झांसी रेलवे वर्कशॉप, 1889 में अंग्रेजों द्वारा शुरू किया गया, 1895 से लोकोमोटिव, कोच और वैगन की मरम्मत कर रहा है. यह झांसी के विकास और रेलवे इतिहास का अहम हिस्सा है. उस दौर में रेलवे के लिए यह काम काफी अहम था क्योंकि लंबे सफर के दौरान इंजन और डिब्बों में तकनीकी खराबियां आती रहती थीं. हर छोटी बड़ी मरम्मत के लिए उन्हें किसी दूसरे शहर भेजना समय और पैसे दोनों के लिहाज से मुश्किल था. झांसी में वर्कशॉप बनने से रेलवे को इसी क्षेत्र में रखरखाव की सुविधा मिल गई. आगे चलकर यहां वैगन रिपेयर का काम ज्यादा प्रमुख हो गया और यह रेलवे के बड़े मरम्मत केंद्रों में शामिल हो गया.
झांसीः झांसी का रेलवे वर्कशॉप शहर की पहचान से जुड़ी पुरानी जगहों में से एक है. इसकी कहानी आज से करीब 137 साल पहले शुरू हुई थी. साल 1889 में अंग्रेजों ने यहां रेलवे वर्कशॉप बनाने का काम शुरू कराया था. उस समय देश में रेलवे का नेटवर्क तेजी से फैल रहा था और झांसी भी कई महत्वपूर्ण रेल मार्गों के बीच एक जरूरी पड़ाव बन रहा था. इतिहासकार हर गोबिंद बताते हैं कि झांसी की लोकेशन रेलवे के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण थी. यहां से अलग अलग दिशाओं में जाने वाली रेल लाइनों का संपर्क था. ऐसे में ट्रेनों के इंजन कोच और वैगन की देखरेख के लिए इसी क्षेत्र में बड़ी सुविधा तैयार करना अंग्रेजों के लिए जरूरी था.
1895 से वर्कशॉप में बननें लगे लोकोमोटिव कोच और वैगन
1889 में निर्माण शुरू होने के बाद करीब छह साल में यहां रेलवे से जुड़ा काम शुरू हो गया. साल 1895 में वर्कशॉप में लोकोमोटिव कोच और वैगन की मरम्मत होने लगी. उस दौर में रेलवे के लिए यह काम काफी अहम था क्योंकि लंबे सफर के दौरान इंजन और डिब्बों में तकनीकी खराबियां आती रहती थीं. हर छोटी बड़ी मरम्मत के लिए उन्हें किसी दूसरे शहर भेजना समय और पैसे दोनों के लिहाज से मुश्किल था. झांसी में वर्कशॉप बनने से रेलवे को इसी क्षेत्र में रखरखाव की सुविधा मिल गई. आगे चलकर यहां वैगन रिपेयर का काम ज्यादा प्रमुख हो गया और यह रेलवे के बड़े मरम्मत केंद्रों में शामिल हो गया.
वर्कशॉप से जुड़ी है झांसी के विकास की कहानी
इस वर्कशॉप का असर झांसी शहर पर भी पड़ा. रेलवे में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ी तो उनके लिए घर और दूसरी सुविधाओं की जरूरत भी बढ़ी. रेलवे से जुड़े काम के कारण रोजगार के नए रास्ते खुले. इसके आसपास बाजार और रिहायशी इलाकों का भी विस्तार हुआ. यानी अंग्रेजों के समय बना यह वर्कशॉप सिर्फ रेलवे के डिब्बों की मरम्मत करने वाली जगह नहीं था. इसके बनने से झांसी में रेलवे से जुड़ा पूरा माहौल तैयार हुआ. रेलवे के विस्तार के साथ शहर की आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ीं. आज भी यह वर्कशॉप झांसी के रेलवे इतिहास और शहर के विकास की कहानी का अहम हिस्सा माना जाता है.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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