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होमताजा खबरदेशकेरल में कांग्रेस की जीत ‘आंधी’ थी या सिर्फ ‘तुक्का’? 29 सितंबर को आ रहा फैसला

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kerala local body by election vd satheesan udf voting: केरल की राजनीति में बीते विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) गठबंधन और मुख्यमंत्री वीडी सतीशन को मिली ऐतिहासिक जीत महज एक ‘तुक्का’ थी या फिर राज्य में कांग्रेस की गहरी ‘आंधी’ चल रही है, इसका असली ‘दूध का दूध और पानी का पानी’ आज होने जा रहा है. राज्य के 12 जिलों में फैले 38 स्थानीय निकाय वार्डों के उपचुनाव के लिए 28 सितंबर (आज) सुबह से मतदान शुरू हो चुका है. चार महीने पहले भारी बहुमत से सत्ता संभालने के बाद वीडी सतीशन सरकार के लिए यह पहला और सबसे बड़ा पॉलिटिकल लिटमस टेस्ट माना जा रहा है. जानते हैं पूरी खबर.

केरल में कांग्रेस की जीत ‘आंधी’ थी या सिर्फ ‘तुक्का’? 29 सितंबर को आ रहा फैसलाZoom

केरल में मई की ‘आंधी’ अब भी कायम या हवा बदल गई? 38 वार्डों के उपचुनाव से मिलेगा पहला संकेत

kerala 38 ward by election: केरल की सत्ता पर 102 सीटों के साथ ऐतिहासिक कब्जा जमाने वाले मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और उनके यूडीएफ (UDF) गठबंधन की लोकप्रियता का असली ‘पॉलिटिकल लिटमस टेस्ट’ आज शुरू हो गया है. राज्य के 12 जिलों के 38 स्थानीय निकाय वार्डों के उपचुनाव के लिए 28 सितंबर (आज) सुबह से वोट डाले जा रहे हैं. चार महीने पहले मिली बंपर जीत महज एक चुनावी ‘तुक्का’ थी या कांग्रेस की मजबूत ‘आंधी’, इसका पूरा फैसला कल आने वाले चुनावी नतीजों से साफ हो जाएगा.

केरल में कांग्रेस सरकार बनने के बाद पहला बड़ा चुनावी टेस्ट

मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, ये उपचुनाव 12 जिलों में हो रहे हैं. केवल कोल्लम और अलप्पुझा इस चरण में शामिल नहीं हैं. चुनाव में 2 कॉर्पोरेशन वार्ड, 3 नगरपालिका वार्ड, 3 जिला पंचायत वार्ड, 7 ब्लॉक पंचायत वार्ड और 23 ग्राम पंचायत वार्ड हैं. कुल 38 वार्डों में 126 उम्मीदवार मैदान में हैं.

कागज पर UDF का पलड़ा भारी

इन 38 वार्डों में पहले से 22 पर UDF का कब्जा है. वहीं 15 वार्ड LDF के पास हैं. ऐसे में दोनों गठबंधनों के लिए अपनी सीटें बचाना अहम है. मई के विधानसभा चुनाव में UDF की बड़ी जीत के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्थानीय स्तर पर भी उसका समर्थन बना हुआ है या नहीं.

LDF के सामने जमीन वापस लेने की चुनौती

विधानसभा चुनाव में हार के बाद LDF के लिए ये उपचुनाव अपनी स्थिति परखने का मौका हैं. स्थानीय निकायों में बेहतर प्रदर्शन से वह अपनी राजनीतिक पकड़ का संकेत दे सकता है. दूसरी तरफ भाजपा के नेतृत्व वाला NDA भी इन मुकाबलों में सक्रिय है. तीनों गठबंधनों की नजर स्थानीय स्तर पर अपने प्रदर्शन पर है.

बिजली और विदेश दौरों पर सियासी घमासान

विपक्ष ने सरकार को बिजली की स्थिति के अलावा मुख्यमंत्री के हवाई सफर और मंत्रियों के विदेश दौरों से जुड़े विवादों पर घेरा है. UDF ने इसके जवाब में अपनी कल्याणकारी योजनाओं को सामने रखा है. इनमें प्रियदर्शिनी योजना भी शामिल है. ऐसे में चुनावी मुकाबले में स्थानीय मुद्दों के साथ सरकार के शुरुआती कामकाज की चर्चा भी हुई है.

29 सितंबर को खुलेगा चुनावी राज

मतदान सोमवार सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक चलेगा. राज्य चुनाव आयोग के मुताबिक मतगणना मंगलवार 29 सितंबर को सुबह 10 बजे शुरू होगी. दोपहर तक नतीजे आने की उम्मीद है. इन नतीजों से यह तो तय नहीं होगा कि पूरे केरल का राजनीतिक रुख बदल गया है, लेकिन 38 स्थानीय वार्डों की तस्वीर जरूर सामने आएगी. UDF के लिए यह मई की बड़ी जीत के बाद पहला स्थानीय संकेत होगा. LDF के लिए यह वापसी की कोशिश का मौका है. NDA भी अपनी जमीन तलाश रहा है.

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