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होमताजा खबरदेशचंद्रशेखर आजाद बीजेपी की ‘B-टीम’, मायावती अचानक क्यों आ गईं फुल फॉर्म में?

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Mayawati Press Conference: यूपी चुनाव 2027 से पहले बीएसपी सुप्रीमो मायावती अचानक फ्रंटफुट पर आ गई हैं. सोमवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने ईवीएम, बीजेपी और नगीना सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद पर सीधा और तीखा हमला बोला. जानिए आखिर मायावती की इस बढ़ी हुई सक्रियता, संगठन में बदलाव और दलित वोट बैंक को बचाने की छटपटाहट के असली सियासी मायने क्या हैं.

चंद्रशेखर आजाद बीजेपी की 'B-टीम', मायावती अचानक क्यों आ गईं फुल फॉर्म में?Zoom

यूपी चुनाव 2027 से पहले मायावती ने फोड़ दिया बड़ा ‘बम’.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की बिसात बिछने से पहले ही दलित वोट बैंक पॉलिटिक्स पर आधिपत्य को लेकर जंग छिड़ गई है. आमतौर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस और मीडिया से दूरी बनाए रखने वाली बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती की हालिया आक्रामक सक्रियता ने राज्य के राजनीतिक पारे को बढ़ा दिया है. सोमवार को लखनऊ में अचानक बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने के साथ-साथ नगीना लोकसभा सीट और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद पर अब तक का सबसे बड़ा सियासी हमला बोला. मायावती ने बैलेट पेपर से मतदान की पैरवी ही नहीं की, बल्कि उसकी विशेषता भी बता दी. आइए जानते हैं मायावती क्यों अचानक यूपी की पॉलिटिक्स में एक्टिव हो गई हैं? मायावती अगर मजबूत होंगी तो इससे बीजेपी और सपा में किसको नुकसाना और किसको फायदा होने वाला है?

सोमवार को मायावती ने सीधा आरोप लगाया कि नगीना सीट पर बीजेपी ने साजिशन ईवीएम में धांधली कर चंद्रशेखर को जिताने में मदद की ताकि बीएसपी के कोर दलित वोट बैंक को कमजोर किया जा सके. मायावती ने ये भी कहा है कि यह वहां के लोगों का कहना है. 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मायावती का यह रुख साफ संकेत देता है कि बीएसपी अब बचाव की मुद्रा से निकलकर सीधे हमले के मूड में आ चुकी है.

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