लोनी। लोनी में एक प्रेसवार्ता से शुरू हुआ विवाद अब भाजपा बनाम भाजपा की जंग बन गया है। मामला थमने के बजाय और बढ़ता जा रहा है। रविवार को भी दोनों पक्षों ने अलग-अलग महापंचायत कर शक्ति प्रदर्शन किया। एक तरफ सिरौली गांव में लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के समर्थन में 36 बिरादरी की हिंदू महापंचायत हुई, तो दूसरी तरफ रिस्तल गांव में भाजपा नेता व पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनिल कसाना ने विधायक के खिलाफ महापंचायत की। दोनों ही जगह एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए। इसके बाद लोनी में सियासी माहौल पूरी तरह से गरमा गया है। क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस अलर्ट पर है। लोनी क्षेत्र के चारों थानों को अलर्ट किया गया है और करीब 1000 लोगों को शांति व्यवस्था के लिए पाबंद किया गया है। वहीं संगठन ने इसे दोनों पक्षों का आपसी मामला बताया है।
सिरौली में विधायक के समर्थन में जुटी 36 बिरादरी
लोनी के सिरौली गांव स्थित एक स्कूल में रविवार को लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के समर्थन में महापंचायत बुलाई गई। इसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पंचायत में आयोजकों ने दावा किया कि यह 36 बिरादरी की हिंदू महापंचायत है। इसमें हाल की आपराधिक घटनाओं, सामाजिक विवाद और कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान विधायक के खिलाफ कथित षड्यंत्र और लोनी में जानबूझकर तनाव पैदा करने के प्रयासों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई गई।
महापंचायत में तीन अहम प्रस्ताव पास किए गए। पहला प्रस्ताव था कि 36 बिरादरी पूरी तरह से विधायक नंदकिशोर गुर्जर के साथ है। दूसरा प्रस्ताव विधायक का विरोध करने वाले भाजपा नेताओं की जांच को लेकर था, जिसमें कहा गया कि जो लोग पार्टी में रहकर विधायक का विरोध कर रहे हैं, उनकी भूमिका की जांच होनी चाहिए। तीसरे प्रस्ताव में सामाजिक विवादों के समाधान के लिए 51 सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया, जो क्षेत्र में होने वाले सामाजिक विवादों को आपस में बैठकर सुलझाएगी।
लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि वह हिंदुत्व और गौरक्षा के मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि लोनी की शांति खराब करने वालों का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। महापंचायत में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि हाजी सलमान के मामले में कुछ नेताओं ने लखनऊ में विपक्ष के मुखिया से वार्ता कर लोनी विधायक की हत्या की योजना बनाई थी। पंचायत में साध्वी आस्था मां, संगम लोहिया, प्रियंका आर्य, अरुण कृष्ण महाराज, अर्चना प्रधान, मनुपाल बंसल, हिमांशु लौहरा, कोमल गुर्जर समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
रिस्तल में अनिल कसाना के पक्ष में 12 गांवों की पंचायत
दूसरी ओर लोनी विधायक के विरोध और भाजपा नेता अनिल कसाना के पक्ष में रिस्तल गांव में महापंचायत का आयोजन किया गया। इस पंचायत में कोतवालपुर, राजपुर, भूपखेड़ी, धारीपुर, सिरोरा, रेवड़ी, गढ़ी कलजरी, जावली, रिस्तल, महमूदपुर, शकलपुर और सीती गांव समेत 12 गांवों के लोग शामिल हुए। पंचायत में बड़ी संख्या में ग्रामीण और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने समाज के लोगों के साथ अभद्रता की है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभा में कहा गया कि लोनी की पहचान सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे के लिए रही है, लेकिन विधायक के आचरण से इस भाईचारे को नुकसान पहुंच रहा है। लोनी विधायक के कथित आचरण के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पेश किया गया और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से स्थानीय जनप्रतिनिधि के आचरण पर कार्रवाई करने की मांग की गई। सभा में लोगों ने सामाजिक सौहार्द, शांति और भाईचारा कायम रखने का संकल्प लिया।
अनिल कसाना ने कहा कि यह मामला चुनाव या राजनीति का नहीं है। यह समाज के सम्मान का मामला है। उनका आरोप है कि पांच सितंबर को स्थानीय जनप्रतिनिधि द्वारा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और अपनी ही पार्टी के लोगों से अभद्रता करने की घटना से समाज में भारी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी। इस मौके पर शिव कुमार प्रधान, बबली प्रधान, इंद्रराज, रोहताश, जयवीर, मनोज प्रधान, महकार कसाना समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
यह है पूरा मामला
दरअसल, 5 सितंबर को लोनी के दो नंबर स्थित एक रेस्टोरेंट में भाजपा नेता अनिल कसाना ने हाजी सलमान द्वारा हिंदू युवक से मारपीट के बाद बिगड़े माहौल को लेकर प्रेसवार्ता रखी थी। इस प्रेसवार्ता में पूर्व विधायक और सपा नेता जाकिर अली समेत अन्य लोग शामिल हुए थे। प्रेसवार्ता के बाद वहां लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर पहुंच गए, जहां अनिल कसाना और उनके बीच तीखी बहस और विवाद हो गया। इस मामले में विधायक का अनिल कसाना समेत प्रेसवार्ता में मौजूद नेताओं को गाली देने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद विधायक ने गाली देने से इनकार किया था। इस घटनाक्रम के बाद से विवाद और बढ़ गया और क्षेत्र में भाजपा के ही विधायक और नेताओं के बीच पंचायतों का दौर शुरू हो गया।
क्या बोली पुलिस
डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि करीब 1000 लोगों को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पाबंद किया गया है। इसमें वे लोग भी शामिल हैं, जो क्षेत्र का माहौल खराब कर सकते हैं। वहीं, पंचायतों और अन्य कार्यक्रमों में शामिल लोगों की भी निगरानी की जा रही है। लोनी में हुई पंचायतों को लेकर कोई अलग से फोर्स तैनात नहीं की गई थी, स्थानीय पुलिस निगरानी रख रही थी।
दोनों पक्ष का आपसी मामला है। पार्टी से जुड़ा कोई विवाद नहीं है। इस संबंध में हाईकमान को जानकारी दी गई है।
-चैनपाल सिंह, जिला अध्यक्ष, भाजपा
लोनी। रिस्तल गांव में भाजपा नेता अनिल कसाना के नेतृत्व में महापंचायत हुई। संवाद
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