Lolark Kund: अर्चना, मीरा और अनीता ये वो महिलाएं हैं, जिनकी आस का सहारा बना वाराणसी का लोलार्क कुंड. अलग अलग जगहों की रहने वाली इन महिलाओं ने संतान सुख के लिए पहले मेडिकल का सहारा लिया. लेकिन ज़ब आस टूट गईं तो इनके लिए काशी का लोलार्क कुंड के चमत्कार से इनकी सुनी गोद भरी. उनके जैसी भी कई महिलाएं है जिनकी संतान प्राप्ति की कामना काशी के इसी कुंड से पूरा हुआ. यह यह सभी दम्पति अपने परिवार के साथ यहां मन्नत उतारने आएं.
लोकल18 से बातचीत में सैदपुर की अर्चना ने बताया की उनके शादी को चार साल से अधिक का समय बीत चुका था. संतान नहीं हुई तो डॉक्टरों से परामर्श भी लिया लेकिन ज़ब सफलता नहीं मिली तो उन्होंने लोलार्क कुंड के बारे में सुना. फिर उन्होंने यहां स्नान किया. इसके एक साल के भीतर ही अर्चना की गोद भर गई. कुछ ऐसी कहानी मीरा की भी उनकी गोद भी इसी कुंड के चमत्कार से भरा. उनका पूरा परिवार आज काफी खुश भी है.
24 घंटे से लाइन में लगे है श्रद्धालु
शास्त्रों में इस कुंड को सूर्य कुंड कहा जाता है. भाद्रपद शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि यानि लोलार्क छठ पर इस कुंड में जब सूर्य की किरणे इस कुंड पर पड़ती है तो इसके जल में विशेष अदृश्य शक्तियां होती है. इसी कारण यहां स्नान के लिए यहां लाखों श्रद्धालुओं की कतार लगी हई है. रात्रि से कुंड में स्नान शुरू हो गया है. जो आज पुरे दिन चलेगा. अनुमान है 24 घंटे में इस कुंड में 5 लाख श्रद्धालु स्नान करेंगे. कुंड में स्नान के लिए 2 लाईन से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जा रहा है. वहीं निकासी के लिए अलग द्वार बनाया गया है.एडिशनल एसपी, इंस्पेक्टर के अलावा 40 से ज्यादा दरोगाओं ने कमान संभाल रखी है. इसके अलावा पीएसी और स्वयं सेवक भी बीते रात से डटें हुए है. एक आंकड़े के मुताबिक, सुबह सात बजे तक लोलार्क कुंड में 1 लाख 30 हजार श्रद्धालुओं ने यहां डुबकी लगाई.
गिरा था भगवान सूर्य के रथ का पहिया
सुरक्षा के लिहाज से इस बार खास ड्रोन कैमरे की मदद से पुरे इलाके में नजर रखी जा रही है. इसके लिए बकायदा पुलिस की टीम की तैनाती की गईं है. जो 24 घंटे इसकी मॉनिटरिंग कर रही है. धार्मिक कथाओं के अनुसार इसी जगह भगवान सूर्य ने कठिन तप कर शिवलिंग की स्थापना की थी. एक कथा ये भी है की इसी स्थान पर भगवान सूर्य के रथ का पहिया भी गिरा था जिसके इस कुंड का निर्माण हुआ. बता दें की सूर्योदय के समय इस कुंड के जल पर सबसे पहले सूर्य की किरणे पड़ती है.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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