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  • त्योहारों से पहले आबकारी का मिशन मोड, दिन-रात छापेमारी और निगरानी से अवैध कारोबारियों पर कसेगा शिकंजा
  • पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर ट्रक-टैंकरों की तलाशी, संदिग्ध वाहनों से लेकर शराब के ठिकानों तक टीमों की पैनी नजर
  • शटर के नीचे छिपकर बिक्री पर भी निगरानी, तय समय, सीसीटीवी और शत-प्रतिशत बिक्री व्यवस्था पर विभाग की नजर

उदय भूमि संवाददाता
लखनऊ। आगामी त्योहारों और चुनावी माहौल के मद्देनजर राजधानी में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसी क्रम में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग ने भी विशेष प्रवर्तन अभियान तेज कर दिया है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान के निर्देशन में विभाग की टीमें शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों और हाईवे तक लगातार छापेमारी, दबिश और जांच कर रही हैं। विभाग का फोकस केवल अवैध शराब पकडऩे तक सीमित नहीं है, बल्कि लाइसेंसी दुकानों पर नियमों का पालन सुनिश्चित कराने और दुकान बंद होने के बाद होने वाली अवैध बिक्री पर भी निगरानी रखी जा रही है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान के अनुसार अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री और परिवहन पर प्रभावी रोकथाम के लिए प्रवर्तन टीमों को लगातार सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। उनका कहना है कि शराब के अवैध कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के साथ लाइसेंसी विक्रेताओं को भी निर्धारित नियमों के अनुसार ही कारोबार करना होगा। विभाग की कोशिश है कि वैध दुकानों की आड़ में किसी तरह की अनियमितता या अवैध बिक्री न हो।

प्रवर्तन अभियान के तहत शुक्रवार को आबकारी निरीक्षक सर्किल-3 राम श्याम त्रिपाठी और आबकारी निरीक्षक सेक्टर-11 राहुल सिंह ने अपनी टीम के साथ पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर वाहनों की जांच की। टीम ने एक्सप्रेसवे से गुजरने वाले ट्रकों, टैंकरों, भारी वाहनों और छोटे वाणिज्यिक वाहनों को जांच के दायरे में लिया। हाईवे पर होने वाली यह चेकिंग शराब की अवैध ढुलाई पर निगरानी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। टीमों की ओर से संदिग्ध वाहनों की जांच कर यह देखा जा रहा है कि कहीं दूसरे राज्यों या अन्य स्थानों से अवैध रूप से मदिरा का परिवहन तो नहीं किया जा रहा। विभाग का प्रयास है कि शराब तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले रास्तों पर लगातार निगरानी रखी जाए और तस्करों को किसी भी स्तर पर आसानी से रास्ता न मिले।

जिला आबकारी अधिकारी की ओर से टीमों को अभियान के दौरान पूरी सतर्कता बरतने और संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। हाईवे चेकिंग के साथ अन्य प्रमुख मार्गों पर भी निगरानी बढ़ाई जा रही है। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान की कार्यशैली में प्रवर्तन और निगरानी दोनों पर बराबर जोर दिखाई दे रहा है। एक तरफ उनकी टीमें हाईवे पर वाहनों की जांच कर संभावित तस्करी पर नजर रख रही हैं, वहीं दूसरी ओर गांवों और बागों में दबिश देकर कच्ची शराब के ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। इसके साथ ही लाइसेंसी दुकानों की औचक जांच कर विक्रेताओं को नियमों का पालन कराने की कार्रवाई भी जारी है।

आबकारी विभाग का अभियान आने वाले दिनों में और तेज होने की तैयारी है। अधिकारियों के मुताबिक अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और परिवहन की सूचना मिलने पर संबंधित स्थान पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लाइसेंसी दुकानों पर भी लगातार जांच जारी रहेगी, ताकि वैध बिक्री की आड़ में किसी तरह का अवैध कारोबार न हो सके। इस दोहरी निगरानी के जरिए विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि शराब के अवैध कारोबार और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

बागों में छापा, 10 लीटर कच्ची शराब और 50 किलो लहन बरामद
ग्रामीण क्षेत्रों में महुआ से तैयार होने वाली अवैध कच्ची शराब के खिलाफ भी आबकारी विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-2 अखिलेश चौधरी ने आबकारी टीम और रहीमाबाद थाना पुलिस बल के साथ ग्राम औलियाखेड़ा और उसके आसपास के संदिग्ध स्थानों एवं बागों में संयुक्त दबिश दी। छापेमारी के दौरान टीम को मौके से करीब 10 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद हुई। इसके साथ ही करीब 50 किलोग्राम लहन मौके पर नष्ट कराया गया। कार्रवाई के बाद आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं में अभियोग भी पंजीकृत किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब के निर्माण के लिए बागों और सुनसान स्थानों का इस्तेमाल किए जाने की आशंका को देखते हुए विभाग की टीमें ऐसे स्थानों पर भी लगातार निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जहां भी अवैध शराब के निर्माण या बिक्री की सूचना मिलेगी, वहां तत्काल जांच और दबिश की कार्रवाई की जाएगी।

दुकान बंद होने के बाद शटर के नीचे से शराब दुकानों पर नजर
आबकारी विभाग की निगरानी केवल अवैध शराब बनाने वालों तक सीमित नहीं है। लाइसेंसी दुकानों की भी लगातार औचक जांच की जा रही है। विभाग यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि निर्धारित समय के बाद दुकानों के बंद होने के बावजूद किसी विक्रेता द्वारा शटर के नीचे से शराब की बिक्री न की जाए। जिला आबकारी अधिकारी करुणेन्द्र सिंह सचान की टीमों ने लाइसेंसी दुकानों पर बिक्री व्यवस्था, पॉस मशीन के इस्तेमाल, सीसीटीवी कैमरों और शराब के ब्रांडों की उपलब्धता की भी जांच शुरू की है। अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि लाइसेंसी दुकानों पर होने वाली बिक्री पूरी तरह निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हो और किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी न की जाए।

आबकारी निरीक्षक सेक्टर-10 नेहा कुमारी ने देशी शराब दुकान किशोरगंज, देशी शराब दुकान न्यू पारा रोड, देशी शराब दुकान लक्ष्मणविहार पारा रोड और कंपोजिट शॉप पारा रोड का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान विक्रेताओं को निर्धारित समय के अनुसार दुकान संचालित करने, सीसीटीवी कैमरे चौबीसों घंटे चालू रखने, अधिक से अधिक निर्धारित ब्रांड उपलब्ध रखने और पॉस मशीन से शत-प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। दुकानों के सामने या आसपास अवैध रूप से मदिरापान कराने पर भी सख्ती से रोक लगाने को कहा गया है। विभाग की कोशिश है कि शराब की बिक्री से जुड़ी पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रहे और लाइसेंसी दुकानें नियमों के दायरे में ही संचालित हों।

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