अनिरुद्धाचार्य महाराज ने राहुल गांधी पर कसा तंज
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मनुस्मृति का जिक्र करते हुए महिलाओं की उनके पिता, भाई और पति पर निर्भरता को लेकर की गई टिप्पणी पर भी कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी कभी तीन तलाक के बारे में बोलें? राहुल गांधी कभी बुर्के के बारे में बोलें? राहुल गांधी कभी हलाला के बारे में बोलें? क्या हलाला नारी का सम्मान है? क्या तीन तलाक नारी का सम्मान है? उन मुद्दों पर कुछ नहीं बोलते राहुल गांधी. केवल सनातन को टारगेट करते हैं. सनातन का अपमान और अनादर करते रहते हैं.
आपको बुराई ही देखनी है, तो आप बुराई ही देखेंगे
अनिरुद्धाचार्य ने कहा, ‘राहुल गांधी को मनुस्मृति थोड़ी पढ़ लेनी चाहिए. उसी में लिखा है-‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते.’ अब आपको बुराई ही देखनी है तो आप बुराई ही देखेंगे. समाज ने तो माता सीता में भी बुराई ढूंढ ली. यदि आप मनुस्मृति में बुराई ढूंढना चाहें, जब अर्थ का अनर्थ ही करना है आपको, तो फिर अनर्थ करके बुराई ढूंढ लीजिए.’
संसार में अच्छे-बुरे, हर तरह के लोग
उन्होंने कहा, ‘संसार में सब तरह के लोग हैं, अच्छे भी और बुरे भी. हर जगह अच्छाई भी मिल जाएगी और बुराई भी. संतजन कहते हैं ना- ‘बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय, जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय.’ तो अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए. आपका सनातन से कोई लेना-देना नहीं है तो सनातन को केवल टारगेट करेंगे, अपमानित करेंगे और बदनाम करने का प्रयास करेंगे’.
नारी को दिया गया भगवान का दर्जा
अनिरुद्धाचार्य ने कहा, ‘सनातन में ही नारी को भगवान का दर्जा दिया गया है. दुर्गा मां देवी के रूप में विराजमान हैं. सीता मां राम जी के साथ हैं. राधा जी कृष्ण जी के साथ हैं. हमारे यहां मंदिर में भगवान के साथ भगवती भी हैं लेकिन मुसलमानों में अल्लाह को ईश्वर की उपाधि दी गई है पर क्या उनके यहां नारी को ईश्वर की उपाधि है? क्या ईसाइयों में नारी को भगवान की उपमा या उपाधि दी गई है? नहीं. नारी का इतना सम्मान केवल सनातन में है. यह बात राहुल गांधी को कोई समझा दे कि नारी का सम्मान सनातन धर्म में है.’
मनुस्मृति पढ़ने पर होगा धर्म का ज्ञान
उन्होंने मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए कहा, ‘जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवी-देवताओं का वास होता है और सुख-समृद्धि आती है. राहुल गांधी थोड़ा पढ़ लिया करें. अगर मनुस्मृति आपको समझ में नहीं आती तो उसमें क्यों घुस रहे हैं? मनुस्मृति पढ़ोगे तो धर्म का ज्ञान होगा कि हमें कैसे चलना चाहिए, धर्म के अनुसार कैसे जीवन जीना चाहिए. कोई जबरदस्ती थोड़ी कह रहा है कि नहीं, आप यह बात मान ही लीजिए. जो अच्छी लगे, मान लो. नहीं लगे तो छोड़ दो. इसमें बुराई ही क्या है.’
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