‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने बॉलीवुड के दोहरे रवैये पर खुलकर अपनी भड़ास निकाली है. उनका कहना है कि जब वह अपनी फिल्म के लिए इंडस्ट्री के लोगों से मदद मांगने गए, तो सबने मुंह फेर लिया और किनारे हो गए. लेकिन जैसे ही उनकी मूवी हनुमान अंश ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाया, वही लोग अचानक बधाई देने के लिए फोन करने लगे. विशाल ने साफ किया कि वह ऐसे दिखावटी लोगों का नाम तक लेना पसंद नहीं करेंगे.
‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने किया खुलासा.
नई दिल्ली. नीम करोली बाबा पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर हंगामा मचा दिया है. चौथे हफ्ते भी फिल्म की कमाई की रफ्तार जारी है. आम दर्शकों से लेकर फिल्मी सितारों तक, हर तरफ इस फिल्म की तारीफ हो रही है. लेकिन इस सफलता के बीच फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने बॉलीवुड इंडस्ट्री के दोहरे रवैये को उजागर किया है. विशाल का कहना है कि वह बधाई देने वाले ज्यादातर बड़े हस्तियों का नाम तक नहीं लेना चाहते, क्योंकि जब उन्हें मदद की सख्त जरूरत थी, तब इन्हीं लोगों ने उनका साथ देने से साफ इनकार कर दिया था.
द रौनक पॉडकास्ट पर बातचीत के दौरान विशाल ने बताया कि कैसे शुरुआत में उनकी फिल्म के शो काटकर दूसरी बड़ी फिल्मों को दे दिए गए थे. उन्होंने कहा, ‘इस फिल्म को किसी स्टार ने नहीं, बल्कि आम जनता ने आगे बढ़ाया है. बड़ी फिल्मों की रिलीज के चक्कर में थिएटर मालिकों ने हमारे शो बेहद कम कर दिए. हमारे शो की संख्या 250 से घटाकर महज 25 कर दी गई थी. बड़े और प्राइम लोकेशंस वाले पीवीआर और सिनेपोलिस जैसे मल्टीप्लेक्स हमारी फिल्म को स्क्रीन देने में कतरा रहे थे.’
मुश्किल वक्त में नहीं मिली मदद
क्या फिल्म रिलीज से पहले बॉलीवुड से कोई सपोर्ट मिला? यह पूछने पर विशाल ने बताया कि कैसे इंडस्ट्री का रुख भी रातों-रात बदल गया. उन्होंने कहा, ‘जब फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा बिजनेस करने लगी तो इंडस्ट्री के तमाम लोगों के बधाई देने के लिए फोन आने लगे. लेकिन मैं उनका नाम नहीं लूंगा. हां, मधुर भंडारकर जी ने भी मुझे फोन करके बधाई दी, जिनसे मैंने कभी कोई मदद भी नहीं मांगी थी. लेकिन बाकी लोगों का जिक्र मैं बिल्कुल नहीं करूंगा, क्योंकि मुश्किल वक्त में जब मैं उनके पास मदद मांगने गया था, तब किसी ने मेरा साथ नहीं दिया. अब जब फिल्म हिट हो गई है, तो महज औपचारिकता के लिए बधाई देने वालों का नाम लेने का कोई मतलब नहीं बनता.’
इंडस्ट्री में भरे पड़े हैं भ्रमित लोग
विशाल ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘इंडस्ट्री में ज्यादातर लोगों को खुद नहीं पता होता कि कौन-सी चीज बॉक्स ऑफिस पर काम करेगी, लेकिन फिर भी वे दूसरों को ज्ञान बांटने में आगे रहते हैं. हमारी पूरी इंडस्ट्री भ्रमित लोगों से भरी पड़ी है. यहां दो तरह के लोग हैं- एक वो जो वाकई पूरी शिद्दत के साथ फिल्में बनाना चाहते हैं और दूसरे वो जिनमें सिनेमा को लेकर कोई जुनून नहीं है, बस वे टाइमपास के लिए फिल्म मेकिंग में हाथ आजमाने आ जाते हैं.’
2 करोड़ की लागत में बनी है ‘हनुमान अंश’
कौन थे नीम करोली बाबा?
उत्तर प्रदेश के अकबरपुर गांव में करीब 1900 के आसपास जन्मे नीम करोली बाबा एक महान आध्यात्मिक संत और भगवान हनुमान के परम भक्त थे. उन्होंने 11 सितंबर 1973 को वृंदावन में अपना देह त्याग दिया था. नीम करोली बाबा के विचार और उनका आशीर्वाद आज भी दुनियाभर में करोड़ों श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं. फिल्म ‘हनुमान अंश’ इसी आस्था को सिनेमा के पर्दे पर पूरी भव्यता के साथ पेश करती है.
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कामता प्रसाद (KP) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 सालों का लंबा अनुभव है. वर्तमान में वह न्यूज18 हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कामता को एंटरटेनमेंट …
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