Image Slider

दिल्ली की एक कोर्ट ने आईआरसीटीसी घोटाले मामले में लालू प्रसाद यादव और अन्य के खिलाफ आरोप तय करने पर अपना फैसला टाल दिया है। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने इस मामले को 10 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दिया है।

न्यायाधीश गोगने को राउज एवेन्यू कोर्ट से द्वारका जिला कोर्ट में अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश फैमिली कोर्ट (एपीजेएफसी) के रूप में स्थानांतरित किया गया है। अदालत के कर्मचारियों ने बताया कि न्यायाधीश के स्थानांतरण के कारण मामले की सुनवाई स्थगित की गई। 

यह मामला इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) के दो होटलों के परिचालन अनुबंध निजी फर्म को देने में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। ये अनियमितताएं तब हुईं जब यादव रेल मंत्री के पद पर थे। इस मामले में कई अन्य लोग भी आरोपी हैं। 

ईडी इस मामले में धन शोधन के आरोपों की जांच कर रहा है। ईडी का यह मामला सीबीआई की एफआईआर से ही निकला है। इसमें रेलवे के दो होटलों के अनुबंध निजी फर्म को देने में कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन किया गया था।

सीबीआई मामले में पहले ही तय हुए थे आरोप

आईआरसीटीसी घोटाले से संबंधित एक अन्य मामले में, सीबीआई ने आरोप तय किए थे। यह आरोप पिछले साल 13 अक्टूबर 2025 को तय किए गए थे। लालू प्रसाद यादव के साथ उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव भी आरोपी हैं। कुल 11 अन्य लोगों पर भी धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगे थे।

यह आरोप है कि यादव ने अपने पद का दुरुपयोग किया था। सीबीआई ने इस मामले में विस्तृत जांच की थी। ईडी का मामला भी इन्हीं आरोपों पर आधारित है। इस मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी, जब अदालत आगे की कार्रवाई पर विचार करेगी।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||