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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि जरूरत पड़ने पर नीट परीक्षा सिस्टम की जांच के लिए जज नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के ऑफिस का दौरा करेंगे।
कोर्ट ने कहा कि जांच के दौरान देखेंगे कि परीक्षा को सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए किए गए इंतजाम वास्तव में सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं।
इससे पहले सरकार ने 19 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि NEET परीक्षा सिस्टम फूलप्रूफ है। इसमें सेंध लगाना मुश्किल है।
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अलोक अराधे की बेंच यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट, FAIMA और अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। इसमें NTA को भंग करने और पेपर लीक रोकने के लिए मजबूत निगरानी सिस्टम की मांग की गई है।
सुप्रीम कोर्ट के 4 आदेश- NTA को वेबसाइट पर ब्योरा देना होगा
1. सुधारों की जानकारी दें- कोर्ट ने NTA को अपने सुधारों और अब तक हुई प्रगति का ब्योरा वेबसाइट पर डालने का निर्देश दिया है। इससे परीक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलावों की जानकारी सार्वजनिक होगी।
2. स्थायी कर्मचारी रखे जाएं- NTA के लिए पर्याप्त स्थायी कर्मचारी और विशेषज्ञ स्टाफ रखने की जरूरत पर चर्चा हुई। कोर्ट ने बेहतर मैनपावर, प्रशिक्षण, इंफ्रास्ट्रक्चर और संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत बताई। NTA को मजबूत कानूनी आधार देने के लिए वैधानिक व्यवस्था पर भी विचार किया गया।
3. डिजिटल परीक्षा चरणबद्ध तरीके से होगी- कोर्ट ने कहा कि लिखित परीक्षा से डिजिटल परीक्षा की ओर बदलाव अचानक नहीं किया जा सकता। इसे धीरे-धीरे लागू करना होगा, ताकि नई व्यवस्था में परेशानी न हो।
4. सुझाव भेजने की सुविधा- कोर्ट ने कहा कि परीक्षा सुधारों को लेकर वकील और राज्य अपने सुझाव तय ई-मेल के जरिए भेज सकते हैं। इन सुझावों को सुधार प्रक्रिया में शामिल किया जा सकेगा।
सरकार ने कहा- कमेटी सितंबर के अंत तक रिपोर्ट देगी
केंद्र ने कोर्ट को बताया कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाली हाई-पावर्ड पैनल की पहली अंतरिम रिपोर्ट सितंबर के अंत तक आने की संभावना है।
18 अगस्त: सुप्रीम कोर्ट ने 3 महीने में 2 बार कहा- UPSC जैसा सिस्टम बनाएं
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि UPSC की तरह ऐसा मजबूत सिस्टम बनाना चाहिए, जिसमें परीक्षा कराने का अनुभव अधिकारियों के ट्रांसफर होने के बाद भी संस्था के पास बना रहे। ये तीन महीने में दूसरा मौका है जब UPSC जैसा सिस्टम बनाने की बात कही गई।
कोर्ट ने कहा कि कागज पर प्रक्रिया बेहतर दिख सकती है, लेकिन असली चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि एक परीक्षा के बाद अगली परीक्षा तक व्यवस्था में वही कमजोरियां दोबारा न लौटें।
NEET पेपर लीक में 13 गिरफ्तार, 21 जून को री-टेस्ट हुआ
NEET-UG परीक्षा 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेश के 14 सेंटर्स में हुई थी। इसमें करीब 23 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया।
12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया। 21 जून को नीट की परीक्षा दोबारा हुई थी। इस मामले की जांच CBI कर रही है। अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
2024 में बनी थी राधाकृष्णन कमेटी, 101 सिफारिशें दी थीं
केंद्र सरकार ने 22 जून 2024 को पूर्व इसरो चीफ के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई थी। कमेटी ने NTA के एग्जाम में जरूरी सुधार, पेपर लीक और दूसरी गड़बड़ियों पर 101 सिफारिशें की थीं।
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सुप्रीम कोर्ट बोला- एयरफोर्स की तैनाती स्थायी हल नहीं, NEET के लिए अब पक्की प्रक्रिया बनाएं
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि वह पेपर लीक रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर बारीकी से नजर रखेगा। कोर्ट ने कहा कि सालों से अस्थायी (तदर्थ) व्यवस्थाओं के सहारे काम करने से दिक्कतें पैदा हुई हैं। अब परीक्षा की पक्की और व्यवस्थित प्रक्रिया बनाई जाए। पूरी खबर पढ़ें…
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