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दिल्ली के सरकारी स्कूलों में लंबे समय से चली आ रही शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शिक्षक दिवस पर शनिवार को शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने 10,417 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का एलान किया। इसके साथ ही विशेष जरूरत वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए 613 विशेष शिक्षकों की नियुक्ति का भी प्रावधान किया गया है। 

भर्ती से कक्षाओं का अतिरिक्त बोझ कम होने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सहयोग मिलने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार, कई स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में शिक्षक कम होने से मौजूदा शिक्षकों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी है। इसका असर विद्यार्थियों पर व्यक्तिगत ध्यान देने पर भी पड़ता है। ऐसे में नई नियुक्तियों से शिक्षकों और विद्यार्थियों का अनुपात बेहतर करने में मदद मिलेगी। ब्यूरो

शिक्षा पर 19,148 करोड़ रुपये का बजट

वित्त वर्ष 2026-27 में शिक्षा क्षेत्र के लिए 19,148 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। सरकार के मुताबिक, राशि का इस्तेमाल शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ तकनीकी और आधुनिक शिक्षण संसाधनों के विस्तार में किया जाएगा।

170 स्कूलों में बनेंगे आधुनिक लैंग्वेज लैब

विद्यार्थियों की भाषा और संवाद क्षमता मजबूत करने के लिए 170 आधुनिक लैंग्वेज लैब स्थापित की जा रही हैं। इनमें 70 सीएम श्री स्कूल व 100 अन्य सरकारी स्कूल शामिल हैं।

सीएम रेखा गुप्ता ने किया 118 शिक्षकों का सम्मान

शिक्षक दिवस के अवसर पर त्यागराज स्टेडियम में आयोजित शिक्षक महाकुंभ-स्टेट टीचर्स अवॉर्ड 2026 में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 118 शिक्षकों को सम्मानित किया। इनमें स्कूल प्रमुख, शिक्षा निदेशालय और एमसीडी स्कूलों के शिक्षक, सीएम श्री स्कूलों के शिक्षक, पुस्तकालयाध्यक्ष, विशेष शिक्षक और खेल शिक्षक शामिल रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं है। वे विद्यार्थियों में संस्कार, कौशल, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। एक शिक्षक का प्रभाव एक विद्यार्थी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी पीढ़ी के निर्माण में योगदान देता है। उन्होंने कहा कि सशक्त शिक्षक ही विकसित दिल्ली की मजबूत नींव तैयार कर सकते हैं। सरकार का जोर पारंपरिक पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों में व्यावहारिक दक्षता विकसित करने पर भी है। इसके लिए नींव, राष्ट्रनीति और निपुण संकल्प जैसी पहल लागू की जा रही हैं। इनके माध्यम से बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता के साथ समस्या समाधान, नवाचार, उद्यमिता और लोकतांत्रिक मूल्यों को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।

बच्चों को सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ें

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से बच्चों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, अनुशासन, नियमों के पालन और जरूरतमंदों की मदद जैसे सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का आह्वान किया। बच्चों की सुरक्षा के लिए गुड टच और बैड टच जैसी जरूरी जानकारियां देने में भी शिक्षकों की भूमिका पर जोर दिया। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि शिक्षकों की भर्ती के साथ उनके प्रशासनिक और एचआर से जुड़े मामलों के समाधान पर भी सरकार काम कर रही है। गेस्ट शिक्षकों की ड्यूटी और अन्य सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य अगले साल तक शिक्षकों से जुड़े अधिकांश एचआर मामलों के समाधान की दिशा में ठोस प्रगति करना है। 

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