स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि उसने जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की अगुवाई में हुए प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के सिर पर ताबड़तोड़ प्रहार कर उनकी खोपड़ी फाड़ दी थी. वह यह बात एक यूट्यूब चैनल के साथ पॉडकास्ट इंटरव्यू में कबूल करता दिखा. साथ ही वह पूरे गर्व के साथ यह भी बताता दिखा कि इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देने के बाद भी उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई. दावा किया कि केंद्रीय मंत्री और लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान और दिल्ली सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के साथ उसके काफी अच्छे संबंध हैं इसलिए वह यह सब कर पाया. वह ऑन कैमरा मुस्कुराकर अपने हाथों से किए गए वारदात को बताता दिखा. साथ ही यह भी कहा कि कपिल मिश्रा और चिराग पासवान का फोन कॉल आने के बाद दिल्ली पुलिस ने उसे रिहा कर दिया.
सीजेपी के प्रोटेस्ट के बाद हुई गिरफ्तारी
सोशल मीडिया पर स्वतंत्र भारद्वाज का इंटरव्यू वायरल होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के लोग शुक्रवार को एक बार फिर से प्रदर्शन करने निकले. सीजेपी की तरफ से सौरव दास और आशुतोष रांका प्रदर्शन की अगुवाई करते दिखे. इस दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से बयान आया- ’38-वर्षीय कुमार को हाथापाई के दौरान सिर में साधारण चोट लगी थी.’ पुलिस ने इस दावे को खारिज कर दिया कि उनकी खोपड़ी की हड्डी टूट गई थी. कहा कि स्वतंत्र भारद्वाज और एक अन्य आरोपी सूरज कुमार को घटनास्थल से ही हिरासत में लिया गया, पूछताछ की गई और नोटिस दिया गया. पुलिस ने यह भी कहा कि इस मामले में आरोप-पत्र दायर किया जाएगा.
बुलंदशहर से गिरफ्तार हुआ स्वतंत्र भारद्वाज
चिराग पासवान ने भी स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा
उधर, स्वतंत्र भारद्वाज का इंटरव्यू वायरल होने के बाद बिहार में मुख्य विपक्षी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने अपने सोशल मीडिया पेज के जरिए चिराग पासवान पर आरोप लगाने लगी. वहीं सोशल मीडिया के हर प्लेटफॉर्म पर चिराग पासवान के साथ स्वतंत्र भारद्वाज की तस्वीरें भी तैरने लगीं. स्वतंत्र भारद्वाज की तरफ से पहले पोस्ट की गईं तस्वीरें भी सामने आईं, जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, बीजेपी सांसद मनोज तिवारी, दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा समेत कई हाई प्रोफाइल लोगों के साथ तस्वीरें तैरने लगीं. लेकिन इंटरव्यू में सीधे चिराग पासवान को भैया कहकर संबोधित करने की वजह से एलजेपी (आर) प्रमुख ऐक्टिव हुए.
चिराग पासवान ने मीडिया से बातचीत में कहा- ‘यह घटना अत्यंत गंभीर है. जिस तरह से एक व्यक्ति खुलेआम इस बात को कबूल रहा है कि उसने किसी को इतना मारा कि संभवत: उनकी हत्या हो सकती थी. इस बात को खुलेआम कबूल करना और उसके बाद भी अगर उसपर कार्रवाई नहीं होती तो मैं मानता हूं कि यह बहुत गलत उदाहरण है. इस विषय की गंभीरता को समझते हुए कार्रवाई होनी चाहिए. क्योंकि उसने कई राजनेताओं के साथ मेरे नाम का यूज किया है. इसलिए मैंने उस व्यक्ति के खिलाफ अधिकृत शिकायत भी दर्ज कराई है.’
चिराग ने आगे कहा कि उन्होंने दिल्ली पुलिस से इस मामले में निष्पक्ष जांच करने को भी कहा है. पब्लिक लाइफ में होने के चलते किसी भी राजनेता से कोई भी मिल सकता है, अपनी बातें रख सकता है. इसका मतलब यह कतई नहीं हो सकता है कि वह व्यक्ति उस राजनेता को व्यक्तिगत तौर पर जानता हो. मैं उस व्यक्ति को जानता हूं या वो मुझे व्यक्तिगत तौर पर जानता है यह सरासर गलत है. नाम का मिसयूज करने के लिए शिकायत दर्ज कराई गई है.
पूरे खेल में स्वतंत्र भारद्वाज तो है मोहरा, असली खिलाड़ी तो ये बड़ी दाढ़ी वाला है
स्वतंत्र भारद्वाज खुद को कट्टर हिंदू और सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर बताता है. इसके सोशल मीडिया पेज पर भी बेहद आक्रामक, भद्दे और आपत्तिजनक पोस्ट आते हैं. हाल के दिनों में उसने जंतर मंतर प्रोटेस्ट के दौरान अपनी मौजूदगी की भी कई तस्वीरें उसने पोस्ट कर रखी है. लेकिन असली खेल तो कुछ और है. दरअसल, स्वतंत्र भारद्वाज आज इतना बड़ा अपराध करने की जुर्रत इसलिए कर पाया है क्योंकि वह दक्ष चौधरी की निगरानी में ट्रेंड हुआ है.
दक्ष चौधरी सार्वजनिक रूप से हाई प्रोफाइल लोगों के साथ बदसलूकी करने के लिए जाना जाता है. बताया जाता है कि दक्ष ने सबसे पहले स्वतंत्र को अपने साथ इसलिए जोड़ा था ताकि वह उसकी आपराधिक हरकतों को मोबाइल कैमरे में कैद करे और फिर उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करके दहशत फैलाया जा सके. आप तस्वीर में देखकर दक्ष चौधरी को पहचान सकते हैं. तस्वीर में दिख रहे छह लड़कों में बड़ी दाढ़ी (सेविंग) और बड़े बालों वाला लड़का ही दक्ष चौधरी है, जबकि जिस दूसरे लड़के चेहरे पर गोला लगा हुआ है वह स्वतंत्र भारद्वाज है.
बड़ी दाढ़ी (सेविंग) और बड़े बालों वाला दक्ष चौधरी है जबकि गोले में दिख रहा दूसरा स्वतंत्र भारद्वाज.
कन्हैया कुमार प्रकरण में चर्चित हुआ था स्वतंत्र का गुरू दक्ष
- याद करा दें कि मई 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के प्रत्याशी कन्हैया कुमार प्रचार के लिए निकले थे. इसी दौरान दक्ष चौधरी ने सरेआम उन्हें थप्पड़ जड़ दिया था. इस मामले में उसके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई थी, लेकिन कुछ दिनों बाद ही रिहा कर दिया गया था.
- इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में अयोध्या की सीट पर बीजेपी की हार होने पर दक्ष ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उसने अयोध्यावासियों को भद्दी-भद्दी गालियां दी थी.
- फरवरी 2025 में दक्ष ने अकबर रोड पर लगी साइनबोर्ड पर कालिख पोत दी थी. फिल्म छावा में छत्रपति शिवाजी के चरित्र चित्रण को लेकर हुए विवाद के बाद उसने ऐसा किया था.
- इसके अलावा दक्ष पर मथुरा में जबरन शराब ठेका बंद कराने के आरोप लगे. दक्ष पर इसी साल मार्च में गाजियाबाद के अंकुर विहार इलाके में होली के बहाने लड़की के साथ छेड़खानी के आरोप लगे. इसी साल जुलाई में प्रदर्शनकारी छात्रों को जान से मारने की धमकी देते हुए वीडियो वायरल हुआ. दक्ष चौधरी के खिलाफ इसी तरह के कई आपराधिक कारनामों को अंजाम देने के आरोप हैं.
दक्ष की गैंग में उत्पात मचाने की मिलती है ट्रेनिंग
कुछ दिन पहले दक्ष चौधरी ने आर्थिक आरक्षण मोर्चा (AAM) के नाम से एक अभियान शुरू करने की बात कही थी. दक्ष चौधरी की गैंग में दर्जन भर से ज्यादा उत्पाती लड़के हैं, उन्हीं में से स्वतंत्र भारद्वाज एक है. बताया जाता है कि दक्ष चौधरी अपनी गैंग में उन्हीं लड़कों को लेता है जो आपराधिक सोच के होते हैं. गैंग में लेने के बाद वह उसे कट्टर हिंदुत्व के नाम पर अपराध को अंजाम देने की ट्रेनिंग देता है. कई बार जब दक्ष खुद अपराध को अंजाम देता है तो वे लड़के उसकी मदद में शामिल रहते हैं.
स्वतंत्र भारद्वाज ने क्यों सरेआम कबूला गुनाह?
बताया जा रहा है कि दक्ष चौधरी की गैंग में शामिल स्वतंत्र भारद्वाज पहले केवल घटनाओं का वीडियो बनाने के लिए रखा गया था. जंतर मंतर प्रदर्शन के दौरान स्वतंत्र ने आपराधिक वारदात को खुद अंजाम दे बैठा. स्वतंत्र को लग रहा था कि वह जबतक दक्ष चौधरी के अधीन रहकर काम करता रहेगा तो उसकी अलग पहचान नहीं बन पाएगी. इसलिए वह कुछ ऐसा करना चाह रहा था कि जिससे पूरे देश में उसे जाना पहचाना जा सके.
इसके लिए उसने पहले अपने सोशल मीडिया पेज पर जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन के दिन वहां लाठी लेकर तैनान होने की तस्वीरें अपलोड करता रहा. वह बताने की कोशिश करता रहा कि जंतर मंतर पर छात्रों के साथ मारपीट की घटना में वो भी शामिल था. लेकिन तस्वीरों से बात ज्यादा नहीं फैली तो उसने यूट्यूब चैनल को इंटरव्यू देकर अपने गुनाहों का महिमामंडन करता दिखा. इंटरव्यू के दौरान उसकी भाव भंगिमा को देखकर भी इन तमाम बातों की पुष्टि होती दिखती है. यानी दक्ष चौधरी से जल्दी फेमस होने के लिए स्वतंत्र भारद्वाज ने गुनाह कबूलने की गलती कर दी. हालांकि यह पुलिस जांच में ही पता चल पाएगा कि स्वतंत्र ने यह गलती अपने गुरु दक्ष चौधरी के इशारे पर की या खुद से.
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



