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5 cricketers Most runs in test without a hundred: टेस्ट क्रिकेट में 100 रन का आंकड़ा हर बल्लेबाज का सपना होता है. लेकिन क्रिकेट इतिहास में शेन वॉर्न, निरोशन डिकवेला, मिचेल स्टार्क, टिम साउदी और चेतन चौहान ऐसे दिग्गज रहे, जिन्होंने बल्ले से 2000 से ज्यादा रन बनाए, दर्जनों अर्धशतक जड़े, लेकिन नियति ने उनके नाम के आगे कभी तीन अंकों का जादू दर्ज नहीं होने दिया. वॉर्न और स्टार्क 99 रन पर आउट होकर बदकिस्मत रहे. बिना शतक के भी इन 5 सूरमाओं की पारियों का प्रभाव किसी यादगार शतक से कम नहीं रहा.

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टेस्ट में बिना एक भी शतक लगाए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले पांच बल्लेबाजों की लिस्ट.

नई दिल्ली. क्रिकेट में शतक केवल एक आंकड़ा नहीं, एक जज्बा है. जब कोई बल्लेबाज 99 से 100 पर पहुंचता है, तो पूरा स्टेडियम खड़ा होकर तालियां बजाता है. लेकिन टेस्ट इतिहास में कुछ ऐसे महान और निडर खिलाड़ी भी रहे हैं, जिन्होंने बल्ले से हजारों रन बनाए, अपनी टीमों को कई बार मुश्किलों से निकाला, लेकिन नियति ने उनके नाम के आगे कभी तीन डिजिट का आंकड़ा दर्ज नहीं होने दिया. ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न को दुनिया गेंद का जादूगर मानती है, लेकिन निचले क्रम में उनके बल्ले का खौफ भी कम नहीं था.

शेन वॉर्न (Shane Warne) ने 1992 से 2007 के लंबे करियर में 145 टेस्ट मैचों की 199 पारियों में 17.32 की औसत से 3,154 रन बनाए. इस दौरान उन्होंने 12 अर्धशतक जड़े, जिनमें 484 चौके और 35 छक्के शामिल रहे.वॉर्न के करियर का सबसे दर्दनाक लम्हा 2001 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पर्थ टेस्ट में आया, जब वे 99 रन पर कैच आउट हो गए. वह महज 1 रन का फासला उन्हें हमेशा के लिए बिना शतक के सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में टॉप पर छोड़ गया.

टेस्ट में बिना एक भी शतक लगाए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले पांच बल्लेबाजों की लिस्ट.

निरोशन डिकवेला के नाम बिना शतक के सबसे ज्यादा 50+ स्कोर का अजीब रिकॉर्ड
श्रीलंका के आक्रामक विकेटकीपर बल्लेबाज निरोशन डिकवेला (Niroshan Dickwella) ने 2014 से 2026 के बीच 56 टेस्ट मैच खेले. 100 पारियों में 30.67 की बेहतरीन औसत से 2,757 रन बनाने वाले डिकवेला ने अपने बल्ले से 313 चौके और 11 छक्के निकाले. डिकवेला के पास मैच को पलटने की गजब क्षमता थी. उन्होंने अपने करियर में 22 बार अर्धशतकीय पारियां खेलीं और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 92 रन रहा. 22 बार 50 का आंकड़ा पार करने के बाद भी एक बार भी इसे शतक में न बदल पाना टेस्ट इतिहास का एक अनोखा और कसक भरा रिकॉर्ड बन गया.

तेज गेंदबाजों मिचेल स्टार्क और टिम साउदी के बल्ले से तूफानी जलवा
मॉडर्न दौर के दो दिग्गज तेज गेंदबाजों ने भी निचले क्रम में उतरकर बल्ले से बड़े-बड़े रिकॉर्ड बनाए हैं. ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क (Mitchesll Starc) ने 2011 से 2026 के दौरान 107 टेस्ट मैचों की 157 पारियों में 20.14 की औसत से 2,498 रन बनाए हैं. उन्होंने अपनी तूफानी बल्लेबाजी के दम पर 13 अर्धशतक जमाए, जिनमें 257 चौके और 49 छक्के शामिल हैं. वॉर्न की तरह स्टार्क भी 99 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर आउट होकर शतक से चूक गए थे. न्यूजीलैंड के टिम साउदी (Tim Southee) ने साल 2008 से 2024 तक 107 टेस्ट की 156 पारियों में 15.48 की औसत से 2,098 रन जुटाए. साउदी की बल्लेबाजी की सबसे बड़ी खासियत उनके 83 लंबे छक्के और 212 चौके रहे. 7 बार अर्धशतक जड़ने वाले साउदी का उच्चतम स्कोर नाबाद 77 रन रहा.

भारतीय क्रिकेट का निडर और जुझारू ओपनर चेतन चौहान
भारतीय क्रिकेट इतिहास में चेतन चौहान (Chetan Chauhan) का नाम एक ऐसे मजबूत और धैर्यवान सलामी बल्लेबाज के रूप में दर्ज है, जिन्होंने सुनील गावस्कर के साथ मिलकर भारत को कई यादगार शुरुआत दिलाईं. 1969 से 1981 के बीच 40 टेस्ट खेलने वाले चौहान ने 68 पारियों में 31.57 की ठोस औसत से 2,084 रन बनाए. चौहान ने अपने करियर में 16 अर्धशतक लगाए, जिसमें 166 से ज्यादा चौके और 20 से ज्यादा छक्के शामिल रहे. उनका उच्चतम स्कोर 97 रन रहा. वह 2,000 से ज्यादा रन बनाने वाले दुनिया के पहले ऐसे विशुद्ध विशेषज्ञ बल्लेबाज थे, जिनके नाम कोई शतक दर्ज नहीं हो सका.

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Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…

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