह्नित कर उनके टीकाकरण की कार्रवाई की। लोगों को भी रेबीज से बचाव के लिए सावधानी बरतने और जरूरत पडऩे पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने के प्रति जागरूक किया गया। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि श्वानों के एंटी-रेबीज टीकाकरण के साथ उनकी नसबंदी भी महत्वपूर्ण है। इससे श्वानों की आबादी के प्रबंधन में मदद मिलती है और लंबे समय में नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को कम करने में सहायता मिलती है। इसी उद्देश्य से निगम की ओर से नसबंदी और टीकाकरण दोनों कार्यों को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
तीन एबीसी सेंटरों पर हो रही नसबंदी
उप मुख्य पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉ. अनुज कुमार सिंह ने बताया कि विश्व रेबीज दिवस पर नगर निगम अधिकारियों ने एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटरों का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि श्वानों की नसबंदी के लिए नगर निगम की ओर से शहर में तीन एबीसी (एनिमल बर्थ कंट्रोल) सेंटर स्थापित किए गए हैं। इनमें सिद्धार्थ विहार, नया बस अड्डा और नंदग्राम स्थित केंद्र शामिल हैं।
इन केंद्रों पर लगातार निगरानी रखते हुए नसबंदी और टीकाकरण की कार्रवाई कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि श्वानों की नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण की प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुसार कराई जा रही है। सेंटरों पर होने वाली कार्रवाई की निगरानी के साथ श्वानों के स्वास्थ्य और रिकॉर्ड का भी ध्यान रखा जा रहा है। नगर निगम का प्रयास है कि अभियान को केवल विश्व रेबीज दिवस तक सीमित न रखते हुए इसे लगातार जारी रखा जाए।
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||


