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सुल्तानपुर शहर में जाम की समस्या लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है. खासकर पुरानी सब्जी मंडी के आसपास सड़क पर लगने वाली दुकानों और खरीदारी के लिए आने वाले लोगों की वजह से अक्सर यातायात प्रभावित होता है. इसी समस्या से निजात दिलाने के उद्देश्य से प्रशासन की ओर से कुछ वर्ष पहले पुरानी सब्जी मंडी में लगने वाली दुकानों को स्थानांतरित करने के लिए नई हाट बाजार का निर्माण कराया गया था. इसके लिए दुकानों का ढांचा तैयार किया गया और इस पूरी व्यवस्था पर लाखों रुपए खर्च किए गए.

सुल्तानपुरः शहर की सबसे प्रमुख समस्याओं में एक जाम की समस्या बनी रहती है. इसी जाम की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा कुछ वर्ष पहले पुरानी सब्जी मंडी में लगने वाली दुकानों को स्थानांतरित करने के उद्देश्य से एक नई हाट बाजार का निर्माण किया गया था. इस बाजार को बनाने के लिए और दुकानों को लगाने के लिए ढांचा भी तैयार किया गया,कई लाख रुपए भी खर्च हो गए लेकिन दुर्भाग्य ऐसा कि अभी तक इस नई मंडी में एक भी दुकान नहीं लगती जिसकी वजह से न सिर्फ जाम की समस्या बनी रहती है बल्कि नई सब्जी मंडी की उम्मीद देख रहे लोगों को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में आज हम ग्राउंड रिपोर्ट में जानेंगे कि कैसी है इस सब्जी मंडी की हालत.

जाम से निजात के लिए बनाई गई थी नई हाट बाजार

सुल्तानपुर शहर में जाम की समस्या लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है. खासकर पुरानी सब्जी मंडी के आसपास सड़क पर लगने वाली दुकानों और खरीदारी के लिए आने वाले लोगों की वजह से अक्सर यातायात प्रभावित होता है. इसी समस्या से निजात दिलाने के उद्देश्य से प्रशासन की ओर से कुछ वर्ष पहले पुरानी सब्जी मंडी में लगने वाली दुकानों को स्थानांतरित करने के लिए नई हाट बाजार का निर्माण कराया गया था. इसके लिए दुकानों का ढांचा तैयार किया गया और इस पूरी व्यवस्था पर लाखों रुपए खर्च किए गए.

दुकानें आवंटित, लेकिन बाजार में सन्नाटा

तेजस पांडेय ने कहा कि नई हाट बाजार तैयार होने के बाद उम्मीद थी कि यहां दुकानें लगेंगी और पुरानी सब्जी मंडी के आसपास लगने वाली दुकानों को यहां स्थानांतरित किया जाएगा. इससे शहर की सड़कों पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन हालात कुछ अलग हैं. नई हाट बाजार में दुकानों के लिए ढांचा तो तैयार है, लेकिन यहां अभी तक एक भी दुकान संचालित होती नजर नहीं आती. बाजार में बने ढांचे खाली पड़े हैं और जिस उद्देश्य से इसका निर्माण कराया गया था, वह पूरा होता दिखाई नहीं दे रहा है.

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Rajneesh Kumar Yadav

Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…

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