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फरीदाबाद: चेहरे पर बार-बार पिंपल्स निकलना सिर्फ स्किन केयर की कमी की वजह से नहीं होता, आपकी डाइट भी इसमें भूमिका निभा सकती है. रोजाना ज्यादा मीठा खाना, ऑयली फूड, दूध या कुछ डेयरी प्रोडक्ट्स कुछ लोगों में पिंपल्स की समस्या बढ़ा सकते हैं. वहीं, संतुलित डाइट, पर्याप्त पानी और जरूरी पोषक तत्व त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. तो आखिर पिंपल्स से बचने के लिए खाने-पीने में किन बातों का ध्यान रखें. जानिए डाइटिशियन और न्यूट्रिशन कंसल्टेंट से.

लोकल18 से बातचीत में फरीदाबाद सर्वोदय हॉस्पिटल की सीनियर डाइटिशियन और न्यूट्रिशन कंसल्टेंट रितिका शर्मा बताती हैं कि मीठे को हम कुछ हद तक पिंपल्स बढ़ने की वजह मान सकते हैं. इसका रीजन यह होता है कि जब हम चीनी की मात्रा ज्यादा लेते हैं, तो हमारा कॉर्टिसोल लेवल बढ़ जाता है. हमारी बॉडी स्ट्रेस में जाती है और फिर इंफ्लेमेशन होता है, जो आपके फेस पर, जॉलाइन और चिन पर दिखाई देने लगता है. पिंपल्स होने लगते हैं.

तैलीय भोजन हो सकता है पिंपल्स के कारण

रितिका शर्मा बताती हैं कि ऑयली खाना खाने से पिंपल्स जरूर बढ़ सकते हैं. लेकिन हां, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ऑयली और अनहाइजीनिक खाने से ज्यादा नुकसान होता है, बजाय ऑयली और हाइजीनिक खाने के. आप घर में पूड़ी बना रहे हैं या कोई चीज फ्राई करके खा रहे हैं और कभी-कभार उसे इंजॉय कर रहे हैं, तो उससे उतनी प्रॉब्लम होने के चांस नहीं हैं. बल्कि अगर आप बाहर का अनहाइजीनिक खाना ज्यादा खाते हैं, जिसमें नमक ज्यादा है, मसाले ज्यादा हैं और ट्रांस फैट ज्यादा इस्तेमाल होता है, तो वह ज्यादा नुकसान कर सकता है. ट्रांस फैट का मतलब है कि तेल को बार-बार गर्म करके उसी में खाना गर्म किया जा रहा है. वह तेल काफी नुकसान करता है और इससे इंफ्लेमेशन बढ़ सकता है. इसका असर शरीर पर पड़ सकता है और पिंपल्स निकलने लगते हैं.

एलर्जी हो भी सकता है इसका कारण

रितिका शर्मा बताती हैं कि दूध और डेयरी प्रोडक्ट्स से पिंपल्स बढ़ने का असर हर व्यक्ति में अलग हो सकता है. अगर किसी के शरीर को दूध सूट नहीं करता है या डेयरी प्रोडक्ट्स से परेशानी होती है, तो उन्हें पिंपल्स होने के चांस रहते हैं. किसी को एलर्जी है या इनडाइजेशन है, तो भी इस तरह की समस्या होने की संभावना रहती है. सामान्य तौर पर अगर कोई हेल्दी पर्सन है, जिसे कोई एलर्जी नहीं है और इनडाइजेशन की समस्या नहीं है. दूध या दूध से बनी चीजों से उन्हें यह प्रॉब्लम होने की संभावना कम होती है. अगर दूध में केमिकल या हार्मोनल इंजेक्शन के इस्तेमाल की बात है, तो समस्या दूध से नहीं बल्कि उसमें मौजूद किसी चीज की वजह से हो सकती है. इंफ्लेमेशन होने के चांस बढ़ सकते हैं.

बैलेंस डाइट रखें

रितिका शर्मा बताती हैं एक तो अपना हाइड्रेशन बहुत जरूरी है. इसकी मात्रा आपको अपनी जरूरत को ध्यान में रखकर लेनी है. बैलेंस डाइट लेनी है, जिसमें फाइबर, प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट सभी चीजें नियमित मात्रा में शामिल हों. इससे आपकी बॉडी को एनर्जी और न्यूट्रिशन मिलता रहे. ताकि इंफ्लेमेशन बढ़ने की संभावना कम हो और पिंपल्स की समस्या न बढ़े. रितिका शर्मा बताती हैं कि पानी की कमी से पिंपल्स नहीं बढ़ते हैं. लेकिन हां, डिहाइड्रेशन की वजह से आपकी स्किन पर फ्लेक्स आना और ड्राइनेस बढ़ना जैसी समस्या हो सकती है. इसकी वजह से रेड बंप्स भी आने लगते हैं. पानी की कमी की वजह से सीधे पिंपल्स नहीं होते हैं. इसलिए पर्याप्त पानी पीना जरूरी है.

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