Image Slider

Last Updated:

उत्तर प्रदेश के आलू उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. फसल तैयार होने के बाद आलू को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज का भारी भरकम खर्च अब किसानों की जेब पर भारी नहीं पड़ेगा. मऊ जिले में उद्यान विभाग की ओर से किसानों को कोल्ड स्टोरेज भंडारण शुल्क पर प्रति क्विंटल 100 रुपये की सीधी सब्सिडी दी जा रही है.

मऊ: अक्सर देखा जाता है कि किसान आलू की अधिक उपज होने के बाद भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज का ही सहारा लेते हैं, क्योंकि भारी मात्रा में उपज का सुरक्षित भंडारण केवल कोल्ड स्टोरेज में ही संभव हो पाता है. इसके लिए किसानों को अब तक भारी-भरकम भंडारण शुल्क चुकाना पड़ता था. किसानों को इस आर्थिक बोझ से बचाने और आलू की खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार एक विशेष योजना के तहत कोल्ड स्टोरेज भंडारण पर सब्सिडी दे रही है. आइए जानते हैं इस योजना का लाभ उठाने की पूरी प्रक्रिया क्या है.

उद्यान अधिकारी ने दी योजना की जानकारी
लोकल 18 से बातचीत के दौरान जिला उद्यान अधिकारी राम सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश स्तर पर इस नई योजना की शुरुआत की गई है. आमतौर पर कोल्ड स्टोर में आलू रखने पर किसानों को 250 रुपये से लेकर 300 रुपये प्रति क्विंटल तक का भंडारण शुल्क देना पड़ता है. अब इस निर्धारित भंडारण शुल्क पर विभाग की ओर से 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सब्सिडी प्रदान की जा रही है.

पोर्टल पर ऐसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
जो किसान पहली बार आलू की खेती कर रहे हैं, उन्हें उस खेत का खसरा लगाना होगा जिसमें आलू बोया गया था. इसके बाद विभाग के आधिकारिक पोर्टल dbt.uphorticulture.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा. शीतगृह (कोल्ड स्टोरेज) में आलू का रखरखाव करते समय मिलने वाली तख्त-पट्टी की रसीद, निकासी के समय मिलने वाली गेट पास की रसीद और अन्य जरूरी प्रपत्र पोर्टल पर अपलोड करने होंगे.

सत्यापन के बाद सीधे खाते में आएगी राशि
किसान द्वारा सभी जरूरी दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करते ही पूरा डेटा सीधे उद्यान विभाग मुख्यालय को प्रेषित हो जाता है. इसके बाद विभाग द्वारा इन दस्तावेजों की जांच और सत्यापन का काम पूरा किया जाता है. सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने पर 100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से सब्सिडी की धनराशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसान के बैंक खाते में भेज दी जाती है, जिससे किसानों को भंडारण में आर्थिक सुगमता मिलती है.

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान के पास मुख्य रूप से उत्पादन से संबंधित खसरा होना अनिवार्य है. इस खसरे में स्पष्ट रूप से यह दर्ज होना चाहिए कि खेत के किस गाटा संख्या में आलू की बुवाई की गई थी. इसकी सत्यापन रिपोर्ट संबंधित गांव का लेखपाल तैयार करके देगा. इसके अतिरिक्त, आलू जमा करते समय की तख्त-पट्टी की रसीद, भंडारण शुल्क की रसीद, निकासी शुल्क की रसीद, गेट पास और संबंधित फोटो पोर्टल पर अपलोड करने होंगे. इसके अलावा पोर्टल पर मांगे जाने वाले अन्य आवश्यक दस्तावेज भी दर्ज करने होंगे.

30 अक्टूबर तक करें आवेदन
यदि आप इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसके लिए अंतिम तिथि 30 अक्टूबर निर्धारित की गई है. जनपद में सरकार द्वारा भंडारण सब्सिडी का बजट भी जारी कर दिया गया है. ऐसे में किसान 30 अक्टूबर से पहले अपना पंजीकरण अवश्य करा लें, ताकि समय रहते सब्सिडी की धनराशि सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर हो सके.

About the Author

Rahul Goel

Rahul Goel is a senior journalist with over 15 years of experience in print and digital media. He currently serves as a Coordinator and Publisher at News18 Hindi, managing State and Local18 content operations a…

और पढ़ें

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||