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नेपाल में जारी प्रलयंकारी बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी का सीधा असर अब उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में तबाही के रूप में दिखने लगा है. आजमगढ़ में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तमसा-सरयू नदियों के चढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती इलाकों में दहशत फैला दी है. जिले के कई गांवों का संपर्क कट चुका है और लोग जान जोखिम में डालकर नावों के सहारे आवागमन करने को मजबूर हैं.

Azamgarh Flood News: नेपाल में आई भारी बारिश और बाढ़ के बिगड़े हालात का असर उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी साफ तौर पर दिखाई देने लगा है. वहीं इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से आजमगढ़ समेत 16 जिलों में बाढ़ को लेकर अलर्ट भी जारी किया गया है. वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट, बलिया समेत विभिन्न शहरों में नदियों के जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा भी मंडराने लगा है. इसी बीच आजमगढ़ में बीते चार दिनों से लगातार हो रही बारिश ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. शहर को तीन तरफ से घेर कर बहने वाली तमसा नदी का जलस्तर भी लगातार ऊपर चढ़ रहा है, जिससे तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं.

खतरे के निशान से 4 मीटर नीचे तमसा, घाट डूबे
वहीं बाढ़ खंड के सरकारी आंकड़ों और ताजा जानकारी के मुताबिक, गुरुवार तक तमसा नदी का जलस्तर 70.050 मीटर दर्ज किया गया है. हालांकि राहत की बात यह है कि फिलहाल नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 4 मीटर नीचे है. इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में नदी का पानी घाटों की सीढ़ियों तक पहुंच चुका है. घाटों के डूबने से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंताएं बढ़ रही हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि बारिश का यही सिलसिला यूं ही जारी रहा, तो नदी के बढ़ते जलस्तर के साथ-साथ शहर के निचले इलाकों में भी जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है.

प्रशासन की निगरानी, लोगों में खौफ का माहौल
बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन की टीम लगातार नदी के जलस्तर पर निगरानी कर रही है. वहीं स्थानीय नदी के लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण स्थानीय निवासियों के अंदर डर की स्थिति बनी हुई है. मोहल्ले के लोगों का कहना है कि जिस तरह प्रदेश के अन्य जिलों में नदियां उफान पर हैं और पानी लोगों की बस्तियों तक पहुंच गया है, उसी तरह तमसा का पानी भी विकराल रूप ले सकता है. जिस तरीके से पिछले 4 दिनों से लगातार बारिश हो रही है, अगर यही स्थिति बनी रही तो पानी घरों के भीतर घुस सकता है. इसी आशंका को देखते हुए नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए समय रहते बाढ़ बचाव के पुख्ता इंतजाम कर लिए जाएं.

सरयू का कटान जारी, नाव पर जिंदगी
वहीं दूसरी ओर आजमगढ़ जनपद के दियारा क्षेत्र में हालात पहले से ही तनावपूर्ण बने हुए हैं, जहां सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से आम लोगों का दैनिक जीवन बुरी तरह से प्रभावित है. सरयू नदी के किनारे स्थित महुला-गढ़वल बांध से सटे गांवों में नदी का पानी घुस चुका है, जिसके चलते ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. नदी के तेज बहाव में जमीन का कटान होने से गांवों को जोड़ने वाली कई सड़कें कट चुकी हैं. आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाने के कारण लोगों को दूसरी ओर जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है. यहां तक कि छोटे बच्चों को भी स्कूल जाने के लिए नाव पर सवार होकर जान जोखिम में डालना पड़ रहा है.

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Rahul Goel

Rahul Goel is a senior journalist with over 15 years of experience in print and digital media. He currently serves as a Coordinator and Publisher at News18 Hindi, managing State and Local18 content operations a…

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