त्योहारों में गंदे पानी से गुजरने की मजबूरी
लोकल 18 से बात करते हुए स्थानीय ग्रामीण साधना बताती हैं कि यह उनके गांव की आने-जाने वाली मुख्य सड़क है और लगभग 10 वर्ष पूर्व अधूरा नाला छोड़ दिए जाने की वजह से सड़क पर ही इसका जलजमाव होता है. जिससे उन्हें कई प्रकार की दिक्कतें होती हैं. वह बताती हैं कि त्योहारों में व्रत रहकर इसी नाले के गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है. जिउतिया और डाला छठ के समय गांव से बाहर जाकर व्रत रखकर पूजा-पाठ किया जाता है.
लोग नहा-धोकर घर से तो निकलते हैं लेकिन फिर इसी गंदे नाले के पानी से होकर गुजरना पड़ता है, इससे उनके पूजा-पाठ में भी कई व्यवधान उत्पन्न होते हैं. कई बार महिला ग्राम प्रधान से शिकायत की गई लेकिन आज तक समस्या का समाधान नहीं कराया गया. नाला बनने के बाद से आज तक कभी इस नाले की साफ-सफाई भी नहीं कराई गई, जिस वजह से नाला जाम होकर सड़क पर ही पानी बहता है.
सफाई कर्मियों की लापरवाही और बदहाली का अंबार
शीला बताती हैं कि यह गांव का मुख्य नाला है, सभी ग्रामीणों का पानी इसी नाले में बहता है, लेकिन कभी गांव में सफाईकर्मी नहीं आते जिसकी वजह से यह नाला पूरी तरह से जाम हो गया है. तथा नाला तो बनाया गया लेकिन अधूरे में ही छोड़ दिया गया. इस नाले के गंदे पानी की निकासी कहीं नहीं कराई गई, जिस वजह से मुख्य सड़क पर ही आकर इसका जलजमाव होता है. गांव के प्रधान चुनाव जीतने के बाद कभी इस मोहल्ले में नहीं आते, जिससे मोहल्ले में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है.
मुख्य सड़क पर जलजमाव होने की वजह से कई बीमारियां उत्पन्न हो रही हैं, छोटे-छोटे बच्चे बीमार हो जा रहे हैं. कई बार शिकायत के बाद भी इस समस्या का समाधान नहीं किया गया है. जिसकी वजह से लगभग 10 वर्षों से ग्रामीण इसी नाले के गंदे पानी से होकर गुजर रहे हैं और कई बीमारियों से जूझ रहे हैं.
स्कूली बच्चों की फजीहत और रोज की जंग
हसीना बेगम व मुहम्मद उस्मान बताते हैं कि मोहर्रम हो या कोई और त्योहार हो, इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है. प्रत्येक दिन स्कूली बच्चे इस गंदे पानी में गिर जाते हैं, कई बार शिकायत की गई लेकिन आज तक इस समस्या का समाधान नहीं कराया गया, जो अब यह धीरे-धीरे ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है. लगभग 10 वर्षों से ऐसे ही ग्रामीण इस समस्या से जूझ रहे हैं. स्कूली बच्चे हफ्ते में दो दिन सफेद ड्रेस पहनकर जाते हैं.
इस गंदे पानी से होकर गुजरने में उनके ड्रेस खराब हो जाते है. स्कूल में भी डांट पड़ती है और घर पर भी डांट पड़ती है. लेकिन मजबूरी है, पढ़ाई के लिए बच्चों को स्कूल इसी गंदे नाले के पानी से होकर गुजरना पड़ता है. यदि इस समस्या का समाधान कर दिया जाए तो ग्रामीणों के लिए सबसे बेहतर होगा.
निकासी न होने से 5 किमी के दायरे में आफत
मोहम्मद जाहिद व साहू गिरी बताते हैं कि जसड़ा ग्राम सभा में ग्रामीण कई समस्याओं से जूझ रहे हैं. जिसमें सबसे बड़ी समस्या 10 वर्षों से अधूरा नाला और नाले का मुख्य सड़क पर गंदा पानी बहना है, जो ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बनी हुई है. मुख्य सड़क पर ही नाले का गंदा पानी बहता है और इस नाले के गंदे पानी से होकर लोगों को गुजरना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव से 5 किलोमीटर के दायरे में कोई बेहतर सड़क नहीं है, जो सड़क है उस सड़क पर ही नालों का पानी बह रहा है, जिससे पूरे ग्रामीणों में कई बीमारियों के फैलने की आशंका बनी रहती है.
लोग अपने घरों से बच्चों को स्कूल भेजने के लिए गांव के बाहर तक लेकर आते हैं, वहां से बच्चे बस में बैठकर स्कूल जाते हैं. यदि नाले की समस्या का समाधान कर दिया जाए और उसकी निकासी कर दी जाए तथा सफाईकर्मियों से साफ करा दिया जाए तो यह जलजमाव की स्थिति समाप्त हो जाएगी और ग्रामीणों को कई प्रकार की सुविधाएं मिलने लगेंगी.
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