Image Slider

दिल्ली के एक किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) ने अपराध की दुनिया में धंसते जा रहे नाबालिगों को बाहर निकालने के लिए पहली बार अनोखा फैसला सुनाया है। हत्या समेत अन्य मामलों में शामिल रहे 9 नाबालिगों को जमानत तो दी है, मगर सभी को दिल्ली से बाहर रहने के आदेश दिए हैं। दिल्ली में प्रवेश से पहले जेजेबी को सूचित किया जाएगा। ये नाबालिग अपने रिश्तेदारों की देखरेख में पढ़ाई करेंगे और अपना करियर बनाएंगे। 

ऑर्डर में मायूम विहार के एक 17 वर्षीय लड़के की हत्या के आरोपी छह नाबालिगों को (कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चे) को अपनी रिहाई की शर्त के रूप में राष्ट्रीय राजधानी से बाहर रहने और बोर्ड को पूर्व सूचना दिए बिना वापस न लौटने का निर्देश दिया है।

यह आदेश किशोर न्याय बोर्ड-4, पूर्वी जिला ने मयूर विहार में दो मई को दर्ज भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 103(1) (हत्या), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 126(2) (गलत तरीके से रोकना) और 3(5) (सामान्य इरादा) के तहत मामले में सुनाया है। इस मामलें में छह नाबालिग को पकड़ा गया था। नाबालिग आरोपियों ने मयूर विहार के एक सरकारी स्कूल के 11वीं कक्षा के 17 वर्षीय छात्र की जनवरी में पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। त्रिलोकपुरी में एक सोशल मीडिया पोस्ट पर कमेंट को लेकर हुए विवाद के बाद इन छह किशोरों ने उसे बाहर बुलाया था। 

बोर्ड ने जांच अधिकारी इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार की रिपोर्ट, काउंसलिंग रिपोर्ट और नाबालिगों के वकीलों एवं माता-पिता या अभिभावकों की दलीलों पर विचार करने के बाद जमानत मंजूर की।

आदेश में ये शर्ते रखी गई हैं 

  • दिल्ली से बाहर रहने की शर्त- एक दुर्लभ जमानत निर्देश में, किशोर न्याय बोर्ड ने कानून का उल्लंघन करने वाले सभी छह बच्चों को बोर्ड को पूर्व सूचना दिए बिना दिल्ली न आने के बात कही है। 
  • उत्तर प्रदेश के रिश्तेदारों के पास पुनर्वास- उन्हें उनके घरों में लौटने की अनुमति देने के बजाय, बोर्ड ने उन्हें पड़ोसी उत्तर प्रदेश के संभल, रामपुर, गाजियाबाद और हापुड़ में रिश्तेदारों के साथ रहने का निर्देश दिया।
  • प्रतिबंध का उद्देश्य- इस आदेश का उद्देश्य नाबालिगों को संभावित बुरे प्रभावों से दूर रखना है, साथ ही पीड़ित के परिवार और गवाहों को किसी भी तरह की धमकी या दबाव से बचाना है।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||