1. जन्म विवरण और बुनियादी कुंडली विवरण
जन्म तिथि एवं स्थान: 17 सितंबर 1950, दोपहर 12:09 बजे (कुछ स्रोतों के अनुसार 11:00 AM), मेहसाणा, गुजरात।
उम्र: 17 सितंबर 2026 को वे 76 वर्ष के हो जाएँगे।
चंद्र एवं लग्न राशि: वृश्चिक (नक्षत्र: अनुराधा)।
सूर्य राशि: कन्या।
2. मुख्य राजयोग और ग्रहों की स्थिति
चंद्र-मंगल युति व रूचक राजयोग: लग्न (प्रथम भाव) में स्वराशि के मंगल और चंद्रमा की युति से ‘महालक्ष्मी योग’ बनता है। मंगल केंद्र में अपनी राशि में होकर ‘रूचक पंचमहापुरुष राजयोग’ बनाता है, जो व्यक्ति को एक सफल प्रशासनिक अधिकारी व जननेता बनाता है और विरोधियों को परास्त करता है।
उच्च का गुरु: चौथे भाव (कुंभ राशि) में स्थित गुरु जन-लोकप्रियता और आध्यात्मिक बल प्रदान करता है।
शुक्र-शनि युति: दसवें भाव (सिंह राशि) में यह युति जातक को प्रभावशाली एवं राजाओं जैसी जीवनशैली प्रदान करती है।
बुधादित्य योग: एकादश भाव (कन्या राशि) में सूर्य, बुध और केतु की युति से बुधादित्य योग बन रहा है, जो सुख और समृद्धि का कारक है।
3. ज्योतिषीय दशाएँ और भविष्यफल
वैदिक ज्योतिष: दिसंबर 2020 से मई 2027 तक मंगल की महादशा प्रभावी है। जनवरी 2027 तक शुक्र की अंतर्दशा और उसके बाद मई 2027 तक सूर्य की अंतर्दशा रहेगी।
लाल किताब: सितंबर 2020 से सितंबर 2026 तक शनि में शनि की अंतर्दशा है, जिसके बाद राहु की दशा शुरू होगी।
प्रभाव: मंगल का ‘शत्रुहंता योग’ उन्हें अत्यधिक पराक्रमी बनाता है, जिससे विरोधी प्रत्यक्ष संघर्ष में उनसे जीत नहीं पाएंगे। वे अपना कार्यकाल पूरा करेंगे और 2027 तक वैश्विक मंच पर उनका और भारत का प्रभाव बढ़ेगा। 2027 के उत्तरार्ध या 2028 में वे स्वयं किसी नए नेतृत्व को जिम्मेदारी सौंपने या मार्गदर्शक भूमिका में जाने का निर्णय ले सकते हैं।
प्रमुख भविष्यवाणियां और प्राचीन ग्रंथ
1. संत अच्युतानंद दास (भविष्य मालिका व चउषठि पटल)
भविष्य मालिका के अनुसार ‘नरेंद्र’ नाम का शासक भारत का प्रतिनिधित्व करेगा। उनके शासनकाल में भारत पर आक्रमण की स्थिति बन सकती है, जिसमें 13 मुस्लिम देश और चीन शामिल हो सकते हैं।
इस संघर्ष/तृतीय विश्वयुद्ध के बाद भारत की विजय होगी और वह ‘विश्वगुरु’ के रूप में स्थापित होगा।
इसके बाद भारत की बागडोर एक अविवाहित, शक्तिशाली योगी पुरुष (संत) के हाथों में जाने का उल्लेख है।
2. नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियाँ
- तीन ओर समुद्र से घिरे क्षेत्र (भारत) में एक महान नेता का जन्म होगा, जिसकी प्रसिद्धि और शक्ति पूरे विश्व में फैलेगी।
- वह समुद्र तट से सटे प्रांत में सामान्य पृष्ठभूमि में जन्मेगा और अपनी लोकप्रियता से सभी वर्गों को एकजुट करेगा।
- उसकी अगुवाई में भारत दुनिया की एक महाशक्ति बनकर उभरेगा।
3. संत मावजी महाराज (वाणी/चौपड़े)
लगभग 350 वर्ष पूर्व संत मावजी ने भविष्यवाणी की थी कि गुजरात का डंका पूरे देश में बजेगा (“दिल्ली मा दीवो लागे”) और सनातन धर्म की पुनरुत्थान यात्रा शुरू होगी।
आगामी समय में मुख्य घटनाक्रम (संभावित दिशा)
- पाकिस्तान और चीन से जुड़े सीमा विवादों में भारत की निर्णायक विजय और रणनीतिक बढ़त।
- देश के राजनीतिक ढांचे, शासन व्यवस्था और शिक्षा में ऐतिहासिक बदलाव।
- पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POJK) के लिए भारत एक बड़े अभियान को अंजाम देगा।
- देश में कई क्षेत्रों में जनविद्रोह और आंदोलन की संभावना।
डिस्क्लेमर : उपरोक्त जानकारी विभिन्न स्रोत पर आधारित है। इसकी आधिकारिक पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है।
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