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LCA Mk-1A Delivery Update: भारत ने फ्रांस से 100 से ज्‍यादा राफेल फाइटर जेट खरीदने के प्रस्‍ताव को ही झंडी दे दी है. अब इसकी कीमत समेत अन्‍य चीजों पर बातचीत चल रही है. इस बीच, भारत पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट खरीदने पर भी विचार कर रहा है, ताकि चीन के साथ पैदा हुए गैप को फौरी तौर पर भरा जा सके. हालांकि, इसपर फिलहाल निर्णायक फैसला नहीं हुआ है. दूसरी तरफ, लाइट कॉम्‍बैट एयरक्राफ्ट MK-1A को लेकर गुड न्‍यूज सामने आई है.

देसी सूरमा गदर काटने को तैयार, डिलीवरी पर HAL का आया फाइनल अपडेटZoom

HAL के चेयरमैन और एमडी रवि के. ने लाइट कॉम्‍बैट एयरक्राफ्ट यानी LCA Mk-1A फाइटर जेट की डिलीवरी पर बड़ा अपडेट दिया है. (फोटो: ANI)

LCA Mk-1A Delivery Update: इंडियन एयरफोर्स के लिए फाइटर जेट के 42 स्‍क्‍वाड्रन स्‍वीकृत हैं. इसका उद्देश्‍य पाकिस्‍तान और चीन की सीमा को महफूज रखना है. चिंता की बात यह है कि IAF के फाइटर जेट स्‍क्‍वाड्रन की संख्‍या 29 के आसपास पहुंच चुकी है. ऐसे में यदि भारत को टू-फ्रंट वॉर सिचुएशन का सामना करना पड़ा तो हालात गंभीर हो सकते हैं. इसी को देखते हुए भारत ने नेक्‍स्‍ट जेनरेश्‍न का फाइटर जेट डेवलप करने के लिए AMCA प्रोजेक्‍ट लॉन्‍च किया है. दूसरी तरफ, तेजस सीरीज के तहत लड़ाकू विमान डेवलप करने का काम लगातार चल रहा है. इसके साथ ही भारत ने वायुसेना की ताकत को बनाए रखने के लिए फ्रांस से 100 से ज्‍यादा राफेल फाइटर जेट खरीदने के प्रस्‍ताव को हरी झंडी दे दी है. इनमें से कुछ विमान फ्लाई-बाय यानी पूरी तरह से तैयार स्थिति में मिलेंगे, जबकि अन्‍य का भारत में ही उत्‍पादन किया जाएगा. साथ ही पांचवीं पीढ़ी का विमान खरीदने पर भी विचार किया जा रहा है. इन सबके बीच, हिन्‍दुस्‍तान एयरनॉटिक्‍स लिमिटेड (HAL) ने लाइट कॉम्‍बैट एयरक्राफ्ट LCA Mk-1A पर बड़ी खुशखबरी दी है. तमाम लेट-लतीफी के बाद एचएएल ने LCA Mk-1A की डिलीवरी पर बड़ा अपडेट दिया है. एचएएल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्‍टर रवि के. ने बताया कि इस साल के अंत तक LCA Mk-1A की डिलीवरी शुरू कर दी जाएगी. इंडियन एयरफोर्स के लिए यह बिग बूस्‍ट होगा.

HAL को उम्मीद है कि इस साल के अंत तक भारतीय वायुसेना को स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान LCA Mk-1A की डिलीवरी शुरू हो जाएगी. HAL के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक रवि के. ने बताया कि विमान में रडार से जुड़े कुछ मुद्दों और हथियारों के इंटीग्रेशन का ट्रायल पूरा किया जा रहा है. HAL का लक्ष्य इन कमियों को करीब एक महीने में दूर करने का है. HAL के चेयरमैन ने बाया कि विमान से जुड़े ‘लास्ट-माइल करेक्शन’ का काम जारी है. ‘हिन्‍दुस्‍तान टाइम्‍स’ की रिपोर्ट के अनुसार, रव‍ि ने बताया कि कुछ रडार संबंधी समस्याओं का समाधान किया जाना बाकी है. इसके अलावा वेपन सिस्‍टम का ट्रायल भी लंबित है. इन प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद LCA Mk-1A को डिलीवरी के लिए तैयार किया जा सकेगा. उन्‍होंने बताया कि पहले LCA Mk-1A की डिलीवरी दिसंबर के आसपास शुरू होने की संभावना है.

LCA Mk-1A फाइटर जेट की डिलीवरी में देरी का इंडियन एयरफोर्स पर विपरीत असर पड़ रहा है (फोटो: ANI)

180 LCA Mk-1A फाइटर जेट का करार

LCA Mk-1A भारतीय वायुसेना के फाइटर जेट फ्लीट को मजबूत करने की योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. वायुसेना ने Mk-1A के लिए दो अलग-अलग सौदे किए हैं. इनमें कुल 180 विमान शामिल हैं और इनकी कुल कीमत करीब 1.1 लाख करोड़ रुपये है. पहला सौदा फरवरी 2021 में 83 विमानों के लिए हुआ था, जबकि सितंबर 2025 में 97 अतिरिक्त विमानों का दूसरा सौदा किया गया था. HAL ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 में करीब 10 Mk-1A विमान मुहैया कराने का लक्ष्य रखा है. एचएएल के एमडी रवि के अनुसार, कंपनी को GE Aerospace से 10 इंजन मिल चुके हैं, जबकि 27 जेट एयरफ्रेम तैयार अवस्था में हैं. उन्होंने कहा कि उपलब्ध इंजनों के आधार पर 10 विमानों की डिलीवरी की जा सकती है.

फाइटर जेट की डिलीवरी में देरी

Mk-1A कार्यक्रम में पहले ही देरी हो चुकी है. साल 2021 के पहले सौदे के तहत शुरुआती विमानों की डिलीवरी मार्च 2024 तक होनी थी. हालांकि, GE Aerospace से F404-IN20 इंजनों की समय पर सप्‍लाई नहीं होने और जरूरी सर्टिफिकेशन में देरी सहित कई कारणों से यह समयसीमा पूरी नहीं हो सकी. HAL का कहना है कि यदि इंजन की आपूर्ति लगातार बनी रहती है तो वह मौजूदा ऑर्डर को तीन से चार साल में पूरा कर सकती है. HAL ने उत्पादन जारी रखने की रणनीति अपनाई है. कंपनी के मुताबिक इंजन उपलब्ध नहीं होने पर भी एयरफ्रेम बनाए जा रहे हैं, ताकि इंजन मिलने के साथ विमानों को तैयार किया जा सके. HAL की उत्पादन क्षमता हर साल 24 Mk-1A विमान बनाने की है.

2025 में 97 अतिरिक्‍त फाइटर जेट का करार

साल 2025 में हुए 97 विमानों के सौदे में स्वदेशी सामग्री की हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना है. इन विमानों में स्वदेशी Uttam AESA रडार और ‘स्वयम् रक्षा कवच’ इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम जैसे उपकरण शामिल किए जाएंगे. HAL के मुताबिक पहले 83 विमानों में इस्तेमाल होने वाले करीब 40 आयातित सिस्टम को दूसरे ऑर्डर के दौरान स्वदेशी बनाया जाएगा. इस बीच LCA Mk-2 कार्यक्रम भी आगे बढ़ रहा है. HAL के अनुसार विमान का ढांचा तैयार हो चुका है और फ्रंट, सेंटर तथा रियर फ्यूजलेज को जोड़ दिया गया है. कंपनी मार्च 2027 तक पहला ग्राउंड रन और उसी साल बाद में पहली उड़ान का लक्ष्य लेकर चल रही है. हालांकि Mk-2 का औपचारिक कॉन्‍ट्रैक्‍ट अभी होना बाकी है.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…

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