- क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में हिंदी पुस्तक मेला एवं पोस्टर-कैलीग्राफी प्रदर्शनी का आयोजन
- हिंदी केवल भाषा नहीं, हमारी सांस्कृतिक पहचान भी: शेफाली स्वरूप
- कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग को मिले बढ़ावा: संजना आर्य
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार और कार्यालयीन कार्यों में इसके प्रभावी कार्यान्वयन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हापुड़ चुंगी स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में हिंदी पखवाड़ा-2026 के अंतर्गत बुधवार को हिंदी पुस्तक मेला एवं हिंदी पोस्टर-कैलीग्राफी प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में हिंदी साहित्य की पुस्तकों, हस्तलिखित पोस्टरों और आकर्षक कैलीग्राफी नमूनों ने लोगों का ध्यान खींचा। प्रदर्शनी का उद्घाटन मुख्य आयकर आयुक्त गाजियाबाद शेफाली स्वरूप ने क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी संजना आर्य की उपस्थिति में किया।
प्रदर्शनी में साहित्य, संस्कृति, इतिहास, समाज, व्यक्तित्व विकास सहित विभिन्न विषयों से संबंधित हिंदी पुस्तकों को प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही कर्मचारियों एवं प्रतिभागियों द्वारा तैयार किए गए हिंदी पोस्टरों और कैलीग्राफी के नमूनों को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया। सुंदर अक्षरों में लिखे संदेशों और रचनात्मक पोस्टरों के माध्यम से हिंदी भाषा के प्रति रचनात्मक जुड़ाव को प्रदर्शित किया गया।
मुख्य आयकर आयुक्त शेफाली स्वरूप ने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विविधता और भावनात्मक एकता से जुड़ी भाषा है। हिंदी को बढ़ावा देने के लिए केवल औपचारिक आयोजनों तक सीमित रहने के बजाय दैनिक जीवन और कार्यालयीन कार्यों में भी इसके प्रयोग को सहज बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भाषा जितनी अधिक व्यवहार में आएगी, उतनी ही मजबूती से समाज में उसका विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि पुस्तकों का अध्ययन व्यक्ति के ज्ञान और विचारों का विस्तार करता है। डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव के बावजूद पुस्तकों का महत्व कम नहीं हुआ है।
हिंदी पुस्तक मेले जैसे आयोजन लोगों को साहित्य से जोडऩे और पढऩे की संस्कृति को प्रोत्साहित करने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने प्रदर्शनी में लगाए गए पोस्टरों और कैलीग्राफी की सराहना करते हुए कहा कि रचनात्मकता के माध्यम से भाषा को और आकर्षक बनाया जा सकता है। शेफाली स्वरूप ने कहा कि हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए सरकारी कार्यालयों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। कार्यालयीन पत्राचार, अभिलेख और जनसंचार में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग से आम नागरिकों के साथ संवाद आसान और प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन के लिए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय की पहल की सराहना की।
कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रयोग पर जोर
क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी संजना आर्य ने कहा कि राजभाषा हिंदी को प्रोत्साहित करना केवल एक प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि भाषा के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने के लिए कर्मचारियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। हिंदी में कामकाज को सरल और सहज बनाने के साथ-साथ कर्मचारियों में हिंदी के प्रति रुचि पैदा करना भी जरूरी है। संजना आर्य ने कहा कि हिंदी पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियों का उद्देश्य कर्मचारियों को हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित करना है।
उन्होंने कहा कि पुस्तक मेला और पोस्टर-कैलीग्राफी प्रदर्शनी जैसे कार्यक्रम भाषा को केवल सरकारी कामकाज तक सीमित न रखकर रचनात्मक अभिव्यक्ति से जोड़ते हैं। इससे कर्मचारियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी मिलता है। उन्होंने कहा कि हिंदी की समृद्ध साहित्यिक परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में पुस्तकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यालय में आयोजित पुस्तक मेले के माध्यम से कर्मचारियों को अलग-अलग विषयों की हिंदी पुस्तकों से परिचित होने का अवसर मिला। उन्होंने प्रदर्शनी में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों की सराहना की।
पोस्टरों और कैलीग्राफी ने खींचा ध्यान
हिंदी पुस्तक मेले के साथ लगाई गई पोस्टर और कैलीग्राफी प्रदर्शनी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। विभिन्न संदेशों और विषयों पर तैयार किए गए हस्तलिखित पोस्टरों में हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और जागरूकता का संदेश दिखाई दिया। वहीं कैलीग्राफी के आकर्षक नमूनों ने हिंदी अक्षरों की कलात्मक सुंदरता को सामने रखा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा हिंदी पुस्तकों और रचनात्मक प्रस्तुतियों की सराहना की।
आयोजन का उद्देश्य हिंदी के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने के साथ कर्मचारियों को राजभाषा के प्रयोग के लिए प्रेरित करना रहा। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम हिंदी पखवाड़ा-2026 की गतिविधियों के तहत भाषा के प्रचार-प्रसार और कार्यालयीन कार्यों में हिंदी के प्रभावी उपयोग की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में सामने आया।
The post किताबों से सजी हिंदी की दुनिया, कैलीग्राफी ने बिखेरी भाषा की खूबसूरती appeared first on UdayBhoomi.
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||

